फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   The debt-troubled young man lives by consuming Slfas

कर्ज से परेशान युवक ने सल्फास खाकर दी जान

Sat, 13 Feb 2016 07:53 PM IST
बदायूं।
बदायूं। Updated Sat, 13 Feb 2016 07:53 PM IST
विज्ञापन
The debt-troubled young man lives by consuming Slfas
 
विज्ञापन

कर्ज से परेशान युवक ने सल्फास खाकर जान दे दी। परिवार वालों ने उसके दोस्त पर ही हत्या का आरोप लगाते हुए लालपुल तिराहे के पास बरेली-मथुरा हाइवे जाम कर दिया। बाद में शहर विधायक आबिद रजा के आश्वासन पर इन लोगों ने जाम खोला। शुक्रवार की देर रात करीब एक घंटे तक हाइवे जाम रहा। मामले में पुलिस ने मृतक के दोस्त महेंद्र कश्यप के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शहर के पक्का बाग मोहल्ले में रहने वाले पुरुषोत्तम साहू (30) पुत्र स्वर्गीय धर्मदास साहू की गोपीचौक इलाके में दुकान है। वह जानवरों का चोकर बेचने का काम करता था। कुछ दिन पहले उसने ये दुकान बंद कर छोले-भटूरे का ठेला लगाना शुरू कर दिया। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे पुरुषोत्तम अपनी दुकान खोलने पहुंचा। यहां कुछ देर बार उसके बेहोशी की हालत में पड़े होने की सूचना घरवालों को दी गई। परिवार वाले पुरुषोत्तम को लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर ने बताया कि उसने सल्फास का सेवन किया है। हालत गंभीर देख उसे बरेली ले जाया गया, लेकिन उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। शुक्रवार रात करीब साढ़े दस बजे बजे परिवार वाले पुरुषोत्तम का शव लेकर घर आ गए।
विज्ञापन

इसके बाद उसके परिवार वालों ने उसके दोस्त महेंद्र पर हत्या का आरोप लगाते हुए हाइवे जाम कर दिया। रात बारह बजे तक हाइवे करीब एक घंटे जाम रहा। सिविल लाइंस और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। बाद में शहर विधायक आबिद रजा के आस्वासन पर लोगों ने जाम खोला। पुलिस ने महेंद्र के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मृतक के भाई ने लगाया आरोप
पुरुषोत्तम के भाई राजकुमार साहू का आरोप है कि पास में ही जूस का ठेला  लगाने वाले सम्राट अशोक नगर निवासी महेंद्र कश्यप ने पुरुषोत्तम के मध्यम  से पांच लाख से अधिक का कर्जा ले लिया था। कहीं कर्ज देना न पड़ जाए इसलिए उसने पुरुषोत्तम को जहर खिलाकर मार दिया। जबकि महेंद्र के घरवालों की मानें तो पुरुषोत्तम पर पहले ही बाजार का लाखों रुपये का कर्ज था। उस पर कर्ज निपटाने का  दबाव लगातार बढ़ रहा था। इससे वह परेशान रहने लगा था। कर्जदार होने के कारण ही उसने अपनी दुकान बंद कर दूसरा धंधा किया था। यहां उतनी आमदनी न होने से वह गहरे अवसाद में था।

सदमे में है पत्नी
 पुरुषोत्तम के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। वह पत्नी सरस्वती साहू और दो बेटों जिनकी उम्र आठ और चार साल की है के साथ अलग रह रहा था। गल्ला का व्यापार बंद होने के बाद उसने भूसी का व्यापार किया। बाद में यह धंधा भी बंद हो गया। कुछ दिन पहले उनसे बाजार में ही छोले-भटूरे का ठेला लगाना शुरू कर दिया था। व्यापार ठप होने से सरस्वती को इतना बड़ा सदमा नहीं लगा, जो अब पति के न रहने से लगा है। वह बदहवास है। छोटे बच्चे भी बाप के साए से महरूम हो गए हैं।


प्रारंभिक पड़ताल में पता लगा है कि मामला आत्महत्या का है। परिवार वाले हत्या का आरोप लगा रहे थे। फिलहाल खुदकुशी के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है। विवचेना में जो तथ्य सामने आएंगे, धाराएं तरमीम की जाएंगी।
-मनोज कुमार सिंह, इंस्पेक्टर कोतवाली
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed