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Budaun News: तीन महीने में ही ढह गया 22 लाख से बना नाला
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उझानी के हजरतगंज गांव में ढहा नाला। संवाद
उझानी। हजरतगंज गांव में दिल्ली हाईवे किनारे क्षेत्र पंचायत और मनरेगा के करीब 22 लाख रुपये से बने नाले का एक हिस्सा तीन महीने में ही दगा दे गया और ढह गया। पहली बारिश में ढहे नाले की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव हजरतगंज में ब्लॉक संसाधान केंद्र के पश्चिम में दिल्ली हाईवे किनारे करीब छह सौ मीटर लंबे नाले का निर्माण अप्रैल में हुआ था। पहले चरण का निर्माण कार्य मनरेगा के करीब 10 लाख रुपये से तो दूसरे चरण में हाईवे किनारे शिव मंदिर तक नाले का निर्माण क्षेत्र पंचायत निधि से करीब 12 लाख रुपये खर्च कर किया गया था।
ग्रामीण सत्यपाल ने बताया कि दो दिन पहले तेज बारिश के दौरान शाम को नाला ढह गया। निर्माण की गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठाए गए थे। इसके बाद भी अफसरों ने हकीकत नहीं परखी। प्रधान के प्रतिनिधि ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि हाईवे किनारे जिस स्थान पर नाला ढहा है, उसका निर्माण मनरेगा की धनराशि से हुआ है। गुणवत्ता में कोई कमी नहीं बरती गई। फिर भी क्षतिग्रस्त नाले की जल्द ही मरम्मत कराने के लिए ब्लॉक के अफसरों से वार्ता की जाएगी।
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ग्रामीणों के आंदोलन के बाद बना था नाला
हजरतगंज गांव में नाले के अभाव में ग्रामीणों को करीब तीन साल तक जलभराव का सामना करना पड़ा। दिल्ली हाईवे के उच्चीकरण के बाद पानी का निकास बंद हो गया। लोकसभा चुनाव का ग्रामीणों ने बहिष्कार का एलान किया तो अफसर हरकत में आए। विधायक हरीश शाक्य के समझाने पर ग्रामीणों ने बहिष्कार का निर्णय वापस लेकर मतदान किया तो नाला निर्माण से पहले दिसंबर महीने में हाईवे पर भरे गंदे पानी की वजह से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। करीब एक महीने तक हाईवे की एक लेन भी बंद रही थी।
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नाला ढहने के बारे में जानकारी नहीं है। हाल ही में उझानी ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार मिला है। नाला कैसे ढहा है, इस बारे में अधीनस्थ अफसरों और कर्मचारियों से पता करेंगे। जांच भी कराएंगे।
- नितिन कुमार, बीडीओ, सलारपुर
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ब्लॉक क्षेत्र के गांव हजरतगंज में ब्लॉक संसाधान केंद्र के पश्चिम में दिल्ली हाईवे किनारे करीब छह सौ मीटर लंबे नाले का निर्माण अप्रैल में हुआ था। पहले चरण का निर्माण कार्य मनरेगा के करीब 10 लाख रुपये से तो दूसरे चरण में हाईवे किनारे शिव मंदिर तक नाले का निर्माण क्षेत्र पंचायत निधि से करीब 12 लाख रुपये खर्च कर किया गया था।
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ग्रामीण सत्यपाल ने बताया कि दो दिन पहले तेज बारिश के दौरान शाम को नाला ढह गया। निर्माण की गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठाए गए थे। इसके बाद भी अफसरों ने हकीकत नहीं परखी। प्रधान के प्रतिनिधि ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि हाईवे किनारे जिस स्थान पर नाला ढहा है, उसका निर्माण मनरेगा की धनराशि से हुआ है। गुणवत्ता में कोई कमी नहीं बरती गई। फिर भी क्षतिग्रस्त नाले की जल्द ही मरम्मत कराने के लिए ब्लॉक के अफसरों से वार्ता की जाएगी।
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ग्रामीणों के आंदोलन के बाद बना था नाला
हजरतगंज गांव में नाले के अभाव में ग्रामीणों को करीब तीन साल तक जलभराव का सामना करना पड़ा। दिल्ली हाईवे के उच्चीकरण के बाद पानी का निकास बंद हो गया। लोकसभा चुनाव का ग्रामीणों ने बहिष्कार का एलान किया तो अफसर हरकत में आए। विधायक हरीश शाक्य के समझाने पर ग्रामीणों ने बहिष्कार का निर्णय वापस लेकर मतदान किया तो नाला निर्माण से पहले दिसंबर महीने में हाईवे पर भरे गंदे पानी की वजह से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। करीब एक महीने तक हाईवे की एक लेन भी बंद रही थी।
नाला ढहने के बारे में जानकारी नहीं है। हाल ही में उझानी ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार मिला है। नाला कैसे ढहा है, इस बारे में अधीनस्थ अफसरों और कर्मचारियों से पता करेंगे। जांच भी कराएंगे।
- नितिन कुमार, बीडीओ, सलारपुर