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Budaun News: शिक्षकों ने सिम ही नहीं खरीदे, बेकार साबित हो रहे टैबलेट
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बदायूं। ऑनलाइन उपस्थिति सहित अन्य कार्यों के लिए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से टैबलेट दिए गए हैं, लेकिन शिक्षकों ने अब तक सिम नहीं खरीदे हैं। लिहाजा कई माह बीत जाने के बाद भी टैबलेट का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
जिले के 2155 परिषदीय विद्यालयों में करीब साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। फिलहाल शिक्षण कार्य और शिक्षकों की हाजिरी ऑफलाइन लग रही है। शासन इसमें बदलाव कर ऑनलाइन कार्य को प्राथमिकता दे रहा है। इसके लिए जिले में 3371 टैबलेट दिए गए हैं। कुछ विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक होने की वजह से दो टैबलेट दिए गए हैं, लेकिन शिक्षक इनके प्रयोग के प्रति गंभीरता नहीं हैं। शिक्षकों का कहना है शासन ने सिम ही नहीं दिए हैं।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी ने बताया कि शासन को चाहिए कि वह सिम और डाटा दे, ताकि शिक्षक टैबलेट पर काम कर सकें। बीएसए स्वाति भारती ने बताया कि मिड-डे मील की रिपोर्ट अभी 2.4 प्रतिशत विद्यालयों से टैबलेट से मिल रही है। यही हाल छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का है। इसे बढ़ाने के लिए शिक्षकों और शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों से वार्ता की जा चुकी है।
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जिले के 2155 परिषदीय विद्यालयों में करीब साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। फिलहाल शिक्षण कार्य और शिक्षकों की हाजिरी ऑफलाइन लग रही है। शासन इसमें बदलाव कर ऑनलाइन कार्य को प्राथमिकता दे रहा है। इसके लिए जिले में 3371 टैबलेट दिए गए हैं। कुछ विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक होने की वजह से दो टैबलेट दिए गए हैं, लेकिन शिक्षक इनके प्रयोग के प्रति गंभीरता नहीं हैं। शिक्षकों का कहना है शासन ने सिम ही नहीं दिए हैं।
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी ने बताया कि शासन को चाहिए कि वह सिम और डाटा दे, ताकि शिक्षक टैबलेट पर काम कर सकें। बीएसए स्वाति भारती ने बताया कि मिड-डे मील की रिपोर्ट अभी 2.4 प्रतिशत विद्यालयों से टैबलेट से मिल रही है। यही हाल छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का है। इसे बढ़ाने के लिए शिक्षकों और शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों से वार्ता की जा चुकी है।
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