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कोरोना से सहसवान एसडीएम समेत 16 की मौत
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बदायूं। कोरोना संक्रमण से सहसवान के एसडीएम किशोर गुप्ता की मौत हो गई। वह पिछले दिनों कोरोना पॉजिटिव निकले थे। जिस पर उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर उन्हें बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। बुधवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके अलावा सहसवान में ही तैनात पशु चिकित्सक समेत 15 लोगों की जान गई।
एसडीएम किशोर गुप्त (59) मूल रूप से बलिया जिले के रहने वाले थे। वह 2017 में बदायूं ट्रांसफर होकर आए थे। सबसे पहले वह बिसौली के एसडीएम रहे। इसके बाद डीआरओ रहे। फिर उनका ट्रांसफर बदायूं सदर एसडीएम के रूप में हो गया था। यहां से कुछ समय पहले ही वह सहसवान ट्रांसफर हुए थे। बताते हैं कि उनके दो बेटे हैं। दोनों ही इंजीनियर हैं। उनकी पत्नी हमेशा साथ रहती थीं।
एसडीएम ने 21 अप्रैल को सहसवान में कोरोना जांच कराई थी, जिसमें वह पॉजिटिव निकले। करीब चार दिन वह होम क्वांरटीन रहे, लेकिन इसके बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। इससे 25 अप्रैल को उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। 27 अप्रैल को उन्हें रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज बरेली रेफर कर दिया गया। यहां भी उनकी हालत में सुधार नहीं आया। दूसरे दिन उन्हें बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार रात उन्होंने आखिरी सांस ली। बृहस्पतिवार सुबह उनका शव बदायूं लाया गया। फिर लालपुल श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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डहरपुर कलां के पूर्व प्रधान की मौत
दातागंज। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम डहरपुर कलां निवासी पूर्व प्रधान भोजराज की बृहस्पतिवार सुबह मौत हो गई। परिवार वालों के मुताबिक उन्होंने कुछ दिन पहले कोरोना टीका लगवाया था। उसके बाद उन्हें बुखार आया। एक निजी अस्पताल से उनका इलाज चल रहा था। इसके बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं आया। बृहस्पतिवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। उनका गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया है। संवाद
पंचायत चुनाव में संक्रमित हुए थे पशु चिकित्सक
बदायूं। बृहस्पतिवार को सहसवान इलाके में पशु चिकित्सक, बिल्सी इलाके में खाद विक्रेता, शिक्षक समेत चार, बिसौली और इस्लामनगर इलाके में भी मौतें हुई हैं। पशु चिकित्सक पंचायत चुनाव के दौरान संक्रमित हुए थे।
सहसवान इलाके में तैनात उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवधेश दो माह पूर्व ही दहगवां से ट्रांसफर होकर सहसवान आए थे। उसके बाद पंचायत चुनाव में जुट गए। 27 अप्रैल के बाद उन्होंने अपनी कोरोना की जांच कराई थी, जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव निकले थे। इस पर परिवार वाले उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा ले गए, जहां बुधवार को उनकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार को उनका आगरा के युमना गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके दो बेटी और एक बेटा है। इधर, कासगंज जिले के बौंदर निवासी प्रमोद कुमार (28) कई दिन से राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। सुबह उनकी मौत हो गई। वहीं ग्राम सिरासौल सीताराम पट्टी निवासी खाद विक्रेता अंकुर मिश्रा (27) और उच्च प्राथमिक स्कूल सतेती में तैनात शिक्षक उमेश चंद्र मिश्रा (52) की सुबह मौत हो गई। नगर के मोहल्ला टीचर्स कॉलोनी निवाली रामप्रकाश शर्मा (82) ने भी सुबह दम तोड़ दिया।
इधर, ककराला के वार्ड नंबर तीन निवासी मंजुलता (55) पत्नी रामभरोसे लाल बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती थीं। बताते हैं कि उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिली थी। उनका बेटा अरविंद ऑक्सीजन के लिए भटकता रहा। बृहस्पतिवार सुबह मंजुलता की मौत हो गई। उधर, बिसौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम दबतोरा निवासी एसआई आसिफ वेग की पत्नी नाजिरा बेगम ने बृहस्पतिवार सुबह बरेली में दम तोड़ दिया। इस्लामनगर कस्बा निवासी ममता अग्रवाल (45) पत्नी अरुण अग्रवाल बरेली के निजी अस्पताल में भर्तीं थीं। उनकी भी सुबह मौत हो गई। तो वहीं शहर में दो और राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब छह लोगों की मौत हुई है।
