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Budaun News: अवैध कब्जा ढहाने पहुंची तहसील टीम पर पथराव, पुलिस ने फटकारी लाठी
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घटनास्थल पर खड़ी लेखपाल की क्षतिग्रस्त गाड़ी। संवाद
दातागंज। हजरतपुर थानाक्षेत्र के गांव दुंदीनगला में चकरोड की जमीन बनी दुकान ढहाने पहुंची तहसील की टीम पर कब्जेदारों ने पथराव कर दिया। इस दौरान दो लेखपालों की गाड़ी को तोड़फोड़ की गई। कब्जेदारों ने एक युवक को बेहोशी की हालत में सड़क पर लिटा कर जाम लगा दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठी फटकार कर जाम खुलवाया। इस दौरान होश में आए युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया।
दुंदीनगला निवासी रामशरण ने हजरपुरत-म्याऊं रोड किनारे दो दुकानें बनवा थीं। साथ ही तीन अन्य दुकानों के निर्माण के लिए नींव भरवाई गई।पिछले दिनों लेखपाल ने जांच की तो वह निर्माण चकरोड पर पाया गया। उन्होंने इसकी सूचना एसडीएम को दी। एसडीएम ने उसे ढहाने का निर्देश दिया। इसलिए बृहस्पतिवार को दातागंज तहसील के लेखपाल जितेंद्र और गोपाल पुलिसकर्मियों के साथ जेसीबी लेकर गांव पहुंचे। जैसे ही उन्होंने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की तो कब्जेदारों ने पथराव शुरू कर दिया। ऐसे में दोनों लेखपाल और जेसीबी चालक किसी तरह से बचकर वहां भागे और अधिकारियों को सूचना दी। इस अफरातफरी में रामशरण का बेटा मनोज जेसीबी से टकरा कर गिरा और बेहोश हो गया। परिवार के लोगों ने उसे बीच सड़क पर लेटाकर जाम लगा दिया। परिवार की कई महिलाएं भी जमीन पर लेट गईं। उसके बाद दातागंज, हजरतपुर, उसावां, उसहैत और अलापुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। जाम लगाए हुए लोगाें को समझाने का प्रयास किया। रामशरण, उनके बेटे मनोज और पत्नी जयदेवी ने पुलिस पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इसी बीच एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह और सीओ दातागंज केके तिवारी भी पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने परिवार के लोगों पर लाठी फटकार कर उन्हें उठाया। पुलिस ने जयदेवी को हिरासत में लेने का प्रयास किया तो एक युवक पुलिस से भिड़ गया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। वहीं, आधा घंटा तक हजरपुर-म्याऊं रोड जाम रहा।
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भागे लेखपाल और पुलिसकर्मी
दुंदीनगला में कब्जा हटाने के लिए दो लेखपाल और कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे थे। इन लोगों के पास हेलमेट और जैकेट भी नहीं था। इस वजह से टीम को विरोध के बाद वहां से भागना पड़ा था।
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दुंदीनगला में पांच दुकान की नींव भरी हुई है। इसमें दो दुकान चकरोड की जमीन पर बनाई गई है। लेखपाल की सूचना पर पहुंची टीम पर पथराव किया गया। आधा घंटा तक सड़क जाम रखा है। इस दौरान रामशरण, उनकी पत्नी जयदेवी और मनोज ने खुद को घायल होने की बात कही तो उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। - केके तिवारी, सीओ, दातागंज
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दुंदीनगला निवासी रामशरण ने हजरपुरत-म्याऊं रोड किनारे दो दुकानें बनवा थीं। साथ ही तीन अन्य दुकानों के निर्माण के लिए नींव भरवाई गई।पिछले दिनों लेखपाल ने जांच की तो वह निर्माण चकरोड पर पाया गया। उन्होंने इसकी सूचना एसडीएम को दी। एसडीएम ने उसे ढहाने का निर्देश दिया। इसलिए बृहस्पतिवार को दातागंज तहसील के लेखपाल जितेंद्र और गोपाल पुलिसकर्मियों के साथ जेसीबी लेकर गांव पहुंचे। जैसे ही उन्होंने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की तो कब्जेदारों ने पथराव शुरू कर दिया। ऐसे में दोनों लेखपाल और जेसीबी चालक किसी तरह से बचकर वहां भागे और अधिकारियों को सूचना दी। इस अफरातफरी में रामशरण का बेटा मनोज जेसीबी से टकरा कर गिरा और बेहोश हो गया। परिवार के लोगों ने उसे बीच सड़क पर लेटाकर जाम लगा दिया। परिवार की कई महिलाएं भी जमीन पर लेट गईं। उसके बाद दातागंज, हजरतपुर, उसावां, उसहैत और अलापुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। जाम लगाए हुए लोगाें को समझाने का प्रयास किया। रामशरण, उनके बेटे मनोज और पत्नी जयदेवी ने पुलिस पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इसी बीच एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह और सीओ दातागंज केके तिवारी भी पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने परिवार के लोगों पर लाठी फटकार कर उन्हें उठाया। पुलिस ने जयदेवी को हिरासत में लेने का प्रयास किया तो एक युवक पुलिस से भिड़ गया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। वहीं, आधा घंटा तक हजरपुर-म्याऊं रोड जाम रहा।
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भागे लेखपाल और पुलिसकर्मी
दुंदीनगला में कब्जा हटाने के लिए दो लेखपाल और कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे थे। इन लोगों के पास हेलमेट और जैकेट भी नहीं था। इस वजह से टीम को विरोध के बाद वहां से भागना पड़ा था।
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दुंदीनगला में पांच दुकान की नींव भरी हुई है। इसमें दो दुकान चकरोड की जमीन पर बनाई गई है। लेखपाल की सूचना पर पहुंची टीम पर पथराव किया गया। आधा घंटा तक सड़क जाम रखा है। इस दौरान रामशरण, उनकी पत्नी जयदेवी और मनोज ने खुद को घायल होने की बात कही तो उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। - केके तिवारी, सीओ, दातागंज

घटनास्थल पर खड़ी लेखपाल की क्षतिग्रस्त गाड़ी। संवाद

घटनास्थल पर खड़ी लेखपाल की क्षतिग्रस्त गाड़ी। संवाद

घटनास्थल पर खड़ी लेखपाल की क्षतिग्रस्त गाड़ी। संवाद