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सोलर लाइट लगी नहीं, 22 लाख का भुगतान किया
अमर उजाला ब्यूरो दातागंज।
Updated Mon, 29 Jan 2018 12:36 AM IST
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सोलर प्लांट
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खुलासा होने के बाद आननफानन में लगवाई गईं चंगासी-जमालपुर में लाइटें
सभी ग्राम पंचायतों के खातों से भुगतान पर लगी रोक
शासन भले ही विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के निर्देश करता हो, लेकिन फिर भी घपले कम नहीं हो रहे। ब्लॉक म्याऊं की ग्राम पंचायत जमालपुर और चंगासी का मामला प्रकाश में आया है। जहां पर पथप्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराने को सोलर लाइटें लगनी थीं। दोनों ग्राम पंचायतों में 52-52 सोलर लाइटों का भुगतान करीब 22 लाख सचिव द्वारा पहले ही कर लिया गया। जब लाइटें नहीं लगीं तब दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों में खलबली मच गई। ऐसे मामला कही और न हो इसके मद्देनजर एडीओ पंचायत ने सभी 51 ग्राम पंचायतों के खातों के भुगतान पर रोक लगा दी थी। यह मामला प्रशासनिक अफसरों तक पहुंच गया है।
शासन की मंशा हर गांव को रोशन करने की है सो शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को सौर ऊर्जा से चलने वाली सोलर लाइटें लगवाने को अच्छी खासी धनराशि दी गई। म्याऊं ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत जमालपुर और चंगासी में भी 52-52 लाइटें लगनी थीं। एक लाइट की कीमत दो हजार या इससे अधिक की है। ग्राम पंचायत के सचिव यशपाल शाक्य ने प्रधान के जरिए लाइटों की धनराशि का भुगतान पहले की करा लिया, जबकि लाइटें लगीं नहीं। प्रधानों के पूछने पर सचिव की ओर से यहीं कहा जाता रहा कि जल्द ही लाइटें लग जाएंगी। जब प्रधानों ने मामले से ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ ही सीडीओ आदि को अवगत कराया तब सचिव ने आननफानन में मार्केट से लाइटें खरीदवाकर उन्हें लगवाना शुरू कर दिया। जमालपुर में तो लाइटें पूरी लग गईं हैं, जबकि चंगासी में अभी आधी ही लगीं हैं।
प्रधानों की शिकायत पर मामले को गंभीरता से लेते हुए ब्लॉक के एडीओ पंचायत ने करीब 15 दिन पहले ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली सभी 51 ग्राम पंचायतों के खातों के भुगतान पर रोक लगा दी थी। जब इसकी जानकारी सभी प्रधानों को हुई तो उनमें खलबली मच गई। तब उन्होंने अधिकारियों को इस बारे में बताया। सीडीओ से भी मिले। करीब सात-आठ दिन तक रोक लगी रहने के बाद एडीओ ने भुगतान से रोक हटा ली। एडीओ के खातों से भुगतान पर रोक लगाने की मंशा यहीं थी कि चंगासी और जमालपुर की तरह अन्य ग्राम पंचायतों में ऐसा मामला न हो जाए।
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सचिव यशपाल शाक्य पर है कई ग्राम पंचायत
चंगासी और जमालपुर के सचिव यशपाल शाक्य पर इनके अलावा कई और भी ग्राम पंचायतें हैं। कुछ प्रधानों ने बताया कि ज्यादा ग्राम पंचायतें होने के कारण उनका काम भी दूसरे लोग ही देखते हैं।
ब्लॉक स्तर से हो रही है जांच
चंगासी और जमालपुर ग्राम पंचायत में सोलर लाइटें लगवाने से पहले ही सचिव द्वारा भुगतान निकाल लिए जाने की जांच ब्लॉक स्तर पर हो रही है। हालांकि इस बारे में एसडीएम दातागंज ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
डीपीआरओ बोले- एडीओ ने लगाई थी खातों के भुगतान पर रोक
जिला पंचायती राज अधिकारी राजीव कुमार मौर्य ने कहा कि एडीओ को कुछ समय तक ग्राम पंचायतों के खातों पर रोक लगाने का अधिकार है। सो उसी का इस्तेमाल करते हुए एडीओ ने रोक लगाई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया।
अब नेडा से ही खरीदी जाएंगी लाइटें
