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खेल-खेल में बच्चे के गले में अटका सिक्का
दबतोरी (बदायूं)।
Updated Wed, 31 May 2017 11:38 PM IST
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पांच घंटे की मशक्कत के बाद निकला, परिवार वालों ने ली राहत की सांस
थाना फैजगंज बेहटा के गांव सिसरका में अपनी नानी के यहां रहने आए एक बच्चे के गले में खेल-खेल में दो रुपये का सिक्का अटक गया। परिवार वालों ने आनन-फानन में उसे चंदौसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सिक्का निकाला जा सका। पूरे समय परिवार वालों के हाथ-पांव फूले रहे।
ग्राम भदासना, मुरादाबाद निवासी चार वर्षीय उमंग और उसका छह साल का बड़ा भाई निखिल 28 मई को पिता के साथ गांव में अपनी नानी के यहां आए हुए थे। मंगलवार को पिता नीरज सिंह बच्चों को छोड़कर वापस मुरादाबाद के लिए निकल गए। उनके जाने के बाद गांव में आइसक्रीम बेचने वाला आया तो, बच्चों की जिद पर नानी ने उन्हें दो-दो रुपये देकर आइसक्रीम लेने के लिए भेज दिया। इस दौरान उमंग सिक्का मुंह में रखकर खेलने लगा। खेल-खेल में सिक्का उमंग के गले तक चला गया और अटक गया। उसके भाई निखिल ने जब ये देखा तो दौड़कर अपनी नानी उर्मिला देवी को यह जानकारी दी। यह सुनकर घबराई नानी और अन्य परिवार वाले उमंग को लेकर आनन-फानन में अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। इस दौरान चंदौसी के दो डॉक्टरों ने इस संबंध में हाथ खड़े कर दिए। बाद में डॉ. हिमांशु वार्ष्णेय ने बच्चे को नशा देकर दूरबीन से काफी मशक्कत के बाद सिक्का निकला। दिनभर पूरा परिवार परेशान रहा।
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थाना फैजगंज बेहटा के गांव सिसरका में अपनी नानी के यहां रहने आए एक बच्चे के गले में खेल-खेल में दो रुपये का सिक्का अटक गया। परिवार वालों ने आनन-फानन में उसे चंदौसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सिक्का निकाला जा सका। पूरे समय परिवार वालों के हाथ-पांव फूले रहे।
ग्राम भदासना, मुरादाबाद निवासी चार वर्षीय उमंग और उसका छह साल का बड़ा भाई निखिल 28 मई को पिता के साथ गांव में अपनी नानी के यहां आए हुए थे। मंगलवार को पिता नीरज सिंह बच्चों को छोड़कर वापस मुरादाबाद के लिए निकल गए। उनके जाने के बाद गांव में आइसक्रीम बेचने वाला आया तो, बच्चों की जिद पर नानी ने उन्हें दो-दो रुपये देकर आइसक्रीम लेने के लिए भेज दिया। इस दौरान उमंग सिक्का मुंह में रखकर खेलने लगा। खेल-खेल में सिक्का उमंग के गले तक चला गया और अटक गया। उसके भाई निखिल ने जब ये देखा तो दौड़कर अपनी नानी उर्मिला देवी को यह जानकारी दी। यह सुनकर घबराई नानी और अन्य परिवार वाले उमंग को लेकर आनन-फानन में अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। इस दौरान चंदौसी के दो डॉक्टरों ने इस संबंध में हाथ खड़े कर दिए। बाद में डॉ. हिमांशु वार्ष्णेय ने बच्चे को नशा देकर दूरबीन से काफी मशक्कत के बाद सिक्का निकला। दिनभर पूरा परिवार परेशान रहा।
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