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एसडीएम किशोर गुप्त (59) मूल रूप से बलिया जिले के रहने वाले थे। वह 2017 में बदायूं ट्रांसफर होकर आए थे। सबसे पहले वह बिसौली के एसडीएम रहे। इसके बाद डीआरओ रहे। फिर उनका ट्रांसफर बदायूं सदर एसडीएम के रूप में हो गया था। यहां से कुछ समय पहले ही वह सहसवान ट्रांसफर हुए थे। बताते हैं कि उनके दो बेटे हैं। दोनों ही इंजीनियर हैं। उनकी पत्नी हमेशा साथ रहती थीं।
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एसडीएम ने 21 अप्रैल को सहसवान में कोरोना जांच कराई थी, जिसमें वह पॉजिटिव निकले। करीब चार दिन वह होम क्वांरटीन रहे, लेकिन इसके बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी। इससे 25 अप्रैल को उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। 27 अप्रैल को उन्हें रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज बरेली रेफर कर दिया गया। यहां भी उनकी हालत में सुधार नहीं आया। दूसरे दिन उन्हें बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार रात उन्होंने आखिरी सांस ली। बृहस्पतिवार सुबह उनका शव बदायूं लाया गया। फिर लालपुल श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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डहरपुर कलां के पूर्व प्रधान की मौत
दातागंज। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम डहरपुर कलां निवासी पूर्व प्रधान भोजराज की बृहस्पतिवार सुबह मौत हो गई। परिवार वालों के मुताबिक उन्होंने कुछ दिन पहले कोरोना टीका लगवाया था। उसके बाद उन्हें बुखार आया। एक निजी अस्पताल से उनका इलाज चल रहा था। इसके बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं आया। बृहस्पतिवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। उनका गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया है। संवाद
पंचायत चुनाव में संक्रमित हुए थे पशु चिकित्सक
बदायूं। बृहस्पतिवार को सहसवान इलाके में पशु चिकित्सक, बिल्सी इलाके में खाद विक्रेता, शिक्षक समेत चार, बिसौली और इस्लामनगर इलाके में भी मौतें हुई हैं। पशु चिकित्सक पंचायत चुनाव के दौरान संक्रमित हुए थे।
सहसवान इलाके में तैनात उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवधेश दो माह पूर्व ही दहगवां से ट्रांसफर होकर सहसवान आए थे। उसके बाद पंचायत चुनाव में जुट गए। 27 अप्रैल के बाद उन्होंने अपनी कोरोना की जांच कराई थी, जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव निकले थे। इस पर परिवार वाले उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा ले गए, जहां बुधवार को उनकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार को उनका आगरा के युमना गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके दो बेटी और एक बेटा है। इधर, कासगंज जिले के बौंदर निवासी प्रमोद कुमार (28) कई दिन से राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। सुबह उनकी मौत हो गई। वहीं ग्राम सिरासौल सीताराम पट्टी निवासी खाद विक्रेता अंकुर मिश्रा (27) और उच्च प्राथमिक स्कूल सतेती में तैनात शिक्षक उमेश चंद्र मिश्रा (52) की सुबह मौत हो गई। नगर के मोहल्ला टीचर्स कॉलोनी निवाली रामप्रकाश शर्मा (82) ने भी सुबह दम तोड़ दिया।
इधर, ककराला के वार्ड नंबर तीन निवासी मंजुलता (55) पत्नी रामभरोसे लाल बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती थीं। बताते हैं कि उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिली थी। उनका बेटा अरविंद ऑक्सीजन के लिए भटकता रहा। बृहस्पतिवार सुबह मंजुलता की मौत हो गई। उधर, बिसौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम दबतोरा निवासी एसआई आसिफ वेग की पत्नी नाजिरा बेगम ने बृहस्पतिवार सुबह बरेली में दम तोड़ दिया। इस्लामनगर कस्बा निवासी ममता अग्रवाल (45) पत्नी अरुण अग्रवाल बरेली के निजी अस्पताल में भर्तीं थीं। उनकी भी सुबह मौत हो गई। तो वहीं शहर में दो और राजकीय मेडिकल कॉलेज में करीब छह लोगों की मौत हुई है।