Sawan 2023: 200 साल पुराना है बदायूं का बिरुआबाड़ी मंदिर, खोदाई में निकला था शिवलिंग; यह है मान्यता
बिरुआबाड़ी मंदिर में श्री राम दरबार, शिव परिवार, कृष्ण, बाला जी दरबार, हनुमान जी, बांके बिहारी आदि की भव्य मूर्तियां स्थापित हैं। इसके साथ ही मंदिर में ही गीता भवन बना हुआ है। सावन में यहां आस्था का जनसैलाब उमड़ता है।
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बदायूं शहर में स्थित बिरुआबाड़ी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का विशेष केंद्र है। सौ साल से भी अधिक पुराना यह मंदिर आस्था के साथ अपनी सुंदरता और भव्यता के लिए भी पहचाना जाता है। सावन के महीने में यहां रोजाना हजारों शिवभक्त जलाभिषेक कर मनौती मांगते हैं। खासकर सावन के सोमवार को तो यहां काफी भीड़ जुटती है।
शहर के प्रमुख मंदिरों में शामिल बिरुआबाड़ी मंदिर काफी पुराना है। बुजुर्गों के अनुसार इस जगह पर करीब 200 साल से पहले बिरुआ नाम का एक माली खेती करता था। बताते हैं कि एक बार जब उसने फसल को जोतने के लिए हल चलाया तो खेत में एक जगह जाकर हल अटक गया। ऐसा बार-बार हुआ तो बिरुआ ने वहां खोदाई की।
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खोदाई के बाद यहां शिवलिंग निकला था। उसके बाद उसने वहां पर मठिया बनाकर पूजा शुरू कर दी। काफी समय तक उसने इस स्थान पर सेवा की। बुजुर्गो के अनुसार साल 1932 में उसने इस मठिया की जिम्मेदारी लाला हरसहायमल श्यामलाल सराफ को सौंप दी। इसके बाद 1984 में मंदिर को वृहद रूप देते हुए इसका जीर्णोद्धार शुरू कराया गया। तब से बिरुआ माली के नाम पर इसे बिरुआबाड़ी मंदिर कहा जाने लगा।
प्रतिमाएं बनी आकर्षण का केंद्र
बिरुआबाड़ी मंदिर में श्री राम दरबार, शिव परिवार, कृष्ण, बाला जी दरबार, हनुमान जी, बांके बिहारी आदि की भव्य मूर्तियां स्थापित हैं। इसके साथ ही मंदिर में ही गीता भवन बना हुआ है। वहां पर अर्जुन का गीता का उपदेश देते हुए भगवान श्रीकृष्ण की विशाल प्रतिमा भी स्थापित है। यहां कई धार्मिक कार्यक्रम यदाकदा होते रहते हैं। मंदिर के बीचोंबीच शिवलिंग स्थापित है, जिसमें रोजाना सैकड़ों लोग पूजा करने आते हैं। सावन के महीने में तो यहां काफी भीड़ लगती है।
ऐसे पहुंचे मंदिर
बिरुआबाड़ी मंदिर काली सड़क पर स्थित है। रोडवेज से मंदिर पहुंचने के लिए परशुराम चौक पर आना होगा। उसके बाद में गांधी ग्राउंड रोड होते हुए गद्दी चौक, नई सराय, शहबाजपुर, टिकटगंज फिर पथिक चौक तक जाना होगा। उसके बाद में दाएं हाथ पर मुड़कर नवादा रोड पर आगे बढ़ना होगा। करीब 400 मीटर की दूरी पर मंदिर स्थापित है।
रेलवे स्टेशन से मंदिर जाने के लिए इंदिरा चौक आना होगा। वहां से दो रूट मंदिर जाने के है। पहला रूट जो शहर के अंदर होकर है, जिसमें इंदिरा चौक से श्रीकृष्णा इंटर कॉलेज के सामने होते हुए गांधी ग्राउंड पहुंचना होगा। वहां से गद्दी चौक वाला रूट मंदिर तक जाता है। दूसरा रूट इंदिरा चौक से दातागंज तिराहा होते हुए नवादा (शहीद भगत सिंह चौक) तक का है। शहीद भगत सिंह चौक के पास से शहर के अंदर काली सड़क से होते हुए मंदिर तक पहुंच सकते हैं।