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मिलावटी दूध बेचने पर कैद, जुर्माना
बदायूं
Updated Mon, 31 Aug 2015 11:49 PM IST
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न्यायालय एसीजेएम द्वितीय मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने दूध में मिलावट करके बेचने पर मनोहर पुत्र बेनीराम निवासी बसोमा उझानी को दो वर्ष की कैद सहित पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामला थाना उझानी क्षेत्र का है। 28 जुलाई 99 को खाद्य निरीक्षक एके दीक्षित ने साढ़े दस बजे दिन में आरोपी मनोहर को मिलावटी दूध जनता को बेचते हुए पकड़ा था। आरोपी की साइकिल पर दो डिब्बों में लगभग तीस किलो गाय व भैंस का मिश्रित दूध बेचते पकड़ा। जब खाद्य निरीक्षक ने आरोपी से लाइसेंस मांगा तो वह लाइसेंस नहीं दिखा सका। दूध में मिलावट का शक होने पर खाद्य निरीक्षक ने आरोपी से दूध खरीदकर मौके पर सैंपल भरकर दो प्रतियों में प्रपत्र तैयार किए गए और आरोपी मनोहर से कागजातों पर उसका निशानी अंगूठा लगवाया। सैंपल की जांच के बाद दूध में मिलावट पाई गई और दूध में फैट की मात्रा एवं नान मिल्क सालिड नॉन फैट की मांग कम पाई गई। आरोपी मनोहर के खिलाफ दूध में मिलावट करने का मुकदमा चलाया गया।
मजिस्ट्रेट असलम सिद्दीकी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी मनोहर को दूध में मिलावट करने का दोषी पाकर दो वर्ष की कड़ी कैद सहित पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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पीके चतुर्वेदी स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष बने
बदायूं। हाईकोर्ट इलाहाबाद के चीफ जस्टिस एवं न्यायमूर्ति राकेश तिवारी ने बदायूं जनपद से रिटायर हुए जिला जज पीके चतुर्वेदी को स्थायी लोक अदालत का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने जनपद में स्थायी लोकअदालत का गठन का आदेश जारी किया था। इसी क्रम में बदायूं में स्थायी लोक अदालत का गठन किया गया है। इसके लिए बदायूं जिले से 31 जुलाई 2014 को सेवानिवृत्त हुए जिला जज पीके चतुर्वेदी को स्थायी लोकअदालत का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
मामला थाना उझानी क्षेत्र का है। 28 जुलाई 99 को खाद्य निरीक्षक एके दीक्षित ने साढ़े दस बजे दिन में आरोपी मनोहर को मिलावटी दूध जनता को बेचते हुए पकड़ा था। आरोपी की साइकिल पर दो डिब्बों में लगभग तीस किलो गाय व भैंस का मिश्रित दूध बेचते पकड़ा। जब खाद्य निरीक्षक ने आरोपी से लाइसेंस मांगा तो वह लाइसेंस नहीं दिखा सका। दूध में मिलावट का शक होने पर खाद्य निरीक्षक ने आरोपी से दूध खरीदकर मौके पर सैंपल भरकर दो प्रतियों में प्रपत्र तैयार किए गए और आरोपी मनोहर से कागजातों पर उसका निशानी अंगूठा लगवाया। सैंपल की जांच के बाद दूध में मिलावट पाई गई और दूध में फैट की मात्रा एवं नान मिल्क सालिड नॉन फैट की मांग कम पाई गई। आरोपी मनोहर के खिलाफ दूध में मिलावट करने का मुकदमा चलाया गया।
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मजिस्ट्रेट असलम सिद्दीकी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी मनोहर को दूध में मिलावट करने का दोषी पाकर दो वर्ष की कड़ी कैद सहित पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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पीके चतुर्वेदी स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष बने
बदायूं। हाईकोर्ट इलाहाबाद के चीफ जस्टिस एवं न्यायमूर्ति राकेश तिवारी ने बदायूं जनपद से रिटायर हुए जिला जज पीके चतुर्वेदी को स्थायी लोक अदालत का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने जनपद में स्थायी लोकअदालत का गठन का आदेश जारी किया था। इसी क्रम में बदायूं में स्थायी लोक अदालत का गठन किया गया है। इसके लिए बदायूं जिले से 31 जुलाई 2014 को सेवानिवृत्त हुए जिला जज पीके चतुर्वेदी को स्थायी लोकअदालत का अध्यक्ष नियुक्त किया है।