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गर्मी में बिजली कटौती से बढ़ रहा गुस्से का पारा
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 22 Apr 2016 12:03 AM IST
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कहने को सूबे में बदायूं जिले की गिनती वीआईपी जिलों में की जाती है, शायद यह श्रेणी सिर्फ कागजों में ही मिली है। सरकार हर-गांव शहर को भरपूर बिजली देने के लंबे-चौड़े वायदे कर रही है, मगर बदायूं शहर में गर्मी के मौसम में की जा रही अघोषित कटौती ने हर किसी को परेशान करके रख दिया है। देर रात की कटौती ने सभी की नींद उड़ा दी है। दिन में किस वक्त सप्लाई गुल हो जाए, यह भी पता नहीं। लिहाजा, 24 घंटे में कई बार की जा रही कटौती को लेकर लोगों में बिजली महकमे के प्रति गुस्सा बढ़ रहा है।
अप्रैल माह में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त है। इससे बचने के लिए लोगों को बिजली की जरूरत होती है, लेकिन वो भी ठीक से नहीं मिल रही है। शहर में बिजली की स्थिति दिनों दिन खराब होती जा रही है। शेड्यूल के मुताबिक सप्लाई नहीं मिल रही है। सुबह नौ बजे के बाद जब गर्मी अपना असर दिखाती है, तो बिजली भी कई बार गुल होती है। लिहाजा, गर्मी से परेशान लोग ऐसे स्थान की तलाश में रहते हैं, जहां पर उन्हें सुकून मिल सके। शहर में रात को 12 बजे के बाद रोजाना दो से तीन घंटे तक की कटौती की जाती है। यह वो समय होता है, जब हर कोई गहरी नींद में सोता है, लेकिन सप्लाई गायब हो जाने के बाद उनकी नींद उड़ जाती है। लोगों का कहना है कि शहर में मनमाने तरीके से कटौती की जा रही है। बेहिसाब कटौती से लोगों का पारा हाई हो रहा है।
लोगों का कहना है कि वीआईपी जिले के नेता भी इस समस्या को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं दिख रहे हैं, जबकि शासन का आदेश है कि शहर और कस्बों में भरपूर सप्लाई दी जाए।
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सांसद धर्मेंद्र करें सार्थक प्रयास
बदायूं। लोगों का कहना है कि क्षेत्रीय सांसद धर्मेंद्र यादव को चाहिए वह गर्मी के मौसम में शहर और जिले के लोगों को अच्छी सप्लाई दिलाएं। वजह है कि बिजली पर ही सब कुछ निर्भर होता है। बिजली मिलेगी तो गर्मी से राहत रहेगी और सिंचाई भी हो सकेगी।
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स्थानीय स्तर पर बिल्कुल भी कटौती नहीं की जा रही है। जो भी कटौती हो रही है वह पावर कंट्रोल से हो रही है। उन्हें भी तात्कालिक सूचना मिलती है। कभी शेड्यूल से ज्यादा भी सप्लाई मिलती है, इसलिए जनता को चाहिए वह धैर्य रखकर विभाग का सहयोग करें।
-छैलबिहारी, एक्सईएन
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अप्रैल माह में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के कारण जनजीवन अस्तव्यस्त है। इससे बचने के लिए लोगों को बिजली की जरूरत होती है, लेकिन वो भी ठीक से नहीं मिल रही है। शहर में बिजली की स्थिति दिनों दिन खराब होती जा रही है। शेड्यूल के मुताबिक सप्लाई नहीं मिल रही है। सुबह नौ बजे के बाद जब गर्मी अपना असर दिखाती है, तो बिजली भी कई बार गुल होती है। लिहाजा, गर्मी से परेशान लोग ऐसे स्थान की तलाश में रहते हैं, जहां पर उन्हें सुकून मिल सके। शहर में रात को 12 बजे के बाद रोजाना दो से तीन घंटे तक की कटौती की जाती है। यह वो समय होता है, जब हर कोई गहरी नींद में सोता है, लेकिन सप्लाई गायब हो जाने के बाद उनकी नींद उड़ जाती है। लोगों का कहना है कि शहर में मनमाने तरीके से कटौती की जा रही है। बेहिसाब कटौती से लोगों का पारा हाई हो रहा है।
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लोगों का कहना है कि वीआईपी जिले के नेता भी इस समस्या को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं दिख रहे हैं, जबकि शासन का आदेश है कि शहर और कस्बों में भरपूर सप्लाई दी जाए।
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सांसद धर्मेंद्र करें सार्थक प्रयास
बदायूं। लोगों का कहना है कि क्षेत्रीय सांसद धर्मेंद्र यादव को चाहिए वह गर्मी के मौसम में शहर और जिले के लोगों को अच्छी सप्लाई दिलाएं। वजह है कि बिजली पर ही सब कुछ निर्भर होता है। बिजली मिलेगी तो गर्मी से राहत रहेगी और सिंचाई भी हो सकेगी।
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स्थानीय स्तर पर बिल्कुल भी कटौती नहीं की जा रही है। जो भी कटौती हो रही है वह पावर कंट्रोल से हो रही है। उन्हें भी तात्कालिक सूचना मिलती है। कभी शेड्यूल से ज्यादा भी सप्लाई मिलती है, इसलिए जनता को चाहिए वह धैर्य रखकर विभाग का सहयोग करें।
-छैलबिहारी, एक्सईएन