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Budaun News: रोडवेज के गेट से डग्गामारी...कोई शिकायत करे तो कुर्सी से हिलें अधिकारी
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बदायूं। रोडवेज बस स्टैंड के गेट से डग्गामार बसों के चालक चीख-चीखकर सवारियां भरते हैं। लेकिन परिवहन निगम के अधिकारियों तक ये आवाजें नहीं पाती। इन्हें नहीं सुन पाते। सिलसिला सालों से चला आ रहा है। इससे परिवहन निगम को करीब पांच लाख रुपये प्रति महीने का नुकसान हो रहा है। अधिकारी पत्र के इंतजार में है। मिलने पर ही वे इस अव्यवस्था के खिलाफ अभियान चलाएंगे।
अवैध रूप से बसों को संचालित करने वालों को पुलिस का भी डर नहीं है। उन्हीं के सामने वे सवारियां ढोते हैं। कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अभियान चलाकर ऐसी बसों को हटवा चुके हैं। कुछ दिनों बाद स्थिति जस की तस हो जाती है। दो साल पहले परिवहन निगम के कर्मचारियों ने करीब एक माह तक धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, एआरटीओ, परिवहन निगम के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक टीम गठित की गई थी। तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह ने डग्गामार बसें हटवाने के निर्देश दिए थे। करीब एक माह तक मामला सही रहा लेकिन फिर से चौराहे पर डग्गामार बसें खड़ी होना शुरू हो गई।
इसके बाद कई बार अभियान चला लेकिन चौराहे से डग्गामार बसें नहीं हटाई जा सकीं। इससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है बल्कि चौराहे पर जाम लग रहा है। बसों को बीच चौराहे पर रोडवेज के गेट पर लाकर खड़ा कर दिया जाता है। फिर वहीं से सवारियों को बैठाया जाता है। चौराहे से एक बस हटती है फिर दूसरी आकर खड़ी हो जाती है।
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इन जगहों से भी होती है डग्गामारी
केवल रोडवेज गेट ही नहीं, ये डग्गामार बस चालक भामाशाह चौक, इंदिरा चौक, दातागंज तिराहा, पुरानी चुंगी आदि जगहों से भी सवारियां भरते है लेकिन किसी की नजर इस पर नहीं जाती। इन स्थानों से भी बरेली और चंदौसी-मुुरादाबाद जाने वाली सवारियां रोडवेज में बैठती हैं, लेकिन उससे पहले इन डग्गामार बसों के चालक उन्हें अपनी बस में चढ़ा ले जाते हैं। इससे निगम को लाखों रुपये का प्रतिमाह नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा दातागंज, ककराला ,उसहैत, अलापुर आदि जगहों के लिए भी डग्गामार बसें सवारी भरती हैं।
एआरएम ने एआरटीओ को लिखा पत्र
रोडवेज चौराहे से डग्गामार बसें हटवाई जाएंगी। कर्मचारियों को निर्देशित किया है। हमने एआरटीओ को पत्र लिखा है। वह एक-दो दिन में चौराहे पर आकर अभियान चलाएंगे। जो बसें खड़ी मिलेंगी। उनका चालान किया जाएगा।
- अशोक कुमार, एआरएम परिवहन निगम
हमारे पास अभी कोई पत्र नहीं आया
फिलहाल अभी हमारे पास एआरएम का कोई लेटर तो नहीं आया है, लेकिन हम जल्द ही वाहनों की चेकिंग शुरू करेंगे। जो भी डग्ग्गामार वाहन चौराहे पर खड़े मिलेंगे, उनके चालान किए जाएंगे।
- सोहेल अहमद, एआरटीओ प्रवर्तन
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अवैध रूप से बसों को संचालित करने वालों को पुलिस का भी डर नहीं है। उन्हीं के सामने वे सवारियां ढोते हैं। कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अभियान चलाकर ऐसी बसों को हटवा चुके हैं। कुछ दिनों बाद स्थिति जस की तस हो जाती है। दो साल पहले परिवहन निगम के कर्मचारियों ने करीब एक माह तक धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, एआरटीओ, परिवहन निगम के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक टीम गठित की गई थी। तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह ने डग्गामार बसें हटवाने के निर्देश दिए थे। करीब एक माह तक मामला सही रहा लेकिन फिर से चौराहे पर डग्गामार बसें खड़ी होना शुरू हो गई।
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इसके बाद कई बार अभियान चला लेकिन चौराहे से डग्गामार बसें नहीं हटाई जा सकीं। इससे न सिर्फ यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है बल्कि चौराहे पर जाम लग रहा है। बसों को बीच चौराहे पर रोडवेज के गेट पर लाकर खड़ा कर दिया जाता है। फिर वहीं से सवारियों को बैठाया जाता है। चौराहे से एक बस हटती है फिर दूसरी आकर खड़ी हो जाती है।
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इन जगहों से भी होती है डग्गामारी
केवल रोडवेज गेट ही नहीं, ये डग्गामार बस चालक भामाशाह चौक, इंदिरा चौक, दातागंज तिराहा, पुरानी चुंगी आदि जगहों से भी सवारियां भरते है लेकिन किसी की नजर इस पर नहीं जाती। इन स्थानों से भी बरेली और चंदौसी-मुुरादाबाद जाने वाली सवारियां रोडवेज में बैठती हैं, लेकिन उससे पहले इन डग्गामार बसों के चालक उन्हें अपनी बस में चढ़ा ले जाते हैं। इससे निगम को लाखों रुपये का प्रतिमाह नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा दातागंज, ककराला ,उसहैत, अलापुर आदि जगहों के लिए भी डग्गामार बसें सवारी भरती हैं।
एआरएम ने एआरटीओ को लिखा पत्र
रोडवेज चौराहे से डग्गामार बसें हटवाई जाएंगी। कर्मचारियों को निर्देशित किया है। हमने एआरटीओ को पत्र लिखा है। वह एक-दो दिन में चौराहे पर आकर अभियान चलाएंगे। जो बसें खड़ी मिलेंगी। उनका चालान किया जाएगा।
- अशोक कुमार, एआरएम परिवहन निगम
हमारे पास अभी कोई पत्र नहीं आया
फिलहाल अभी हमारे पास एआरएम का कोई लेटर तो नहीं आया है, लेकिन हम जल्द ही वाहनों की चेकिंग शुरू करेंगे। जो भी डग्ग्गामार वाहन चौराहे पर खड़े मिलेंगे, उनके चालान किए जाएंगे।
- सोहेल अहमद, एआरटीओ प्रवर्तन