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दातागंज उपकोषागार में हुए पांच करोड़ के घोटाले की जांच को ईओडब्ल्यू के अफसर बदायूं पहुंचे
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बदायूं। दातागंज उपकोषागार में हुए पांच करोड़ों के घोटाले में शनिवार को ईओडब्ल्यू के इंस्पेक्टर बदायूं पहुंचे थे। उन्होंने शनिवार मुख्य कोषागार में जांच की। साथ ही रविवार को दातागंज भी जाकर उपकोषागार को चेक किया था। उसके बाद में शाम को वह वापस लौट गए।
आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा(ईओडब्ल्यू) के इंस्पेक्टर वीरपाल सिंह ने शनिवार को मुख्य उपकोषागार में जांच की। साथ ही यहां पर दस्तावेजों का गहनता से निरीक्षण किया। उसके बाद में रविवार को उन्होंने दातागंज उपकोषागार को चेक किया। साथ ही वहां पर भी अभिलेखों को देख। साथ ही अधिकारियों से बात की। उसकी संपूर्ण रिपोर्ट बनायी है। वहीं शाम को वह वापस हो गए। हालांकि इस मामले का मुख्य आरोपी रोकड़िया हरीश कुमार जेल में है। जबकि उसका सहयोगी राजेश सगर अभी पुलिस गिरफ्त से दूर है। चर्चा है कि वह भी मुख्य आरोपी की तरह कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में है। सांठगांठ होने की वजह से पुलिस जानकारी होने के बाद में उस पर हाथ नहीं डाल रही है। हालांकि इस मामले को लेकर शासन बेहद गंभीर है। जिसकी वजह से इस मामले में लगातार कार्रवाई होती जा रही है।
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आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा(ईओडब्ल्यू) के इंस्पेक्टर वीरपाल सिंह ने शनिवार को मुख्य उपकोषागार में जांच की। साथ ही यहां पर दस्तावेजों का गहनता से निरीक्षण किया। उसके बाद में रविवार को उन्होंने दातागंज उपकोषागार को चेक किया। साथ ही वहां पर भी अभिलेखों को देख। साथ ही अधिकारियों से बात की। उसकी संपूर्ण रिपोर्ट बनायी है। वहीं शाम को वह वापस हो गए। हालांकि इस मामले का मुख्य आरोपी रोकड़िया हरीश कुमार जेल में है। जबकि उसका सहयोगी राजेश सगर अभी पुलिस गिरफ्त से दूर है। चर्चा है कि वह भी मुख्य आरोपी की तरह कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में है। सांठगांठ होने की वजह से पुलिस जानकारी होने के बाद में उस पर हाथ नहीं डाल रही है। हालांकि इस मामले को लेकर शासन बेहद गंभीर है। जिसकी वजह से इस मामले में लगातार कार्रवाई होती जा रही है।
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