{"_id":"6258715f0d8e980a3c62590f","slug":"samvad-badaun-news-bly481522245","type":"story","status":"publish","title_hn":"संवाद: खिलाड़ी बोले- संसाधनों संग सुविधाएं मिलें तो हम दिखाएंगे दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संवाद: खिलाड़ी बोले- संसाधनों संग सुविधाएं मिलें तो हम दिखाएंगे दम
विज्ञापन
खेलों की दशा को लेकर संवाद करते युवा क्रिकेटर। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, अगर प्रतिभाओं को संसाधनों संग सुविधाएं मिलें तो बदायूं के खिलाड़ी प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक जिले का नाम रोशन कर सकते हैं। क्रिकेट को लेकर तो युवाओं में जुनून सा है, लेकिन संसाधन न होने के कारण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल पाता। खिलाड़ियों के मन में इस बात को लेकर टीस भी है।
एसके इंटर कॉलेज ग्राउंड में बदायूं क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से नियमित अभ्यास मैचों में बड़ी संख्या में खिलाड़ी जुटते हैं। अंडर-16, अंडर-18 से लेकर अंडर-23 तक के क्रिकेटर पिच पर हाथ आजमाते हैं। बृहस्पतिवार को भी शहर के कोने-कोने से खिलाड़ी पहुंचे। क्रिकेट कोच संतोष बाबू शर्मा के निर्देशन में पिच पर पसीना बहाया। इस दौरान संवाद किया तो खिलाड़ियों के साथ कोच संतोष बाबू शर्मा की टीस भी जुबां पर आ गई।
-
स्टेडियम काफी दूर है, एसके कॉलेज फील्ड में भी पिच मुफीद नहीं है। मेरा सपना बड़ा क्रिकेटर बनना है। स्कूल में कुछ खेल गतिविधियां होती हैं, लेकिन स्टेडियम स्तर पर बदायूं में सुविधाएं न होना समस्या है।
विज्ञापन
-पुष्कर मौर्य
-
खेल प्रतिभाओं को सुविधाएं और संसाधन मिलें तो बदायूं के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर जिले का नाम रोशन कर सकते हैं। खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम नहीं हो रहे।
-हरनाम सिंह
-
बदायूं क्रिकेट एसोसिएशन ने कई अच्छे खिलाड़ी दिए हैं, मंडल स्तर तक टीमें प्रतिभाग कर चुकी हैं, लेकिन प्रदेश स्तर पर खेलने का मौका नहीं मिल पाता, इस कारण तकलीफ होती है।
-हर्ष प्रताप
-
शासन-प्रशासन को चाहिए कि खेलों को बढ़ावा दिया जाए। स्टेडियम के साथ अन्य स्थानों पर भी क्रिकेट पिच तैयार की जाएं और सुविधाएं मिलें तो बदायूं के खिलाड़ी चमक सकते हैं।
-अनुभव गुप्ता
-
युवाओं में क्रिकेट को लेकर काफी जुनून है, यह जुनून कामयाबी में बदले इसके लिए खेलों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। सुविधाएं और संसाधनों के अभाव में भी खिलाड़ी आगे बढ़ रहे हैं।
-कृष्णा सोलंकी
-
स्टेडियम दूर है, खिलाड़ी एसके इंटर कॉलेज फील्ड में ही ट्रायल करते हैं, यहां भी पिच अच्छी नहीं है। पिच और संसाधन खेल में अहम होते हैं, यहां इनका ही अभाव बना हुआ है।
-इकलेश यादव
-
क्रिकेट कोच की बात
किसी भी खेल में सुविधाएं और संसाधन अहम होते हैं। बदायूं क्रिकेट एसोसिएशन को कहीं से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलती। एसके कॉलेज ग्राउंड में अलग से पिच तैयार कराई जा रही है। प्रतिदिन ट्रायल होता है। खिलाड़ियों को सुविधाएं और संसाधन मिलें जो वह नाम रोशन कर सकते हैं।
-संतोष बाबू शर्मा, क्रिकेट कोच
विज्ञापन
एसके इंटर कॉलेज ग्राउंड में बदायूं क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से नियमित अभ्यास मैचों में बड़ी संख्या में खिलाड़ी जुटते हैं। अंडर-16, अंडर-18 से लेकर अंडर-23 तक के क्रिकेटर पिच पर हाथ आजमाते हैं। बृहस्पतिवार को भी शहर के कोने-कोने से खिलाड़ी पहुंचे। क्रिकेट कोच संतोष बाबू शर्मा के निर्देशन में पिच पर पसीना बहाया। इस दौरान संवाद किया तो खिलाड़ियों के साथ कोच संतोष बाबू शर्मा की टीस भी जुबां पर आ गई।
विज्ञापन
-
स्टेडियम काफी दूर है, एसके कॉलेज फील्ड में भी पिच मुफीद नहीं है। मेरा सपना बड़ा क्रिकेटर बनना है। स्कूल में कुछ खेल गतिविधियां होती हैं, लेकिन स्टेडियम स्तर पर बदायूं में सुविधाएं न होना समस्या है।
विज्ञापन
-पुष्कर मौर्य
-
खेल प्रतिभाओं को सुविधाएं और संसाधन मिलें तो बदायूं के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर जिले का नाम रोशन कर सकते हैं। खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम नहीं हो रहे।
-हरनाम सिंह
-
बदायूं क्रिकेट एसोसिएशन ने कई अच्छे खिलाड़ी दिए हैं, मंडल स्तर तक टीमें प्रतिभाग कर चुकी हैं, लेकिन प्रदेश स्तर पर खेलने का मौका नहीं मिल पाता, इस कारण तकलीफ होती है।
-हर्ष प्रताप
-
शासन-प्रशासन को चाहिए कि खेलों को बढ़ावा दिया जाए। स्टेडियम के साथ अन्य स्थानों पर भी क्रिकेट पिच तैयार की जाएं और सुविधाएं मिलें तो बदायूं के खिलाड़ी चमक सकते हैं।
-अनुभव गुप्ता
-
युवाओं में क्रिकेट को लेकर काफी जुनून है, यह जुनून कामयाबी में बदले इसके लिए खेलों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। सुविधाएं और संसाधनों के अभाव में भी खिलाड़ी आगे बढ़ रहे हैं।
-कृष्णा सोलंकी
-
स्टेडियम दूर है, खिलाड़ी एसके इंटर कॉलेज फील्ड में ही ट्रायल करते हैं, यहां भी पिच अच्छी नहीं है। पिच और संसाधन खेल में अहम होते हैं, यहां इनका ही अभाव बना हुआ है।
-इकलेश यादव
-
क्रिकेट कोच की बात
किसी भी खेल में सुविधाएं और संसाधन अहम होते हैं। बदायूं क्रिकेट एसोसिएशन को कहीं से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलती। एसके कॉलेज ग्राउंड में अलग से पिच तैयार कराई जा रही है। प्रतिदिन ट्रायल होता है। खिलाड़ियों को सुविधाएं और संसाधन मिलें जो वह नाम रोशन कर सकते हैं।
-संतोष बाबू शर्मा, क्रिकेट कोच