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गबन का मामलाः अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के दो और कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज
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बदायूं। अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक के बाद दो अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। बोर्ड ने इसकी जांच शुरू कर दी है। वहीं रुपये गबन के मामले में सिविल लाइंस पुलिस को तहरीर दे दी गई है। जिस पर अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
शुक्रवार सुबह जब अर्बन कोऑपरेटिव बैंक खुली थी। उसका लॉकर चेक किया गया तो उसमें एक लाख 38 हजार रुपये कम निकले थे। इस पर बैंक के महाप्रबंधक संजय कुमार सिंह उर्फ संजय चौधरी ने स्टाफ के ही सहायक शाखा प्रबंधक सचिन अग्रवाल पर रुपये गायब करने का आरोप लगाया था। इसकी सूचना मिलते ही बोर्ड की अध्यक्ष और सदस्य पहुंच गए। अचानक मीटिंग की गई। मामले की जानकारी ली गई तो पता चला कि रुपये सचिन अग्रवाल और स्नेह सिंह राठौर के हस्ताक्षर के बाद रखे गए थे। इसकी मुख्य जिम्मेदारी महाप्रबंधक की थी, जिससे उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। उनके खिलाफ पुलिस को तहरीर दे दी गई। बताते हैं कि इस मामले में अभी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इसके लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। इधर, माना जा रहा है कि इस मामले में अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के दो अन्य कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। इसमें उनकी भी लापरवाही मानी जा रही है। बोर्ड क्या तय करता है, ये बैठक के बाद पता चलेगा। बैंक की अध्यक्ष रेखा शाक्य ने बताया कि इस मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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शुक्रवार सुबह जब अर्बन कोऑपरेटिव बैंक खुली थी। उसका लॉकर चेक किया गया तो उसमें एक लाख 38 हजार रुपये कम निकले थे। इस पर बैंक के महाप्रबंधक संजय कुमार सिंह उर्फ संजय चौधरी ने स्टाफ के ही सहायक शाखा प्रबंधक सचिन अग्रवाल पर रुपये गायब करने का आरोप लगाया था। इसकी सूचना मिलते ही बोर्ड की अध्यक्ष और सदस्य पहुंच गए। अचानक मीटिंग की गई। मामले की जानकारी ली गई तो पता चला कि रुपये सचिन अग्रवाल और स्नेह सिंह राठौर के हस्ताक्षर के बाद रखे गए थे। इसकी मुख्य जिम्मेदारी महाप्रबंधक की थी, जिससे उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। उनके खिलाफ पुलिस को तहरीर दे दी गई। बताते हैं कि इस मामले में अभी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इसके लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। इधर, माना जा रहा है कि इस मामले में अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के दो अन्य कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। इसमें उनकी भी लापरवाही मानी जा रही है। बोर्ड क्या तय करता है, ये बैठक के बाद पता चलेगा। बैंक की अध्यक्ष रेखा शाक्य ने बताया कि इस मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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