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शिक्षामित्रों का आंदोलन तेज, बैकफुट पर आए बीएसए
बदायूं।
Updated Fri, 17 Apr 2015 12:16 AM IST
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पहले प्रमोशन बाद में समायोजन की मांग को लेकर अड़े शिक्षामित्रों ने बृहस्पतिवार को बेसिक दफ्तर के बाहर उग्र होते हुए आंदोलन किया। वहीं दफ्तर में ताले जड़ दिए। एकाएक गुस्साई भीड़ को देखते हुए कर्मचारी भी मौका पाकर धीरे से खिसक गए। वहीं शाम को बीएसए ने बैकफुट पर आते हुए काउंसिलिंग को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दी। धरनास्थल पर शिक्षक भी साथ में नजर आए। शिक्षामित्रों ने बीएसए का पुतला भी फूंका। बोले, जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता है धरना अनवरत चलता रहेगा।
जितना शांतिपूर्ण ढंग से पहला बैच के शिक्षामित्रों का समायोजन हो गया। वहीं द्वितीय बैच के समायोजन में पद कम होने का पेच अटक गया, लिहाजा बेसिक दफ्तर ने रिक्त 650 पदों पर काउंसिलिंग कराने का निर्णय लिया। वहीं शिक्षामित्रों ने पूर्णतय विरोध जताते हुए एक साथ समायेाजन करने की मांग की। शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जिले में पद रिक्त करने के लिए प्रमोशन किए जाएं, ताकि पद खाली हो और समस्या से निजात मिल सके लेकिन वहीं अब कम प्रमोशन करने का मुद्दा सामने आ गया, जिसके बाद भी समायोजित करने में समस्या खड़ी की खड़ी रह गई। इस पर शिक्षामित्र संघ ने बुधवार को पहले प्रमोशन तथा बाद में समायोजन की मांग को करते हुए प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि जिले में करीब नौ सो प्रमोशन किए जाने हैं, लेकिन बीएसए चार सौ प्रमोशन कर रहे हैं। वहीं बीएसए ने 650 पदों पर समायोजन करने को लेकर विज्ञप्ति भी जारी कर दी। जिसका असर बृहस्पतिवार को नजर आया। रात भर डेरा डाले बैठे रहे शिक्षामित्र उग्र हो गए और उन्होंने हंगामा काटना शुरू कर दिया। सैकड़ों की संख्या में एकत्र शिक्षामित्रों ने बीएसए का पुतला भी फूंका। साथ ही दफ्तर के मेन गेट में ताला डालकर कुंडली जमाकर बैठे रहे। हाय-हाय के नारे लगाने के साथ जमकर कोसा। कहा, उनकी मांगों को मानते हुए अगर पहले प्रमोशन कर एकसाथ समायोजन नहीं किया गया तो वह विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे। इधर, बृहस्पतिवार को बीएसए ने बैकफुट पर आते हुए तय की गई काउंसिलिंग की तिथि को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया।
शिक्षक, अनुदेशक भी दिखे संग
शिक्षामित्रों के धरने के दौरान शिक्षक और अनुदेशक भी साथ नजर आए। धरना प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि शिक्षामित्र सहयोगी हैं। उन्होंने एक लंबा संघर्ष किया है। लिहाजा उनका हक मिलना चाहिए। उन्होंने साथ देने का आश्वासन दिया।
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तालाबंदी की दी चेतावनी
शिक्षामित्रों ने कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने के साथ स्कूलों में तालबंदी करने की भी चेतावनी दी। बृहस्पतिवार को भी इसका असर दिखा। अधिकांश स्कूलों में शिक्षामित्र न पहुंचकर धरने पर जमे नजर आए। बीएसए दफ्तर से लेकर सड़क तक मोटरसाइकिल की लाइन लगी रही। इस मौके पर निर्भान सिंह यादव, रावेंद्र सिंह, सतीश चंद्र, इंतजाब आलम, विनोद राठौर, रामगोपाल, मुनेंद्र पाल, जयप्रकाश, दिनेश चौधरी, संतोष कुमारी, पूजा शर्मा, दीप्ती शर्मा, बाबू खां, राजीव कुमार सिंह, संतोष कुमारी, पूजा शर्मा, जितेंद्र मिश्रा, अभिषेक यादव, सीमा यादव, हरीश यादव, चंद्रकेश यादव, दामोदर यादव, अनुराग यादव, विजेंद्र यादव, ममता, सावित्री, नरेश सोलंकी आदि मौजूद रहे।
