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गंगाघाट से लेकर बरेली-मथुरा हाईवे तक समूचा महौल भक्तिमय
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निजी वाहनों के साथ झूमते शिवालयों की ओर निकली टोली। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उझानी/कछला (बदायूं)। सावन के पहले दिन से शुरू हुई कांवड़ यात्रा ने रविवार देर रात जोर पकड़ा तो गंगाघाट से लेकर बरेली-मथुरा हाईवे तक समूचा माहौल भोलेमय नजर आया। कोरोना काल में दो साल के बाद कांवड़ियों को भोले के प्रति आस्था प्रकट करने का मौका मिला तो उनमें जबरदस्त जोश दिखा।
इधर, इस बार गर्मी का असर साफ दिखा, जिस कारण बड़ी संख्या में कांवड़िये ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, पिकअप या फिर बाइक पर दिखे। रविवार रात से लेकर सोमवार सुबह तक जो टोलियां शिवालयों की ओर निकलीं, उनमें अधिकतर निजी वाहनों पर सवार थीं। यही नहीं गंगाघाट से ही कांवड़िये वाहनों से सवार होकर कांवड़ यात्रा शुरू करते नजर आए। गंगाघाट पर पूरी रात कांवड़ पूजन का दौर भी चला।
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महिला कांवड़ियों की संख्या में गिरावट
कांवड़ यात्रा के पहले पड़ाव में कांवड़ियों की संख्या में रविवार रात तेजी से इजाफा हुआ लेकिन शिवभक्तों की टोलियों में महिलाओं की संख्या काफी कम रही। चार-छह टोलियों में ही महिलाएं कांवड़ लेकर निकलीं। बदायूं की मीरा सराय निवासी अनीता ने कहा-संख्या बढ़ेगी।
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दावों से इतर दिखी व्यवस्था
कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम का प्रशासनिक स्तर से दावा किया जाता रहा है। इसके विपरीत रविवार रात कांवड़िये कछला और उझानी मार्केट में होकर निकले तो घंटों बत्ती गुल होने से उन्हें अंधेरे का सामना करना पड़ा। अपने वाहनों और डीजे साउंड सिस्टम के साथ चल रहे जनरेटर की रोशनी के सहारे ही उन्हें शिवालयों की ओर यात्रा तय करनी पड़ी। ऐसा तीन-चार दिनों से हो रहा है।
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इधर, इस बार गर्मी का असर साफ दिखा, जिस कारण बड़ी संख्या में कांवड़िये ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, पिकअप या फिर बाइक पर दिखे। रविवार रात से लेकर सोमवार सुबह तक जो टोलियां शिवालयों की ओर निकलीं, उनमें अधिकतर निजी वाहनों पर सवार थीं। यही नहीं गंगाघाट से ही कांवड़िये वाहनों से सवार होकर कांवड़ यात्रा शुरू करते नजर आए। गंगाघाट पर पूरी रात कांवड़ पूजन का दौर भी चला।
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महिला कांवड़ियों की संख्या में गिरावट
कांवड़ यात्रा के पहले पड़ाव में कांवड़ियों की संख्या में रविवार रात तेजी से इजाफा हुआ लेकिन शिवभक्तों की टोलियों में महिलाओं की संख्या काफी कम रही। चार-छह टोलियों में ही महिलाएं कांवड़ लेकर निकलीं। बदायूं की मीरा सराय निवासी अनीता ने कहा-संख्या बढ़ेगी।
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दावों से इतर दिखी व्यवस्था
कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम का प्रशासनिक स्तर से दावा किया जाता रहा है। इसके विपरीत रविवार रात कांवड़िये कछला और उझानी मार्केट में होकर निकले तो घंटों बत्ती गुल होने से उन्हें अंधेरे का सामना करना पड़ा। अपने वाहनों और डीजे साउंड सिस्टम के साथ चल रहे जनरेटर की रोशनी के सहारे ही उन्हें शिवालयों की ओर यात्रा तय करनी पड़ी। ऐसा तीन-चार दिनों से हो रहा है।