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Budaun News: दोहरे हत्याकांड में पिता-पुत्रों समेत दस दोषियों को आजीवन कारावास

Sat, 08 Mar 2025 01:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 08 Mar 2025 01:02 AM IST
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Ten convicts including father and sons sentenced to life imprisonment in double murder case
बदायूं। रजपुरा थाना क्षेत्र में 19 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड के पिता-पुत्रों समेत दस आरोपियों को फॉस्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश ने दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 21-21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एक दोषी टीटू उर्फ हरिकिशोर को तमंचा रखने का दोषी करार दिया है। उसे पांच वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना अलग से लगाया गया है।
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संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव जहानपुर निवासी राजवीर ने रजपुरा थाने पर दोहरे हत्याकांड का मुकदमा दर्ज कराया था। बता दें तब रजपुरा बदायूं जिले में लगता था। बाद में यह संभल में चला गया। राजवीर ने थाने में दी तहरीर में कहा था कि 7 अगस्त 2006 की देर रात गांव के महेंद्र सिंह के खेत में बंटाई पर लगाई गई मक्का की रखवाली करने उसका भाई चेतराम और भतीजा मनवीर गए हुए थे।
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रात करीब एक बजे सात से आठ लोग खेत पर आए। वे लोग उसके भाई चेतराम व भतीजे मनवीर को खेत से खींच कर ले गए। कुछ दूर ले जाकर दोनों को गोली मार दी। इसमें भाई चेतराम की मौके पर ही मौत हो गई। भतीजे मनवीर की उपचार के दौरान मौत हो गई। मनवीर ने मौत से पहले गोली मारने वाले आरोपियों के नाम बताए थे।
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इसमें नीरज, अतर सिंह एवं उनके पिता खुशीराम, राकेश, टीटू उर्फ हरिकिशोर, सोमवीर, वीरेंद्र पुत्र दरियाब सिंह, तोताराम, बलधारी पुत्र सियाराम एवं तिलक सिंह थे। यह सभी आरोपी मृतक के गांव के ही थे। पुलिस ने मुकदमा दर्जकर विवेचना शुरू कर साक्ष्यों को संकलित करके नीरज, अतर सिंह, राकेश और टीटू उर्फ हरिकिशोर आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया।

जहां बाद में अदालत ने धारा 319 दंड प्रक्रिया संहिता की कार्रवाई करते हुए खुशी राम, तोताराम, बलधारी, तिलक सिंह, वीरेंद्र एवं सोमवीर को आरोपी बनाकर विचारण के लिए तलब किया। तब से मामला अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने एवं दलीलों को सुनने के बाद पिता-पुत्रों समेत सभी दस दोषियों को दोहरे हत्याकांड का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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