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जितना शांतिपूर्ण ढंग से पहला बैच के शिक्षामित्रों का समायोजन हो गया। वहीं द्वितीय बैच के समायोजन में पद कम होने का पेच अटक गया, लिहाजा बेसिक दफ्तर ने रिक्त 650 पदों पर काउंसिलिंग कराने का निर्णय लिया। वहीं शिक्षामित्रों ने पूर्णतय विरोध जताते हुए एक साथ समायेाजन करने की मांग की। शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि जिले में पद रिक्त करने के लिए प्रमोशन किए जाएं, ताकि पद खाली हो और समस्या से निजात मिल सके लेकिन वहीं अब कम प्रमोशन करने का मुद्दा सामने आ गया, जिसके बाद भी समायोजित करने में समस्या खड़ी की खड़ी रह गई। इस पर शिक्षामित्र संघ ने बुधवार को पहले प्रमोशन तथा बाद में समायोजन की मांग को करते हुए प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि जिले में करीब नौ सो प्रमोशन किए जाने हैं, लेकिन बीएसए चार सौ प्रमोशन कर रहे हैं। वहीं बीएसए ने 650 पदों पर समायोजन करने को लेकर विज्ञप्ति भी जारी कर दी। जिसका असर बृहस्पतिवार को नजर आया। रात भर डेरा डाले बैठे रहे शिक्षामित्र उग्र हो गए और उन्होंने हंगामा काटना शुरू कर दिया। सैकड़ों की संख्या में एकत्र शिक्षामित्रों ने बीएसए का पुतला भी फूंका। साथ ही दफ्तर के मेन गेट में ताला डालकर कुंडली जमाकर बैठे रहे। हाय-हाय के नारे लगाने के साथ जमकर कोसा। कहा, उनकी मांगों को मानते हुए अगर पहले प्रमोशन कर एकसाथ समायोजन नहीं किया गया तो वह विशाल धरना प्रदर्शन करेंगे। इधर, बृहस्पतिवार को बीएसए ने बैकफुट पर आते हुए तय की गई काउंसिलिंग की तिथि को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया।
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शिक्षक, अनुदेशक भी दिखे संग
शिक्षामित्रों के धरने के दौरान शिक्षक और अनुदेशक भी साथ नजर आए। धरना प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि शिक्षामित्र सहयोगी हैं। उन्होंने एक लंबा संघर्ष किया है। लिहाजा उनका हक मिलना चाहिए। उन्होंने साथ देने का आश्वासन दिया।
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तालाबंदी की दी चेतावनी
शिक्षामित्रों ने कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने के साथ स्कूलों में तालबंदी करने की भी चेतावनी दी। बृहस्पतिवार को भी इसका असर दिखा। अधिकांश स्कूलों में शिक्षामित्र न पहुंचकर धरने पर जमे नजर आए। बीएसए दफ्तर से लेकर सड़क तक मोटरसाइकिल की लाइन लगी रही। इस मौके पर निर्भान सिंह यादव, रावेंद्र सिंह, सतीश चंद्र, इंतजाब आलम, विनोद राठौर, रामगोपाल, मुनेंद्र पाल, जयप्रकाश, दिनेश चौधरी, संतोष कुमारी, पूजा शर्मा, दीप्ती शर्मा, बाबू खां, राजीव कुमार सिंह, संतोष कुमारी, पूजा शर्मा, जितेंद्र मिश्रा, अभिषेक यादव, सीमा यादव, हरीश यादव, चंद्रकेश यादव, दामोदर यादव, अनुराग यादव, विजेंद्र यादव, ममता, सावित्री, नरेश सोलंकी आदि मौजूद रहे।