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सात साल से फाइलों में कैद आरोग्य निधि
बदायूं
Updated Wed, 16 Sep 2015 12:04 AM IST
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गरीबों के लिए सात साल पहले शुरू हुई आरोग्य निधि योजना फाइलों में ही कैद है। जिले के एक भी गरीब को आरोग्य निधि का लाभ नहीं मिला। जिम्मेदार अफसर योजना को लगभग भूल चुके हैं। योजना के तहत बीपीएल परिवार के व्यक्ति को लाइलाज बीमारी में इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। लाभार्थी को यह सहायता मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा कोष से दी जाती है। सरकार ने यह योजना 2008 में शुरू की थी। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और प्रचार-प्रसार न होने की वजह से जिले में आरोग्य निधि योजना परवान नहीं चढ़ सकी।
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यह है आरोग्य निधि योजना
बदायूं। योजना में गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की आर्थिक मदद का प्रावधान है। बीपीएल कार्ड धारक या 24000 हजार वार्षिक आय तक के परिवारों को उपचार के लिए आर्थिक सहायता के लिए आवेदन सीएमओ कार्यालय समेत सभी चिकित्सालयों में जमा किए जा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग बीमारी के इलाज में होने वाले खर्च का आंकलन करता है। इसके बाद इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की धनराशि मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित मंडलीय समिति को स्वीकृत करने का अधिकार है।
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इन बीमारियों के इलाज को सहायता
बदायूं। हृदयरोग व हृदय शल्य चिकित्साए, कैंसर, रेडिएशन उपचार, गुर्दा व मूत्र रोग, अस्थि रोग, थैलेसीमियां, विविध इन्ट्रा आक्यूलर लेंस इम्पालांट, श्रवण यंत्र के अलावा अल्ट्रासाउंड, ईसीजीए सीटी स्कैन, एमआरआई आदि के लिए आरोग्य निधि से इलाज को सहायता मिलती है।
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यह अस्पताल किए गए हैं चयनित-
बदायूं। एसपीजीआई लखनऊ, छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ, बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर, एमएलबी मेडिकल कॉलेज झांसी, एमएलएन मेडिकल कालेज इलाहाबाद, जीएसवीएम मेडिकल कालेज कानपुर, एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा, आइएमएस बीएचयू वाराणसी, जेएल नेहरू मेडिकल कॉलेज एएमयू अलीगढ़।
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क्या हैं योजना के उद्देश्य
बदायूं। योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले ऐसे रोगियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है जो जानलेवा बीमारियों से पीड़ित हैं। इसके अंतर्गत ऐसे लोगों के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, संस्थानों और सरकारी अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था की गई है। इसके तहत रोगियों को वित्तीय सहायता एकमुश्त अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। यह राशि उस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को प्रेषित की जाती है, जिसमें रोगी का इलाज चल रहा हो।
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योजना की सफलता के लिए महकमा गंभीर है। व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई आवेदन आता है तो उस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। शासन की महत्वाकांक्षी योजना का अधिकाधिक लोगों को लाभ दिलाने के प्रयास हो रहे हैं।
-डॉ. आरडी तिवारी, सीएमओ
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यह है आरोग्य निधि योजना
बदायूं। योजना में गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की आर्थिक मदद का प्रावधान है। बीपीएल कार्ड धारक या 24000 हजार वार्षिक आय तक के परिवारों को उपचार के लिए आर्थिक सहायता के लिए आवेदन सीएमओ कार्यालय समेत सभी चिकित्सालयों में जमा किए जा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग बीमारी के इलाज में होने वाले खर्च का आंकलन करता है। इसके बाद इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की धनराशि मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित मंडलीय समिति को स्वीकृत करने का अधिकार है।
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इन बीमारियों के इलाज को सहायता
बदायूं। हृदयरोग व हृदय शल्य चिकित्साए, कैंसर, रेडिएशन उपचार, गुर्दा व मूत्र रोग, अस्थि रोग, थैलेसीमियां, विविध इन्ट्रा आक्यूलर लेंस इम्पालांट, श्रवण यंत्र के अलावा अल्ट्रासाउंड, ईसीजीए सीटी स्कैन, एमआरआई आदि के लिए आरोग्य निधि से इलाज को सहायता मिलती है।
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यह अस्पताल किए गए हैं चयनित-
बदायूं। एसपीजीआई लखनऊ, छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ, बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर, एमएलबी मेडिकल कॉलेज झांसी, एमएलएन मेडिकल कालेज इलाहाबाद, जीएसवीएम मेडिकल कालेज कानपुर, एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा, आइएमएस बीएचयू वाराणसी, जेएल नेहरू मेडिकल कॉलेज एएमयू अलीगढ़।
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क्या हैं योजना के उद्देश्य
बदायूं। योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले ऐसे रोगियों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है जो जानलेवा बीमारियों से पीड़ित हैं। इसके अंतर्गत ऐसे लोगों के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों, संस्थानों और सरकारी अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था की गई है। इसके तहत रोगियों को वित्तीय सहायता एकमुश्त अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। यह राशि उस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को प्रेषित की जाती है, जिसमें रोगी का इलाज चल रहा हो।
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योजना की सफलता के लिए महकमा गंभीर है। व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई आवेदन आता है तो उस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। शासन की महत्वाकांक्षी योजना का अधिकाधिक लोगों को लाभ दिलाने के प्रयास हो रहे हैं।
-डॉ. आरडी तिवारी, सीएमओ