{"_id":"5f99cbb08ebc3e9bd012646f","slug":"sharda-out-of-school-scheme-badaun-news-bly425030151","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘शारदा’ आउट ऑफ स्कूल योजना में जिला पिछड़ा, बीएसए तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘शारदा’ आउट ऑफ स्कूल योजना में जिला पिछड़ा, बीएसए तलब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। गरीब बच्चों को साक्षर बनाने के लिए शासन जितनी भी कवायद कर ले, लेकिन अफसर इसमें पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ‘शारदा’ आउट ऑफ स्कूल योजना के तहत शासन की तरफ से जनपद को 10 हजार बच्चों को चिन्हित कर स्कूल में प्रवेश दिलाना था, ताकि वह भी शिक्षा ग्रहण कर सकें, लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष महज 876 छात्र-छात्राओं को ही प्रवेश दिलाया जा सका। इसको लेकर शासन ले गंभीर रुख अख्तियार करते हुए अधिकारियों से बीएसए से जवाब मांगा है।
सर्व शिक्षा अभियान की ‘शारदा’ योजना के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले और स्कूल तक न पहुंच पाने वाले बच्चों को चिह्नित कर उन्हें उनकी उम्र के आधार पर विद्यालयों में फिर से प्रवेश कराने का आदेश शासन ने दिया है। उम्र अधिक होने पर कक्षा में प्रवेश से पहले बच्चों को ब्रिज कोर्स कराया जाता है। ताकि संबंधित कक्षा के अनुरूप बच्चे मानसिक स्तर पर तैयार हो जाएं और अन्य बच्चों के साथ घुलमिल कर पढ़ाई कर सकें। योजना के तहत शासन की तरफ से जनपद को 10 हजार 208 बच्चों को तलाश कर उन्हें स्कूल में प्रवेश दिये जाने का लक्ष्य दिया गया था। विभाग को यह लक्ष्य 30 सितंबर तक पूरा करना था। लक्ष्य मिलने के बाद में संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से योजना को पूरी तरह से पतीला लग गया। हालात ये हुई कि बमुश्किल विभाग ने लक्ष्य के सापेक्ष 3202 बच्चों को चिन्हित किया, जो स्कूल नहीं जा रहे थे। इन बच्चों में से मात्र 876 छात्र-छात्राओं को स्कूल में प्रवेश दिलाया गया। इसको लेकर शासन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बीएसए से जवाब मांगा हैं।
कोरोना काल की वजह से कुछ दिक्कतें सामने आयी थी, जिस वजह से शत-प्रतिशत नामांकन नहीं हो पाया था। अब शासन ने 10 नवंबर तक समय दिया है। समयावधि के अंदर शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन कराया जाएगा। इसको लेकर सभी बीईओ को निर्देशित किया गया है। - रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्व शिक्षा अभियान की ‘शारदा’ योजना के तहत पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले और स्कूल तक न पहुंच पाने वाले बच्चों को चिह्नित कर उन्हें उनकी उम्र के आधार पर विद्यालयों में फिर से प्रवेश कराने का आदेश शासन ने दिया है। उम्र अधिक होने पर कक्षा में प्रवेश से पहले बच्चों को ब्रिज कोर्स कराया जाता है। ताकि संबंधित कक्षा के अनुरूप बच्चे मानसिक स्तर पर तैयार हो जाएं और अन्य बच्चों के साथ घुलमिल कर पढ़ाई कर सकें। योजना के तहत शासन की तरफ से जनपद को 10 हजार 208 बच्चों को तलाश कर उन्हें स्कूल में प्रवेश दिये जाने का लक्ष्य दिया गया था। विभाग को यह लक्ष्य 30 सितंबर तक पूरा करना था। लक्ष्य मिलने के बाद में संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से योजना को पूरी तरह से पतीला लग गया। हालात ये हुई कि बमुश्किल विभाग ने लक्ष्य के सापेक्ष 3202 बच्चों को चिन्हित किया, जो स्कूल नहीं जा रहे थे। इन बच्चों में से मात्र 876 छात्र-छात्राओं को स्कूल में प्रवेश दिलाया गया। इसको लेकर शासन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बीएसए से जवाब मांगा हैं।
विज्ञापन
कोरोना काल की वजह से कुछ दिक्कतें सामने आयी थी, जिस वजह से शत-प्रतिशत नामांकन नहीं हो पाया था। अब शासन ने 10 नवंबर तक समय दिया है। समयावधि के अंदर शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन कराया जाएगा। इसको लेकर सभी बीईओ को निर्देशित किया गया है। - रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
विज्ञापन