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Shaadi Muhurat: 24 नवंबर से गूंजेंगी शहनाइयां... फरवरी में सर्वाधिक 10 मुहूर्त, पहले से बुक हो गए बरातघर
Sat, 18 Nov 2023 04:27 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 18 Nov 2023 04:27 PM IST
सार
शादी के लिए लोग अब कई महीने पहले से ही बरातघर और बैंड-बाजे आदि की बुकिंग कर देते हैं। इस बार भी सहालग से पहले ही बरातघर और बैंड-बाजों की बुकिंग हो चुकी है।
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उझानी में सजा बारातघर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मांगलिक आयोजनों में शहनाइयों की गूंज इस बार 24 नवंबर से सुनाई देगी। अगले साल जुलाई तक शादियों का सिलसिला चलेगा, लेकिन सबसे ज्यादा 10 शुभ मुहूर्त फरवरी में हैं। मई में सिर्फ एक दिन ही मुहूर्त है। इसके बाद जुलाई में शादी-ब्याह होंगे।
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शादी-ब्याह से जुड़े पंचांग के मुताबिक नवंबर में 24, 27, 28, 29 तारीख को विवाह का शुभ मुहूर्त है। अगले महीने यानी दिसंबर में तीन, चार, सात, आठ, 10, 13, 14 और 15 तो जनवरी में 16, 17, 18, 20, 21, 22, 30 और 31 को शादियां होगीं। सबसे ज्यादा मुहूर्त फरवरी में हैं। फरवरी में एक, चार, पांच, छह, 15, 18,19, 25, 27 और 28, मार्च में दो, तीन, चार, पांच, छह, सात, आठ और 11 व अप्रैल में 18,19, 21, 23, 25, 26, 27 और 28 तारीख को शहनाइयां गूजेंगीं।
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एक मई के अलावा इस महीने में कोई और शुभ मुहूर्त नहीं है। जून में शादियां नहीं होगीं, लेकिन जुलाई में नौ, 10, 11, 12 और 15 को ही सात फेरे लिए जा सकते हैं। बदायूं में शादी की तैयारियों में जुटे लोग बताते हैं कि खासकर फरवरी महीना में ब्यूटी पार्लर और बरातघर तलाशने में उन्हें दिक्कत आ रही है। हलवाई तो तय कर दिए हैं, लेकिन बैंडबाजों के साथ अन्य व्यवस्थाएं करने के लिए भागदौड़ करनी पड़ रही है। ज्यादातर बरातघर पहले से बुक हैं।
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घोड़ा-बग्घी की सबसे ज्यादा मांग
शादियों में सबसे अच्छा करने की नीयत से लोग कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं। जो लोग शादी का पूरा कार्यक्रम बरातघर में ही करते हैं, उन्हें भी बरात चढ़ाने के लिए बैंडबाजे चाहिए। दूल्हा शाही घोड़ा-बग्घी पर बैठकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे, सो मध्यम वर्गीय परिवार भी इसी को तरजीह दे रहे हैं। इसके विपरीत देहात क्षेत्र में लोगों की पहली पसंद रंगशाला बताई जा रही है। रंगशाला में महिला कलाकारों का नृत्य आम बात है। देहात में रंगशाला का बहुत क्रेज है।
बैंड-बाजे भी नहीं मिल रहे
शादी के लिए लोग अब कई महीने पहले से ही बरातघर और बैंड-बाजे आदि की बुकिंग कर देते हैं। ज्यादातर बैंड-बाजे वालों ने नवंबर 2024 तक की बुकिंग ले ली है। लिहाजा इस साल नवंबर और दिसंबर में शादी करने वाले लोगों को बैंड-बाजे नहीं मिल पा रहे हैं। एक-एक बैंड के पास एक ही तिथि की चार-चार शादियां बुक हैं।
शादियों में सबसे अच्छा करने की नीयत से लोग कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं। जो लोग शादी का पूरा कार्यक्रम बरातघर में ही करते हैं, उन्हें भी बरात चढ़ाने के लिए बैंडबाजे चाहिए। दूल्हा शाही घोड़ा-बग्घी पर बैठकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे, सो मध्यम वर्गीय परिवार भी इसी को तरजीह दे रहे हैं। इसके विपरीत देहात क्षेत्र में लोगों की पहली पसंद रंगशाला बताई जा रही है। रंगशाला में महिला कलाकारों का नृत्य आम बात है। देहात में रंगशाला का बहुत क्रेज है।
बैंड-बाजे भी नहीं मिल रहे
शादी के लिए लोग अब कई महीने पहले से ही बरातघर और बैंड-बाजे आदि की बुकिंग कर देते हैं। ज्यादातर बैंड-बाजे वालों ने नवंबर 2024 तक की बुकिंग ले ली है। लिहाजा इस साल नवंबर और दिसंबर में शादी करने वाले लोगों को बैंड-बाजे नहीं मिल पा रहे हैं। एक-एक बैंड के पास एक ही तिथि की चार-चार शादियां बुक हैं।
शुभ मुहूर्त में ब्याह होना नवदंपती को फलदायक
आचार्य प्रवीण शर्मा कहते हैं कि शादी करने से पहले वर और वधू की जन्मकुंडली पर गौर करने के साथ ही दोनों के गुणों का मिलान किया जाना भी आवश्यक होता है। शुभ मुहूर्त के विपरीत ब्याह करना नवदंपती को फलदायक नहीं होता है। लड़की अगर मंगली है तो वर भी मंगली होना चाहिए। तभी दोनों का जीवन सुखदायक रहता है। ब्याह से जुड़ी सभी रस्में विधि और धार्मिक विधान के अनुरूप पूरी की जानी चाहिए।
आचार्य प्रवीण शर्मा कहते हैं कि शादी करने से पहले वर और वधू की जन्मकुंडली पर गौर करने के साथ ही दोनों के गुणों का मिलान किया जाना भी आवश्यक होता है। शुभ मुहूर्त के विपरीत ब्याह करना नवदंपती को फलदायक नहीं होता है। लड़की अगर मंगली है तो वर भी मंगली होना चाहिए। तभी दोनों का जीवन सुखदायक रहता है। ब्याह से जुड़ी सभी रस्में विधि और धार्मिक विधान के अनुरूप पूरी की जानी चाहिए।