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मेडिकल किट के भुगतान पर लगाई रोक
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बदायूं। कोरोना काल के दौरान मेडिकल किट खरीदी गई थीं, जिनमें तमाम अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद शासन की ओर से इस मामले में जांच बैठा दी गई। वही पंचायती राज निदेशक किंजल सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर इसके भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 25 मार्च को देशभर में लॉकडाउन लगाया था। जिसके बाद में देशभर में सारी गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। इसके बाद में धीरे-धीरे अनलॉक प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। बाद में सारी स्थिति सामान्य होने लगी। इस दौरान शासन के निर्देश पर सभी ग्राम पंचायतों में थर्मल स्क्रेनर अैर ऑक्सीमीटर खरीदने के निर्देश दिए। इसके बाद बदायूं समेत प्रदेश के अन्य जनपदों के ग्राम व नगर पंचायतों में कोरोना नियंत्रण के लिए खरीदे गए पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्केनर समेत मेडिकल किट शासन से रेट जारी होने के पहले ही खरीद लिए गए थे। ऐसे में इनकी खरीदारी में अनियमितताओं की शिकायत शासन स्तर पर पहुंची। उसके बाद में शासन ने इसकी जांच कराने का फैसला लिया। एसआईटी से इसकी जांच कराई जा रही है। वहीं पंचायत राज निदेशक किंजल सिंह ने कहा कि जितनी धनराशि अभी बकाया है। उसका भुगतान न किया जाए।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 25 मार्च को देशभर में लॉकडाउन लगाया था। जिसके बाद में देशभर में सारी गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। इसके बाद में धीरे-धीरे अनलॉक प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। बाद में सारी स्थिति सामान्य होने लगी। इस दौरान शासन के निर्देश पर सभी ग्राम पंचायतों में थर्मल स्क्रेनर अैर ऑक्सीमीटर खरीदने के निर्देश दिए। इसके बाद बदायूं समेत प्रदेश के अन्य जनपदों के ग्राम व नगर पंचायतों में कोरोना नियंत्रण के लिए खरीदे गए पल्स ऑक्सीमीटर व थर्मल स्केनर समेत मेडिकल किट शासन से रेट जारी होने के पहले ही खरीद लिए गए थे। ऐसे में इनकी खरीदारी में अनियमितताओं की शिकायत शासन स्तर पर पहुंची। उसके बाद में शासन ने इसकी जांच कराने का फैसला लिया। एसआईटी से इसकी जांच कराई जा रही है। वहीं पंचायत राज निदेशक किंजल सिंह ने कहा कि जितनी धनराशि अभी बकाया है। उसका भुगतान न किया जाए।
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