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Budaun News: अमर ज्योति के निदेशकों की खंगाली जा रही संपत्ति, करीबियों पर कसेगा शिकंजा
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जालंधरी सराय में अमर ज्योति कंपनी का कार्यालय। संवाद
बदायूं। अमर ज्योति यूनिवर्स लिमिटेड कंपनी के निदेशकों की संपत्ति खंगालने के लिए जिले के सभी एसडीएम को लगाया गया है। डीएम के माध्यम से सभी को पत्र भेजा गया है। संपत्ति का ब्योरा मिलने के बाद निदेशकों व उनके करीबी रिश्तेदारों पर शिकंजा कसा जाएगा। उधर, एसआईटी पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। निदेशकों की तलाश में भी कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
कंपनी के निदेशकों पर धोखाधड़ी के अब तक चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इन मुकदमों के बाद अब निदेशकों पर शिकंजा कसने के लिए दातागंज, सहसवान, बिल्सी, उझानी और सदर तहसीलों के एसडीएम से पत्राचार कर संपत्ति की जानकारी मांगी गई है। साथ ही सभी बैंकों से पत्राचार कर निदेशकों, उनके भाई व अन्य करीबी रिश्तेदारों के खातों को सीज करने के लिए भी पत्र भेजा गया है।
देर शाम तक जिले के किसी बैंक में कंपनी का कोई खाता नहीं मिला था। वहीं, सदर तहसील के अलावा कहीं और संपत्ति नहीं मिल सकी। सदर तहसील क्षेत्र के गांव लौडा बहेड़ी में कंपनी के निदेशकों ने जमीन खरीदी थी। जिसको मार्च में बेच दिया गया। ऐसे में आशंका है कि निदेशक पहले ही कंपनी को बंद कर भागने की फिराक में थे और मौका मिलते ही करोड़ों रुपये हड़प कर भाग निकले।
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30 मई को हुआ था हंगामा
30 मई को उस समय हंगामा हो गया था, जब निवेशकों को भनक लगी थी कि कंपनी का सभी सामान निकालकर कुछ कर्मचारी ले जा रहे हैं और कंपनी निदेशक भाग रहे हैं। सैकड़ों निवेशक मौके पर भी पहुंच गए थे और जमकर हंगामा किया था।
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विदेशों तक है निदेशकों की जड़ें
बदायूं व बरेली से करोड़ों रुपये कंपनी में जमा कराने के बाद निवेशकों को नही लौटाया और निदेशक कंपनी बंद कर भाग निकले। कंपनी के एक खास एजेंट ने बताया कि उसके जो भी निवेशक थे उनका वह भुगतान करा चुका है, क्याेंकि उसको भनक लग गई थी कि कंपनी के निदेशक यहां का सारा पैसा कहीं विदेश में लगाने जा रहे हैं। एजेंट ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिले की सारी संपत्ति निदेशक मार्च में ही बेच चुके हैं।-- -
एसएसपी ने लिखा बैंकों को पत्र
एसएसपी ने बैंकों को पत्र लिखा है। उसमें निदेशक, उसके सगे भाई, पत्नी, पिता व अन्य करीबी रिश्तेदारों की खातों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही उनके खातों को भी सीज करने के लिए कहा गया है। इस कार्रवाई से निदेशकों को आर्थिक रूप से तोड़ने की तैयारी है।
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संपत्ति की जानकारी के लिए सभी एसडीएम से पत्राचार किया गया है। निदेशक व उनके करीबियों के खातों को सीज करने के लिए सभी बैंकों को नोटिस भेजा गया है। जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी
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कंपनी के निदेशकों पर धोखाधड़ी के अब तक चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इन मुकदमों के बाद अब निदेशकों पर शिकंजा कसने के लिए दातागंज, सहसवान, बिल्सी, उझानी और सदर तहसीलों के एसडीएम से पत्राचार कर संपत्ति की जानकारी मांगी गई है। साथ ही सभी बैंकों से पत्राचार कर निदेशकों, उनके भाई व अन्य करीबी रिश्तेदारों के खातों को सीज करने के लिए भी पत्र भेजा गया है।
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देर शाम तक जिले के किसी बैंक में कंपनी का कोई खाता नहीं मिला था। वहीं, सदर तहसील के अलावा कहीं और संपत्ति नहीं मिल सकी। सदर तहसील क्षेत्र के गांव लौडा बहेड़ी में कंपनी के निदेशकों ने जमीन खरीदी थी। जिसको मार्च में बेच दिया गया। ऐसे में आशंका है कि निदेशक पहले ही कंपनी को बंद कर भागने की फिराक में थे और मौका मिलते ही करोड़ों रुपये हड़प कर भाग निकले।
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30 मई को हुआ था हंगामा
30 मई को उस समय हंगामा हो गया था, जब निवेशकों को भनक लगी थी कि कंपनी का सभी सामान निकालकर कुछ कर्मचारी ले जा रहे हैं और कंपनी निदेशक भाग रहे हैं। सैकड़ों निवेशक मौके पर भी पहुंच गए थे और जमकर हंगामा किया था।
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विदेशों तक है निदेशकों की जड़ें
बदायूं व बरेली से करोड़ों रुपये कंपनी में जमा कराने के बाद निवेशकों को नही लौटाया और निदेशक कंपनी बंद कर भाग निकले। कंपनी के एक खास एजेंट ने बताया कि उसके जो भी निवेशक थे उनका वह भुगतान करा चुका है, क्याेंकि उसको भनक लग गई थी कि कंपनी के निदेशक यहां का सारा पैसा कहीं विदेश में लगाने जा रहे हैं। एजेंट ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिले की सारी संपत्ति निदेशक मार्च में ही बेच चुके हैं।
एसएसपी ने लिखा बैंकों को पत्र
एसएसपी ने बैंकों को पत्र लिखा है। उसमें निदेशक, उसके सगे भाई, पत्नी, पिता व अन्य करीबी रिश्तेदारों की खातों की जानकारी मांगी गई है। साथ ही उनके खातों को भी सीज करने के लिए कहा गया है। इस कार्रवाई से निदेशकों को आर्थिक रूप से तोड़ने की तैयारी है।
संपत्ति की जानकारी के लिए सभी एसडीएम से पत्राचार किया गया है। निदेशक व उनके करीबियों के खातों को सीज करने के लिए सभी बैंकों को नोटिस भेजा गया है। जानकारी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी