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विवाहिता के बच्चे का डीएनए टेस्ट कराएगी पुलिस

Thu, 28 Nov 2019 12:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2019 12:51 AM IST
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दबतोरी (बदायूं)। दो साल बाद मायके से लौटी एक विवाहिता और उसके बच्चे को पति और ससुराल वालों ने लांछन का आरोप लगाते हुए अपनाने से इनकार कर दिया। पति ने यहां तक कह डाला कि बच्चा उसका नहीं है और अब वह उसे अपने साथ नहीं रखना चाहता। कलंक का दंश झेलने वाली महिला ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई जिसके बाद अब बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा ताकि पति का शक दूर हो सके।
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बिसौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला की शादी बिल्सी क्षेत्र एक गांव के युवक के साथ हुई थी। शादी के करीब दो साल हो चुके हैं। विवाहिता का आरोप है कि करीब एक साल पहले उसका पति कामकाज के चलते बाहर चला गया। वह उस समय दो माह के गर्भ से थी। पति ससुराल में नहीं था तो वह मायके चली गई। मायके में ही उसने एक बेटे को जन्म दिया। जब पति को इसकी खबर लगी तो उसने बेटे को ही अपना मानने से इनकार कर दिया। उसने विवाहिता को भी लाने से इनकार कर दिया। पति-पत्नी के विवाद के बीच तीन दिन पहले विवाहिता बच्चे को लेकर ससुराल पहुंची तो ससुराल वालों ने उसे घर में नहीं घुसने दिया। उस पर बदचलन का आरोप लगाया। महिला पति के दरवाजे पर खड़े होकर रोती रही लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। बाद में पड़ोसियों ने महिला को अपने घर में पनाह दी। जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विवाहिता ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने विवाहिता की शिकायत पर दोनों पक्षों में फैसला कराने को अहमियत दी है लेकिन ससुराल वाले मानने को तैयार नहीं हुए। बाद में पुलिस का दबाव पड़ा उसके बाद वह ससुराल पहुंची। हालांकि पति अब भी उससे अपनाने से साफ इनकार कर रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का भी प्रयास किया लेकिन बाद नहीं बनी। अब पुलिस का कहना है कि अगर दोनों पक्ष के लोग समझौते को तैयार नहीं होते हैं तो बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा ताकि पुष्टि हो सके कि बच्चा पति का है या नहीं।
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महिला के पति को बुलाया गया है। गुरुवार को उनके परिवार वालों के बीच आपस में फैसला होगा। पहले तो उनके बीच फैसला हो जाएगा। अगर नहीं हुआ तो बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
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पंकज लवानिया, इंस्पेक्टर बिसौली
वैसे तो डीएनए टेस्ट बाल, नाखून से और स्किन से हो सकता है, लेकिन सबसे सरल ब्लड से रहता है। बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने के लिए मां-बाप और बच्चे के ब्लड सैंपल भेजे जाएंगे। तब कहीं सही जांच निकलकर सामने आएगी। इसकी जांच लखनऊ, मुरादाबाद और आगरा फोरेंसिक लैब में होती हैं।
डॉ. नितिन कुमार सिंह, ईएमओ जिला अस्पताल
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