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Budaun News: घोटालेबाज चमन की सरोज डिकेम फैक्टरी 1.80 करोड़ में नीलाम
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(05 बीडीएम-11)सदर तहसील में सरोज डिकेम फैक्टरी की बोली लगाते व्यापारी।संवाद
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- शहर के व्यापारी हरिभगवान ने सर्वाधिक बोली लगाकर खरीदी फैक्टरी
- प्रधान डाकघर में डाक सहायक था चमन, तीन करोड़ से ज्यादा का किया था घोटाला
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। प्रधान डाकघर में तीन करोड़ से ज्यादा का घोटाला करने वाले चमन कश्यप की सरोज डिकेम फैक्टरी बुधवार को आखिरकार नीलाम हो गई। इसे 1.80 करोड़ की सर्वाधिक बोली लगाकर शहर के व्यापारी हरिभगवान ने खरीदा। अब डीएम के आदेश पर फैक्टरी हरिभगवान के नाम कर दी जाएगी और धनराशि डाकघर के खाते में जमा कराई जाएगी।
घोटालेबाज चमन कश्यप प्रधान डाकघर में डाक सहायक के पद पर तैनात था। उसने वर्ष 2004-05 में कई उपभोक्ताओं की एफडी, राष्ट्रीय बचत पत्र और किसान बचत पत्र की धनराशि गबन कर ली थी। एक साल तक वह उपभोक्ताओं की धनराशि निकालता रहा। जब शिकायतें आईं तो डाकघर के अधिकारियों ने इसकी जांच कराई। पता चला कि 3.26 करोड़ का गबन हुआ है। इस पर चमन कश्यप को बर्खास्त कर दिया गया। इसकी जांच सीबीआई ने की थी। चमन से धनराशि की वसूली के लिए उसका बरेली स्थित मकान जब्त कर लिया गया। यहां उसकी उझानी रोड पर छुईया मंदिर के नजदीक डिटरजेंट पाउडर बनाने की सरोज डिकेम फैक्टरी भी जब्त कर ली गई।
इस फैक्टरी को 24 सितंबर 2021 में नीलाम करने की कोशिश की गई थी, लेकिन उस दिन कोई बोली लगाने नहीं पहुंचा। बुधवार को सदर तहसील में फैक्टरी की नीलामी के लिए फिर से बोली लगाई गई। बोली लगाने वालों में व्यापारी गिरीश जुनेजा, हरिभगवान, यशपाल, नरवेश पटेल, पंकज और ऋषि मिनौचा शामिल थे। बोली एक करोड़ पांच लाख से शुरू हुई। बाद में हरिभगवान ने 1.80 करोड़ की बोली लगाकर फैक्टरी खरीद ली।
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वर्ष 2016 में भी हुआ था 74 लाख का घोटाला
प्रधान डाकघर में डिप्टी पोस्टमास्टर अखिल गुप्ता और बचत बैंक सहायक अखिलेश कुमार ने मिलकर करीब 74 लाख रुपये का घोटाला किया था। मामला यह था कि इन आरोपियों ने डाक अधीक्षक की अलमारी से पांच एटीएम कार्ड और उनसे जुड़े दस्तावेज चुरा लिए थे। इसके बाद रकम निकाल ली गई थी। इसमें कई लोगों के नाम सामने आए थे। एक कर्मचारी ने फंदे से लटककर आत्महत्या भी कर ली थी।
सरोज डिकेम फैक्टरी की आज नीलामी हुई है। अंतिम बोली 1.80 करोड़ रुपये की लगाई गई। अब खरीदार के नाम फैक्टरी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। - करनवीर सिंह, तहसीलदार
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- प्रधान डाकघर में डाक सहायक था चमन, तीन करोड़ से ज्यादा का किया था घोटाला
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। प्रधान डाकघर में तीन करोड़ से ज्यादा का घोटाला करने वाले चमन कश्यप की सरोज डिकेम फैक्टरी बुधवार को आखिरकार नीलाम हो गई। इसे 1.80 करोड़ की सर्वाधिक बोली लगाकर शहर के व्यापारी हरिभगवान ने खरीदा। अब डीएम के आदेश पर फैक्टरी हरिभगवान के नाम कर दी जाएगी और धनराशि डाकघर के खाते में जमा कराई जाएगी।
घोटालेबाज चमन कश्यप प्रधान डाकघर में डाक सहायक के पद पर तैनात था। उसने वर्ष 2004-05 में कई उपभोक्ताओं की एफडी, राष्ट्रीय बचत पत्र और किसान बचत पत्र की धनराशि गबन कर ली थी। एक साल तक वह उपभोक्ताओं की धनराशि निकालता रहा। जब शिकायतें आईं तो डाकघर के अधिकारियों ने इसकी जांच कराई। पता चला कि 3.26 करोड़ का गबन हुआ है। इस पर चमन कश्यप को बर्खास्त कर दिया गया। इसकी जांच सीबीआई ने की थी। चमन से धनराशि की वसूली के लिए उसका बरेली स्थित मकान जब्त कर लिया गया। यहां उसकी उझानी रोड पर छुईया मंदिर के नजदीक डिटरजेंट पाउडर बनाने की सरोज डिकेम फैक्टरी भी जब्त कर ली गई।
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इस फैक्टरी को 24 सितंबर 2021 में नीलाम करने की कोशिश की गई थी, लेकिन उस दिन कोई बोली लगाने नहीं पहुंचा। बुधवार को सदर तहसील में फैक्टरी की नीलामी के लिए फिर से बोली लगाई गई। बोली लगाने वालों में व्यापारी गिरीश जुनेजा, हरिभगवान, यशपाल, नरवेश पटेल, पंकज और ऋषि मिनौचा शामिल थे। बोली एक करोड़ पांच लाख से शुरू हुई। बाद में हरिभगवान ने 1.80 करोड़ की बोली लगाकर फैक्टरी खरीद ली।
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वर्ष 2016 में भी हुआ था 74 लाख का घोटाला
प्रधान डाकघर में डिप्टी पोस्टमास्टर अखिल गुप्ता और बचत बैंक सहायक अखिलेश कुमार ने मिलकर करीब 74 लाख रुपये का घोटाला किया था। मामला यह था कि इन आरोपियों ने डाक अधीक्षक की अलमारी से पांच एटीएम कार्ड और उनसे जुड़े दस्तावेज चुरा लिए थे। इसके बाद रकम निकाल ली गई थी। इसमें कई लोगों के नाम सामने आए थे। एक कर्मचारी ने फंदे से लटककर आत्महत्या भी कर ली थी।
सरोज डिकेम फैक्टरी की आज नीलामी हुई है। अंतिम बोली 1.80 करोड़ रुपये की लगाई गई। अब खरीदार के नाम फैक्टरी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। - करनवीर सिंह, तहसीलदार