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Budaun News: डाकघर की अभिकर्ता बन आत्मनिर्भरता की भरी उड़ान
Thu, 27 Nov 2025 12:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Thu, 27 Nov 2025 12:06 AM IST
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हेमवती वार्ष्णेय।
देवेश मिश्रा
बदायूं। डाक सेवा-जन सेवा के संकल्प के साथ जुड़कर महिलाएं न केवल अपने खाली समय का सदुपयोग कर रही हैं बल्कि अभिकर्ता बनकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। डाकघर की योजनाओं पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), एनएससी, किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं से जोड़ने का कार्य महिलाएं अपने खाली समय में सुविधा के साथ करती हैं।
महिला सशक्तीकरण और उनको वित्तीय साक्षरता देने के उद्देश्य से डाकघरों में महिला प्रधान क्षेत्रीय बचत योजना के साथ महिलाओं को अभिकर्ता के रूप में कार्य करने का अवसर दिया गया था। शुरुआत में बड़े शहरों में महिलाओं ने इसमें भाग लिया और फिर धीरे-धीरे अन्य जगहों पर भी यह प्रयोग कारगर सिद्ध हुआ। इसके जरिए ऐसी महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं, जो परिवार और अन्य परिस्थितियों के चलते फुलटाइम जॉब या व्यवसाय नहीं कर पा रही थीं। महिलाओं ने इस विकल्प को उत्साह के साथ चुना और लक्ष्य को पूरा कर खुद के और अन्य के भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं।
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क्या बोली महिला अभिकर्ता
फोटो- 04
शुरुआत में आईं दिक्कतें, फिर कोई समस्या नहीं
अभिकर्ता बनने के बाद कुछ दिक्कतें आईं लेकिन अब कोई समस्या नहीं आ रही है। आईडी व खाता खोलने का काम महिलाएं कर सकती हैं। डाक विभाग से अवसर मिला जिससे परिवार का पालन-पोषण के साथ ही आत्मनिर्भर भी बनी हैं। 60 हजार रुपये महीने की कमीशन बन जाती है।-शशिवाला, अभिकर्ता
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फोटो-02
80 हजार रुपये तक हर माह मिलती है कमीशन
हर महीने 80 हजार रुपये तक की कमीशन बन जाती है। यह काम के ऊपर है। जितनी अधिक आईडी व खाता खोलने का काम जो करता है उसको उसी के के आधार पर कमीशन तय होती है।-हेमवती वार्ष्णेय, अभिकर्ता
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बदायूं। डाक सेवा-जन सेवा के संकल्प के साथ जुड़कर महिलाएं न केवल अपने खाली समय का सदुपयोग कर रही हैं बल्कि अभिकर्ता बनकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। डाकघर की योजनाओं पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), एनएससी, किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं से जोड़ने का कार्य महिलाएं अपने खाली समय में सुविधा के साथ करती हैं।
महिला सशक्तीकरण और उनको वित्तीय साक्षरता देने के उद्देश्य से डाकघरों में महिला प्रधान क्षेत्रीय बचत योजना के साथ महिलाओं को अभिकर्ता के रूप में कार्य करने का अवसर दिया गया था। शुरुआत में बड़े शहरों में महिलाओं ने इसमें भाग लिया और फिर धीरे-धीरे अन्य जगहों पर भी यह प्रयोग कारगर सिद्ध हुआ। इसके जरिए ऐसी महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं, जो परिवार और अन्य परिस्थितियों के चलते फुलटाइम जॉब या व्यवसाय नहीं कर पा रही थीं। महिलाओं ने इस विकल्प को उत्साह के साथ चुना और लक्ष्य को पूरा कर खुद के और अन्य के भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं।
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क्या बोली महिला अभिकर्ता
फोटो- 04
शुरुआत में आईं दिक्कतें, फिर कोई समस्या नहीं
अभिकर्ता बनने के बाद कुछ दिक्कतें आईं लेकिन अब कोई समस्या नहीं आ रही है। आईडी व खाता खोलने का काम महिलाएं कर सकती हैं। डाक विभाग से अवसर मिला जिससे परिवार का पालन-पोषण के साथ ही आत्मनिर्भर भी बनी हैं। 60 हजार रुपये महीने की कमीशन बन जाती है।-शशिवाला, अभिकर्ता
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80 हजार रुपये तक हर माह मिलती है कमीशन
हर महीने 80 हजार रुपये तक की कमीशन बन जाती है। यह काम के ऊपर है। जितनी अधिक आईडी व खाता खोलने का काम जो करता है उसको उसी के के आधार पर कमीशन तय होती है।-हेमवती वार्ष्णेय, अभिकर्ता

हेमवती वार्ष्णेय।

हेमवती वार्ष्णेय।