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Budaun News: तीसरे दिन भी नहीं मिला डूबा छात्र, लौटी एसडीआरएफ की टीम
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कछला में आजाद के घर पर बदवास बैठीं परिवार की महिलाएं। संवाद
उझानी/ कछला। तीन दिन पहले बहोरा नगला घाट से गंगा में बहे छात्र का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लगा। मंगलवार शाम तक एसडीआरएफ की टीम जुटी रही। बहोरा नगला के आसपास जलस्तर कम होने से स्टीमर फंस गई। इसलिए एसडीआरएफ की टीम मुरादाबाद लौट गई है।
कछला कस्बे के वार्ड नौ निवासी देवेंद्र कश्यप का 12 वर्षीय बेटा आजाद बहोरा नगला घाट पर अपने दोस्तों के संग गंगा स्नान करने गया तो डूब गया। उसके परिजनों और पंखियानगला के प्राइवेट गोताखोरों ने उसकी तलाश की। कछला चौकी कपिल कुमार ने बताया कि बहोरा नगला के पास गंगा में पानी कम होने से एसडीआरएफ का स्टीमर दो-तीन बार फंस गया। ऐसे में स्टीमर को दौड़ाया नहीं जा सकता। बुधवार सुबह में एसडीआरएफ की टीम मुरादाबाद लौट गई। पुलिस ने प्राइवेट गोताखोरों और नाविकों के जरिये कादरचौक तक उसकी तलाश करवाई।
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दो बहनों के बीच अकेला भाई था आजाद
आजाद कश्यप का पता नहीं चलने से उसकी मां बदहवास हैं। देवेंद्र के तीन बच्चे हैं। उसकी दो बेटियां अयांशी (7) और खुशबू डेढ़ साल की है। दो बहनों के बीच अकेला भाई आजाद सबका दुलारा था। बुधवार पूरे दिन देवेंद्र के घर आने- जाने वालों का तांता लगा रहा। पड़ोसियों ने अपने घार से लाकर बच्चों को खाना खिलाया। उनके घर में तो हादसे के बाद से चूल्हा नहीं जला है।
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कछला कस्बे के वार्ड नौ निवासी देवेंद्र कश्यप का 12 वर्षीय बेटा आजाद बहोरा नगला घाट पर अपने दोस्तों के संग गंगा स्नान करने गया तो डूब गया। उसके परिजनों और पंखियानगला के प्राइवेट गोताखोरों ने उसकी तलाश की। कछला चौकी कपिल कुमार ने बताया कि बहोरा नगला के पास गंगा में पानी कम होने से एसडीआरएफ का स्टीमर दो-तीन बार फंस गया। ऐसे में स्टीमर को दौड़ाया नहीं जा सकता। बुधवार सुबह में एसडीआरएफ की टीम मुरादाबाद लौट गई। पुलिस ने प्राइवेट गोताखोरों और नाविकों के जरिये कादरचौक तक उसकी तलाश करवाई।
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दो बहनों के बीच अकेला भाई था आजाद
आजाद कश्यप का पता नहीं चलने से उसकी मां बदहवास हैं। देवेंद्र के तीन बच्चे हैं। उसकी दो बेटियां अयांशी (7) और खुशबू डेढ़ साल की है। दो बहनों के बीच अकेला भाई आजाद सबका दुलारा था। बुधवार पूरे दिन देवेंद्र के घर आने- जाने वालों का तांता लगा रहा। पड़ोसियों ने अपने घार से लाकर बच्चों को खाना खिलाया। उनके घर में तो हादसे के बाद से चूल्हा नहीं जला है।
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