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Budaun News: सिद्धि जैन बनीं पहली महिला राष्ट्रपति कांस्य पदक विजेता
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उझानी की सिद्दि जैन अपने परिवार के साथ। स्रोत- पिता
उझानी। सिद्धि जैन ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की ट्रेनिंग पूरी कर परिवार का नाम रोशन किया है। उन्हें पहली महिला राष्ट्रपति कांस्य पदक विजेता होने का गौरव मिला है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने सिद्धि को मेडल पहनाया तो परिवार के लोग भी खुशी से झूम उठे।
सिद्धि जैन बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक उझानी निवासी निखिल जैन की बेटी हैं। महाराष्ट्र के पूना में रविवार पूर्वाह्न आयोजित दीक्षांत समारोह में सिद्धि जैन की मेहनत और लगन को ऐसी पहचान मिली, जिसे परिवार को उम्मीद तो थी, लेकिन सिद्धि को स्वर्ण पदक आस थी। अपने अध्ययनरत जीवन में शुरूआत से ही होनहार सिद्धि ने सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा में जिला स्तर पर द्वितीय स्थान पाया था।
एपीएस इंटरनेशनल स्कूल में 12वीं में वह विद्यालय में टॉपर रहीं। जेईई मेन्स की परीक्षा 99.32 परसेंटाइल से उत्तीर्ण कर एनआईटी इलाहाबाद में स्थान पाया था।
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इसके बाद एनडीए में खडकवासला में पूरे भारत में 18 लड़कियों में उन्हें स्थान मिल गया। तीन साल की मेहनत के बाद सिद्धि पासआउट हुईं तो पहली महिला राष्ट्रपति कांस्य पदक विजेता बनीं। एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने दीक्षांत समारोह में उन्हें मेडल पहनाया। उन्हें रीजनल ऑफीसर परेड में बेस्ट एयर फोर्स कैडेट का स्वर्ण पदक मिला है। उनकी दो बहनों में संस्कृति जैन जयपुर में बीटेक अंतिम वर्ष की छात्रा हैं तो शुचि 12वीं सीबीएसई की छात्रा हैं। सिद्धि की मां तृप्ति जैन भी प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका हैं। बेटी की इस उपलब्धि की माता- पिता के अलावा बहनें भी साक्षी बनी हैं।
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सिद्धि जैन बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक उझानी निवासी निखिल जैन की बेटी हैं। महाराष्ट्र के पूना में रविवार पूर्वाह्न आयोजित दीक्षांत समारोह में सिद्धि जैन की मेहनत और लगन को ऐसी पहचान मिली, जिसे परिवार को उम्मीद तो थी, लेकिन सिद्धि को स्वर्ण पदक आस थी। अपने अध्ययनरत जीवन में शुरूआत से ही होनहार सिद्धि ने सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा में जिला स्तर पर द्वितीय स्थान पाया था।
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एपीएस इंटरनेशनल स्कूल में 12वीं में वह विद्यालय में टॉपर रहीं। जेईई मेन्स की परीक्षा 99.32 परसेंटाइल से उत्तीर्ण कर एनआईटी इलाहाबाद में स्थान पाया था।
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इसके बाद एनडीए में खडकवासला में पूरे भारत में 18 लड़कियों में उन्हें स्थान मिल गया। तीन साल की मेहनत के बाद सिद्धि पासआउट हुईं तो पहली महिला राष्ट्रपति कांस्य पदक विजेता बनीं। एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने दीक्षांत समारोह में उन्हें मेडल पहनाया। उन्हें रीजनल ऑफीसर परेड में बेस्ट एयर फोर्स कैडेट का स्वर्ण पदक मिला है। उनकी दो बहनों में संस्कृति जैन जयपुर में बीटेक अंतिम वर्ष की छात्रा हैं तो शुचि 12वीं सीबीएसई की छात्रा हैं। सिद्धि की मां तृप्ति जैन भी प्राथमिक विद्यालय में अध्यापिका हैं। बेटी की इस उपलब्धि की माता- पिता के अलावा बहनें भी साक्षी बनी हैं।