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सुंदर नगर गांव के बच्चों की पढ़ाई चौपट
अमर उजाला ब्यूरो इस्लामनगर।
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:42 AM IST
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चौपट
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रगान न गाने वाले शिक्षकों पर ठोस कार्रवाई नहीं, शिक्षा प्रेरक के सहारे है स्कूल
अफसरों और शिक्षकों की मनमानी के चलते सुंदरनगर के बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है। बीएसए ने राष्ट्रगान न गाने के आरोपी दोनों शिक्षकों पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल अस्थायी पर तौर पर हटाया है। उनके स्थान पर शिक्षक संतोष कुमार की अस्थायी तैनाती कर दी गई। वह विवाद से बचने के लिए शिक्षा प्रेरक को चार्ज देकर अपने मूल तैनाती वाले स्कूल में चले गए। यानी पूरा स्कूल केवल शिक्षा प्रेरक के सहारे चल रहा है। इससे ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। उनका कहना है कि आरोपी शिक्षकों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो धरना, प्रदर्शन और रोड जाम करने के साथ मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि इतना बड़ा मामला होने के बावजूद अब तक कोई अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। इससे अधिकारियों और आरोपी शिक्षकों के बीच साठगांठ साफ लगती है। इस मामले में कुछ लोग मुख्यमंत्री दरबार में पेश होकर शिकायत करने का मन बना चुके हैं।
इस्लामनगर विकास खंड क्षेत्र के गांव सुंदर नगर स्थित विद्यालय में कुल 185 बच्चे हैं। वहां तैनात शिक्षा प्रेरक के मुताबिक 185 बच्चे की पांच कक्षाएं लगती हैं। अकेले पांच कक्षाओं में पढ़ाना असंभव है। केवल बच्चों को घेरा जा सकता है। ऐसे हालात में पढ़ाई नहीं हो सकती।
लोगों से बात
ग्राम प्रधान यशवीर सिंह का कहना है कि बीएसए सपा की मानसिकता से नहीं उबर पा रहे हैं। इसी के चलते अब तक आरापियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। वह मुख्यमंत्री से इस प्रकरण पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
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रिटायर अध्यापक मोहनलाल का कहना है कि उन्होंने 20 साल इसी स्कूल में पढ़ाया। कभी ऐसी नौबत नहीं आई। आज स्कूल के बच्चे परेशान हैं। अधिकारी व शिक्षक मनमानी कर रहे हैं। शिक्षा का स्तर यह है कि बच्चे अपना नाम नहीं लिख सकते।
यहां के विक्रम का कहना है कि हम अपने बच्चों को इस विद्यालय से हटाकर कहीं दूसरे स्कूल में भेजेगें। ऐसे माहौल में यहां पढ़ाई हो पाना मुश्किल है। अब यहां रखने का मतलब बच्चों का भविष्य खराब करना है।
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अफसरों और शिक्षकों की मनमानी के चलते सुंदरनगर के बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है। बीएसए ने राष्ट्रगान न गाने के आरोपी दोनों शिक्षकों पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल अस्थायी पर तौर पर हटाया है। उनके स्थान पर शिक्षक संतोष कुमार की अस्थायी तैनाती कर दी गई। वह विवाद से बचने के लिए शिक्षा प्रेरक को चार्ज देकर अपने मूल तैनाती वाले स्कूल में चले गए। यानी पूरा स्कूल केवल शिक्षा प्रेरक के सहारे चल रहा है। इससे ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। उनका कहना है कि आरोपी शिक्षकों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो धरना, प्रदर्शन और रोड जाम करने के साथ मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि इतना बड़ा मामला होने के बावजूद अब तक कोई अधिकारी गांव नहीं पहुंचा। इससे अधिकारियों और आरोपी शिक्षकों के बीच साठगांठ साफ लगती है। इस मामले में कुछ लोग मुख्यमंत्री दरबार में पेश होकर शिकायत करने का मन बना चुके हैं।
इस्लामनगर विकास खंड क्षेत्र के गांव सुंदर नगर स्थित विद्यालय में कुल 185 बच्चे हैं। वहां तैनात शिक्षा प्रेरक के मुताबिक 185 बच्चे की पांच कक्षाएं लगती हैं। अकेले पांच कक्षाओं में पढ़ाना असंभव है। केवल बच्चों को घेरा जा सकता है। ऐसे हालात में पढ़ाई नहीं हो सकती।
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लोगों से बात
ग्राम प्रधान यशवीर सिंह का कहना है कि बीएसए सपा की मानसिकता से नहीं उबर पा रहे हैं। इसी के चलते अब तक आरापियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। वह मुख्यमंत्री से इस प्रकरण पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
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रिटायर अध्यापक मोहनलाल का कहना है कि उन्होंने 20 साल इसी स्कूल में पढ़ाया। कभी ऐसी नौबत नहीं आई। आज स्कूल के बच्चे परेशान हैं। अधिकारी व शिक्षक मनमानी कर रहे हैं। शिक्षा का स्तर यह है कि बच्चे अपना नाम नहीं लिख सकते।
यहां के विक्रम का कहना है कि हम अपने बच्चों को इस विद्यालय से हटाकर कहीं दूसरे स्कूल में भेजेगें। ऐसे माहौल में यहां पढ़ाई हो पाना मुश्किल है। अब यहां रखने का मतलब बच्चों का भविष्य खराब करना है।