चंगासी और जमालपुर में मार्केट से सोलर लाइटें खरीदकर लगाए जाने के मामले को सीडीओ ने भी गंभीरता से लिया है। सीडीओ ने आदेश जारी कर दिए हैं कि अब मार्केट से सोलर लाइटें नहीं खरीदी जाएंगी। सिर्फ नेडा से ही ली जाएंगी।
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सभी ग्राम पंचायतों के खातों से भुगतान पर लगी रोक
शासन भले ही विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के निर्देश करता हो, लेकिन फिर भी घपले कम नहीं हो रहे। ब्लॉक म्याऊं की ग्राम पंचायत जमालपुर और चंगासी का मामला प्रकाश में आया है। जहां पर पथप्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त कराने को सोलर लाइटें लगनी थीं। दोनों ग्राम पंचायतों में 52-52 सोलर लाइटों का भुगतान करीब 22 लाख सचिव द्वारा पहले ही कर लिया गया। जब लाइटें नहीं लगीं तब दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों में खलबली मच गई। ऐसे मामला कही और न हो इसके मद्देनजर एडीओ पंचायत ने सभी 51 ग्राम पंचायतों के खातों के भुगतान पर रोक लगा दी थी। यह मामला प्रशासनिक अफसरों तक पहुंच गया है।
शासन की मंशा हर गांव को रोशन करने की है सो शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को सौर ऊर्जा से चलने वाली सोलर लाइटें लगवाने को अच्छी खासी धनराशि दी गई। म्याऊं ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत जमालपुर और चंगासी में भी 52-52 लाइटें लगनी थीं। एक लाइट की कीमत दो हजार या इससे अधिक की है। ग्राम पंचायत के सचिव यशपाल शाक्य ने प्रधान के जरिए लाइटों की धनराशि का भुगतान पहले की करा लिया, जबकि लाइटें लगीं नहीं। प्रधानों के पूछने पर सचिव की ओर से यहीं कहा जाता रहा कि जल्द ही लाइटें लग जाएंगी। जब प्रधानों ने मामले से ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ ही सीडीओ आदि को अवगत कराया तब सचिव ने आननफानन में मार्केट से लाइटें खरीदवाकर उन्हें लगवाना शुरू कर दिया। जमालपुर में तो लाइटें पूरी लग गईं हैं, जबकि चंगासी में अभी आधी ही लगीं हैं।
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प्रधानों की शिकायत पर मामले को गंभीरता से लेते हुए ब्लॉक के एडीओ पंचायत ने करीब 15 दिन पहले ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली सभी 51 ग्राम पंचायतों के खातों के भुगतान पर रोक लगा दी थी। जब इसकी जानकारी सभी प्रधानों को हुई तो उनमें खलबली मच गई। तब उन्होंने अधिकारियों को इस बारे में बताया। सीडीओ से भी मिले। करीब सात-आठ दिन तक रोक लगी रहने के बाद एडीओ ने भुगतान से रोक हटा ली। एडीओ के खातों से भुगतान पर रोक लगाने की मंशा यहीं थी कि चंगासी और जमालपुर की तरह अन्य ग्राम पंचायतों में ऐसा मामला न हो जाए।
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सचिव यशपाल शाक्य पर है कई ग्राम पंचायत
चंगासी और जमालपुर के सचिव यशपाल शाक्य पर इनके अलावा कई और भी ग्राम पंचायतें हैं। कुछ प्रधानों ने बताया कि ज्यादा ग्राम पंचायतें होने के कारण उनका काम भी दूसरे लोग ही देखते हैं।
ब्लॉक स्तर से हो रही है जांच
चंगासी और जमालपुर ग्राम पंचायत में सोलर लाइटें लगवाने से पहले ही सचिव द्वारा भुगतान निकाल लिए जाने की जांच ब्लॉक स्तर पर हो रही है। हालांकि इस बारे में एसडीएम दातागंज ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
डीपीआरओ बोले- एडीओ ने लगाई थी खातों के भुगतान पर रोक
जिला पंचायती राज अधिकारी राजीव कुमार मौर्य ने कहा कि एडीओ को कुछ समय तक ग्राम पंचायतों के खातों पर रोक लगाने का अधिकार है। सो उसी का इस्तेमाल करते हुए एडीओ ने रोक लगाई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया।
अब नेडा से ही खरीदी जाएंगी लाइटें
चंगासी और जमालपुर में मार्केट से सोलर लाइटें खरीदकर लगाए जाने के मामले को सीडीओ ने भी गंभीरता से लिया है। सीडीओ ने आदेश जारी कर दिए हैं कि अब मार्केट से सोलर लाइटें नहीं खरीदी जाएंगी। सिर्फ नेडा से ही ली जाएंगी।