{"_id":"6755f596429ca0ef130563c4","slug":"seeds-will-be-available-from-kvk-for-cultivation-of-pulses-and-oilseeds-badaun-news-c-123-1-sbly1035-130621-2024-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: दलहन और तिलहन की खेती के लिए केवीके से मिलेगा बीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: दलहन और तिलहन की खेती के लिए केवीके से मिलेगा बीज
विज्ञापन
उझानी में कृषि विज्ञान केंद्र का निरीक्षण करते वैज्ञानिक। स्रोत- केवीके
उझानी। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) परिसर में सलाहकार समिति की बैठक के बाद कृषि वैज्ञानिकों समेत अफसरों ने परिसर में फसल प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले के किसानों को बीज भी मुहैया कराया जाएगा।
वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में शनिवार अपराह्न हुई। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के पशुधन उत्पादन विभाग के वैज्ञानिक डॉ. डीके सिंह ने स्थानीय केंद्र के वैज्ञानिकों की ओर से प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट पर गौर किया। इस दौरान पिछले वित्तीय वर्ष में लगी फसल प्रदर्शनी और बीज उत्पादन की समीक्षा की गई।
कृषि वैज्ञानिकों ने अगले वित्तीय वर्ष में उदड़, तिल, सरसों और मटर के बीज के वितरण के लिए रकबा तय किया। इसके तहत इन्हें 20-20 हेक्टेयर रकबा में बोआई के लिए बीज मुहैया कराया जाएगा। आठ-आठ हेक्टेयर के लिए मिर्च, प्याज, फूल गोभी, करेला और खीरा आदि के लिए बीज बांटा जाएगा।
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने वैज्ञानिकों को बागवानी के टिप्स दिए। बागवानी का क्षेत्रफल बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। कृषि वैज्ञानिकों ने पॉली हाउस में सब्जी उत्पादन करने पर जोर दिया गया। वैज्ञानिकों में डॉ. रोशन सिंह, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. सौहार्द दुबे, डॉ. निधि सचान, डॉ. एसपी सिंह और डॉ. संजय कुमार ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए समय-समय पर गोष्ठियां करने की वकालत की। किसानों में हंसराज साहू, लीलाधर और नक्षत्रपाल सिंह ने विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। बाद में कृषि वैज्ञानिकों ने परिसर में ही फसल प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। इस मौके पर आशीष अग्रवाल के अलावा कर्मचारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में शनिवार अपराह्न हुई। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ के पशुधन उत्पादन विभाग के वैज्ञानिक डॉ. डीके सिंह ने स्थानीय केंद्र के वैज्ञानिकों की ओर से प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट पर गौर किया। इस दौरान पिछले वित्तीय वर्ष में लगी फसल प्रदर्शनी और बीज उत्पादन की समीक्षा की गई।
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिकों ने अगले वित्तीय वर्ष में उदड़, तिल, सरसों और मटर के बीज के वितरण के लिए रकबा तय किया। इसके तहत इन्हें 20-20 हेक्टेयर रकबा में बोआई के लिए बीज मुहैया कराया जाएगा। आठ-आठ हेक्टेयर के लिए मिर्च, प्याज, फूल गोभी, करेला और खीरा आदि के लिए बीज बांटा जाएगा।
विज्ञापन
जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने वैज्ञानिकों को बागवानी के टिप्स दिए। बागवानी का क्षेत्रफल बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। कृषि वैज्ञानिकों ने पॉली हाउस में सब्जी उत्पादन करने पर जोर दिया गया। वैज्ञानिकों में डॉ. रोशन सिंह, डॉ. मनीष सिंह, डॉ. सौहार्द दुबे, डॉ. निधि सचान, डॉ. एसपी सिंह और डॉ. संजय कुमार ने किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए समय-समय पर गोष्ठियां करने की वकालत की। किसानों में हंसराज साहू, लीलाधर और नक्षत्रपाल सिंह ने विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। बाद में कृषि वैज्ञानिकों ने परिसर में ही फसल प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। इस मौके पर आशीष अग्रवाल के अलावा कर्मचारी भी मौजूद रहे।