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Budaun News: एक साल में बढ़ा दिया 10 गुना टैक्स, अब आपत्तियों की भरमार
Wed, 03 May 2023 02:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Wed, 03 May 2023 02:09 AM IST
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02बीडीएन21-कार्यालय नगर पालिका परिषद,बदायूं।संवाद
बदायूं। नगर पालिका में इस साल गृहकर और जलकर दस गुना तक बढ़ा दिया गया है। पिछले साल की तुलना में बढ़ाए गए इस टैक्स की जानकारी जैसे-जैसे लोगों को हुई तो हर तरफ आपत्ति होने लगी। तमाम शिकायतें भी पालिका में हुईं, लेकिन अधिकांश का समाधान अब तक नहीं निकल पाया। हालांकि अब तक 3450 आपत्तियां पालिका में दर्ज कराई जा चुकी हैं।
नगर पालिका प्रशासन अब तक सामान्य रूप से टैक्स में वृद्धि करता रहा है, लेकिन पिछले साल से जो बढ़ोतरी की गई है, उससे लोगों के होश उड़ गए हैं। इस टैक्स के नोटिस जब शहरवासियों के पास पहुंचे तो शिकायतों का दौर शुरू हो गया, लेकिन पालिका प्रशासन किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुआ। जब नगर पालिका में प्रशासक नियुक्त हुए तो कुछ बकायेदारों की समस्याओं को सुलझाया गया।
इसके बाद भी तमाम लोग ऐसे हैं, जो बेहिसाब बढ़ाए गए टैक्स को जमा करने में असमर्थतता जता रहे हैं। नगर पालिका की ओर से टैक्स वसूलने के नाम पर की गई मनमानी का मुद्दा जहां शहरवासियों के बीच अब मुद्दा बन गया है, वहीं तमाम लोग इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।
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यह है टैक्स वसूली का प्रावधान
पालिका प्रशासन के अनुसार, गृह और जलकर वसूलने के लिए नगर पालिका प्रशासन वार्डवार सर्किल रेट के आधार पर कर निर्धारित करता है। इसमें जो कॉमर्शियल भवन हैं, उसमें सर्किल रेट और बिल्डिंग की लागत का 15 प्रतिशत औसत निकाला जाता है। इसके बाद 15 प्रतिशत में पांच प्रतिशत टैक्स वसूले जाने का प्रावधान है। इसी तरह से आवासीय भवन के गृह और जलकर में सर्किल रेट के आधार पर पांच प्रतिशत में भी कटौती की जाती है। पालिका के आंकड़ों में शहर में 28 हजार भवन हैं, जिन पर करीब सात करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। पालिका इसमें से अब तक ढाई करोड़ वसूल चुकी है। नए लगाए गए टैक्स के सापेक्ष अब तक 3450 लोगों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
वर्ष 2007 से 2017 तक नहीं हुई थी टैक्स की बढ़ोतरी
नगर पालिका में समय-समय पर टैक्स प्रक्रिया में बदलाव का प्रावधान है। नगर पालिका बोर्ड बैठक को यह अधिकार होता है कि बोर्ड की बैठक में वह नियमानुसार टैक्स की बढ़ोतरी कर सकते हैं। ऐसे में वर्ष 2007 में टैक्स के बदलाव में रोक लगाई गई थी। इसके बाद वर्ष 2017 तक टैक्स प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया गया। वर्ष 2017 के बाद टैक्स में बदलाव किया गया और वर्ष 2022 में बेहिसाब टैक्स बढ़ा दिया गया।
660 से एक ही साल में कर दिया 6260 रुपये का टैक्स
शहर के रहने वाले सतीश चंद्र ने वर्ष 2021-22 में जलकर और गृहकर 660 रुपये जमा किए थे। नगर पालिका की ओर से वर्ष 2022-23 का जो टैक्स भेजा गया उसमें उनको 6260 रुपये का नोटिस भेजा गया है। इस तरह से तमाम ऐसे मामले नगर पालिका कार्यालय में आ रहे हैं, जिसमें करीब 10 गुना तक टैक्स बढ़ाया गया है।
