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Budaun News: दातागंज से बिनावर तक चल रहा सिंथेटिक पनीर का धंधा
Fri, 25 Aug 2023 01:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Fri, 25 Aug 2023 01:11 AM IST
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दातागंज (बदायूं)। जब से बराही गांव में सिंथेटिक पनीर और नकली घी बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई है। तब से कई ऐसे गांव भी प्रकाश में आए हैं। जहां बड़े पैमाने पर सिंथेटिक पनीर बनाने का धंधा चल रहा है। वहां कई बड़ी फैक्ट्रियों के रूप में काम किया रहा है।
दातागंज इलाके से लेकर बिनावर थाना क्षेत्र के कई गांव में धड़ल्ले से सिंथेटिक पनीर बनाया जा रहा है। उनमें मुगर्रा, काने नगला, विलहैत और कादराबाद समेत कई गांव ज्यादा बदनाम हैं। यानी दूसरे शब्दों में कहें तो इन गांव में बड़े पैमाने पर सिंथेटिक पनीर बनाया जा रहा है। यहां पनीर बनते और सप्लाई होते काफी लंबा समय हो चुका है।
अब तो क्षेत्र का हर व्यक्ति जान गया है लेकिन हैरानी की बात यह है कि न तो यहां खाद्य विभाग ने छापा मारा और न ही कभी पुलिस ने आकर चेक किया। कुछ लोगों का तो यह कहना है कि इन गांव में बन रहे सिंथेटिक पनीर के बारे में पुलिस अच्छी तरह से जानती है। पुलिस को उसकी महीनादारी भी पहुंचती है। इससे थाना पुलिस कभी यहां हाथ नहीं डालती। यह पनीर भी बरेली और उत्तराखंड के अलावा दिल्ली भेजा जाता है। सिंथेटिक पनीर बनाने के मामले में बिनावर इलाका सबसे आगे है।
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चार साल पहले पकड़ा गया था पनीर
- करीब चार साल पहले बिनावर इलाके में सिंथेटिक पनीर का बड़ा जखीरा पकड़ा गया था। यह पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। तब से न तो पुलिस ने कहीं जाकर पनीर पकड़ा और न ही ऐसा कोई मामला सामने आया।
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दातागंज इलाके से लेकर बिनावर थाना क्षेत्र के कई गांव में धड़ल्ले से सिंथेटिक पनीर बनाया जा रहा है। उनमें मुगर्रा, काने नगला, विलहैत और कादराबाद समेत कई गांव ज्यादा बदनाम हैं। यानी दूसरे शब्दों में कहें तो इन गांव में बड़े पैमाने पर सिंथेटिक पनीर बनाया जा रहा है। यहां पनीर बनते और सप्लाई होते काफी लंबा समय हो चुका है।
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अब तो क्षेत्र का हर व्यक्ति जान गया है लेकिन हैरानी की बात यह है कि न तो यहां खाद्य विभाग ने छापा मारा और न ही कभी पुलिस ने आकर चेक किया। कुछ लोगों का तो यह कहना है कि इन गांव में बन रहे सिंथेटिक पनीर के बारे में पुलिस अच्छी तरह से जानती है। पुलिस को उसकी महीनादारी भी पहुंचती है। इससे थाना पुलिस कभी यहां हाथ नहीं डालती। यह पनीर भी बरेली और उत्तराखंड के अलावा दिल्ली भेजा जाता है। सिंथेटिक पनीर बनाने के मामले में बिनावर इलाका सबसे आगे है।
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चार साल पहले पकड़ा गया था पनीर
- करीब चार साल पहले बिनावर इलाके में सिंथेटिक पनीर का बड़ा जखीरा पकड़ा गया था। यह पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। तब से न तो पुलिस ने कहीं जाकर पनीर पकड़ा और न ही ऐसा कोई मामला सामने आया।