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Budaun News: लापरवाही की हद, तीन दिन से टूटे पड़े तार की किसी ने नहीं ली सुध
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नैथुआ प्राथमिक विद्यालय परिसर में टूटे तार को दिखाते युवक। संवाद
बदायूं। गांव नैथुआ के प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार सुबह बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से दो सगे भाइयों के झुलसने की घटना ने ग्रामीणों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता में डाल दिया है। विद्यालय में तीन दिन से बिजली का तार टूटा पड़ा था, लेकिन शिक्षकों ने उसे सही कराने की सुध नहीं ली। तार के लटके रहने की वजह से हादसा हो गया।
हादसे की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए थे। ग्रामीणों ने भी टूटे तार को ठीक नहीं कराने का आरोप लगाया। हालांकि तार की चपेट में आने से झुलसे बच्चों की हालत अब ठीक है। निजी अस्पताल में उपचार कराकर घर चले गए।
पिता बोले- बत्ती जाने से बच गई बच्चों की जान
पीड़ित बच्चों के पिता लियाकत अली का कहना है कि बच्चे स्कूल में पढ़ने आए थे, कोई शिक्षक दिखाई नहीं दिया। तीन दिन से तार टूटे पड़े हैं, शिक्षकों ने टूटे तारों को सही कराने के लिए गौर नहीं किया। एक बच्चा तार से चिपक गया। उसे बचाने में दूसरा भी चिपक गया। बत्ती चली जाने से दोनों की जान बच गई।
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शिक्षक बोले- बच्चों ने बताया था कि बंदर तोड़ गए हैं तार
विद्यालय के शिक्षक शकूर अहमद अंसारी का कहना है कि सुबह में काफी संख्या में बंदर आए थे। बंदरों ने तार तोड़ दिया था, बच्चों ने यह बात दोनों भाइयों को करंट लगने के बाद बताई। एक बच्चा आंगनबाड़ी केंद्र पढ़ता है वह पानी पीने जा रहा था। उसी को पहले हल्का करंट लगा था। दोनों बच्चे ठीक हैं।
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हादसे की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए थे। ग्रामीणों ने भी टूटे तार को ठीक नहीं कराने का आरोप लगाया। हालांकि तार की चपेट में आने से झुलसे बच्चों की हालत अब ठीक है। निजी अस्पताल में उपचार कराकर घर चले गए।
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पिता बोले- बत्ती जाने से बच गई बच्चों की जान
पीड़ित बच्चों के पिता लियाकत अली का कहना है कि बच्चे स्कूल में पढ़ने आए थे, कोई शिक्षक दिखाई नहीं दिया। तीन दिन से तार टूटे पड़े हैं, शिक्षकों ने टूटे तारों को सही कराने के लिए गौर नहीं किया। एक बच्चा तार से चिपक गया। उसे बचाने में दूसरा भी चिपक गया। बत्ती चली जाने से दोनों की जान बच गई।
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शिक्षक बोले- बच्चों ने बताया था कि बंदर तोड़ गए हैं तार
विद्यालय के शिक्षक शकूर अहमद अंसारी का कहना है कि सुबह में काफी संख्या में बंदर आए थे। बंदरों ने तार तोड़ दिया था, बच्चों ने यह बात दोनों भाइयों को करंट लगने के बाद बताई। एक बच्चा आंगनबाड़ी केंद्र पढ़ता है वह पानी पीने जा रहा था। उसी को पहले हल्का करंट लगा था। दोनों बच्चे ठीक हैं।

नैथुआ प्राथमिक विद्यालय परिसर में टूटे तार को दिखाते युवक। संवाद

नैथुआ प्राथमिक विद्यालय परिसर में टूटे तार को दिखाते युवक। संवाद