टैक्स बढ़ोतरी की आपत्तियां आ रही हैं। इसके समाधान का विकल्प तलाशा जा रहा है। -डॉ. दीप कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद
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नगर पालिका प्रशासन अब तक सामान्य रूप से टैक्स में वृद्धि करता रहा है, लेकिन पिछले साल से जो बढ़ोतरी की गई है, उससे लोगों के होश उड़ गए हैं। इस टैक्स के नोटिस जब शहरवासियों के पास पहुंचे तो शिकायतों का दौर शुरू हो गया, लेकिन पालिका प्रशासन किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुआ। जब नगर पालिका में प्रशासक नियुक्त हुए तो कुछ बकायेदारों की समस्याओं को सुलझाया गया।
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इसके बाद भी तमाम लोग ऐसे हैं, जो बेहिसाब बढ़ाए गए टैक्स को जमा करने में असमर्थतता जता रहे हैं। नगर पालिका की ओर से टैक्स वसूलने के नाम पर की गई मनमानी का मुद्दा जहां शहरवासियों के बीच अब मुद्दा बन गया है, वहीं तमाम लोग इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।
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यह है टैक्स वसूली का प्रावधान
पालिका प्रशासन के अनुसार, गृह और जलकर वसूलने के लिए नगर पालिका प्रशासन वार्डवार सर्किल रेट के आधार पर कर निर्धारित करता है। इसमें जो कॉमर्शियल भवन हैं, उसमें सर्किल रेट और बिल्डिंग की लागत का 15 प्रतिशत औसत निकाला जाता है। इसके बाद 15 प्रतिशत में पांच प्रतिशत टैक्स वसूले जाने का प्रावधान है। इसी तरह से आवासीय भवन के गृह और जलकर में सर्किल रेट के आधार पर पांच प्रतिशत में भी कटौती की जाती है। पालिका के आंकड़ों में शहर में 28 हजार भवन हैं, जिन पर करीब सात करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। पालिका इसमें से अब तक ढाई करोड़ वसूल चुकी है। नए लगाए गए टैक्स के सापेक्ष अब तक 3450 लोगों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
वर्ष 2007 से 2017 तक नहीं हुई थी टैक्स की बढ़ोतरी
नगर पालिका में समय-समय पर टैक्स प्रक्रिया में बदलाव का प्रावधान है। नगर पालिका बोर्ड बैठक को यह अधिकार होता है कि बोर्ड की बैठक में वह नियमानुसार टैक्स की बढ़ोतरी कर सकते हैं। ऐसे में वर्ष 2007 में टैक्स के बदलाव में रोक लगाई गई थी। इसके बाद वर्ष 2017 तक टैक्स प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया गया। वर्ष 2017 के बाद टैक्स में बदलाव किया गया और वर्ष 2022 में बेहिसाब टैक्स बढ़ा दिया गया।
660 से एक ही साल में कर दिया 6260 रुपये का टैक्स
शहर के रहने वाले सतीश चंद्र ने वर्ष 2021-22 में जलकर और गृहकर 660 रुपये जमा किए थे। नगर पालिका की ओर से वर्ष 2022-23 का जो टैक्स भेजा गया उसमें उनको 6260 रुपये का नोटिस भेजा गया है। इस तरह से तमाम ऐसे मामले नगर पालिका कार्यालय में आ रहे हैं, जिसमें करीब 10 गुना तक टैक्स बढ़ाया गया है।
टैक्स बढ़ोतरी की आपत्तियां आ रही हैं। इसके समाधान का विकल्प तलाशा जा रहा है। -डॉ. दीप कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद

02बीडीएन21-कार्यालय नगर पालिका परिषद,बदायूं।संवाद

02बीडीएन21-कार्यालय नगर पालिका परिषद,बदायूं।संवाद