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Budaun News: पिपरा गांव में सड़क बनी तालाब, कैसे पहुंच पाएगी बाढ़ पीड़ित गांवों को मदद
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पिपरा-हजरतपुर पुल मार्ग बदहाल, कैसे हो अवागमन। संवाद
दातागंज। शाहजहांपुर और बदायूं को जोड़ने वाला पिपरा-हजरतपुर पुल मार्ग करीब 20 मीटर की लंबाई में बेहद खराब है। गहरे गड्डे, जलभराव और कीचड़ के कारण लोग तो दूर जानवर भी इधर से नहीं निकलते। खास बात यह है कि यह मार्ग क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों को भी जोड़ता है। जब रामगंगा में बाढ़ आती है तो राहत सामग्री इसी मार्ग से संबंधित गांवों तक ले जाई जाती है। ऐसे ही हाल बने रहे तो बाढ़ प्रभावितों को बाढ़ राहत पहुंचाना भी मुश्किल हो जाएगा।
इस मार्ग पर जलभराव होने के कारण कई गांवों के लोगों को पिपरा गांव के अंदर से होकर निकलना पड़ता है। गांव के मार्ग संकरे होने के कारण दोपहिया या छोटे वाहन तो निकल जाते हैं, लेकिन बड़े वाहन नहीं। दातागंज से शाहजहांपुर जाने के लिए अगर इस मार्ग से गड़िया रंगीन होते हुए जाएं तो करीब 25 किमी की दूरी कम होती है, लेकिन पिपला गांव के पास 20 मीटर की लंबाई में खराब सड़क के कारण लोगों की आवाजाही फिलहाल संभव नहीं हो पा रही।
इस मार्ग से मलूकपुर, जरतोली, लभारी, शेरपुर, नवादा बदन, लालपुर होते हुए गड़िया रंगीन की ओर निकलना होता है। इनमें वे गांव भी हैं जो बाढ़ के दिनों में काफी प्रभावित हो जाते हैं। इन गांवों के लोगों को बचाने के लिए राहत सामग्री भी इसी मार्ग से भिजवानी पड़ती है। इसलिए इस मार्ग का दुरुस्तीकरण बहुत जरूरी है। बता दें कि कांवड़ यात्रा के समय इस मार्ग से होकर कांवड़िये पटना देवकली मंदिर पर जलाभिषेक करने जाते हैं, जो शुक्राचार्य की तपोभूमि कही जाती है।
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क्षेत्रीय दुकानदारों का व्यवसाय हुआ ठप
जलभराव के कारण पिपरा गांव में दुकानदारों का व्यवसाय पूरी तरह ठप हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि जलभराव के कारण बाजार में ग्राहक आना पसंद नहीं करते।
पिपरा गांव में मार्ग के खराब होने की जानकारी मिली है। निरीक्षण कराके मार्ग सही कराया जाएगा। - विनोद कुमार सिंह, एसडीएम, दातागंज
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इस मार्ग पर जलभराव होने के कारण कई गांवों के लोगों को पिपरा गांव के अंदर से होकर निकलना पड़ता है। गांव के मार्ग संकरे होने के कारण दोपहिया या छोटे वाहन तो निकल जाते हैं, लेकिन बड़े वाहन नहीं। दातागंज से शाहजहांपुर जाने के लिए अगर इस मार्ग से गड़िया रंगीन होते हुए जाएं तो करीब 25 किमी की दूरी कम होती है, लेकिन पिपला गांव के पास 20 मीटर की लंबाई में खराब सड़क के कारण लोगों की आवाजाही फिलहाल संभव नहीं हो पा रही।
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इस मार्ग से मलूकपुर, जरतोली, लभारी, शेरपुर, नवादा बदन, लालपुर होते हुए गड़िया रंगीन की ओर निकलना होता है। इनमें वे गांव भी हैं जो बाढ़ के दिनों में काफी प्रभावित हो जाते हैं। इन गांवों के लोगों को बचाने के लिए राहत सामग्री भी इसी मार्ग से भिजवानी पड़ती है। इसलिए इस मार्ग का दुरुस्तीकरण बहुत जरूरी है। बता दें कि कांवड़ यात्रा के समय इस मार्ग से होकर कांवड़िये पटना देवकली मंदिर पर जलाभिषेक करने जाते हैं, जो शुक्राचार्य की तपोभूमि कही जाती है।
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क्षेत्रीय दुकानदारों का व्यवसाय हुआ ठप
जलभराव के कारण पिपरा गांव में दुकानदारों का व्यवसाय पूरी तरह ठप हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि जलभराव के कारण बाजार में ग्राहक आना पसंद नहीं करते।
पिपरा गांव में मार्ग के खराब होने की जानकारी मिली है। निरीक्षण कराके मार्ग सही कराया जाएगा। - विनोद कुमार सिंह, एसडीएम, दातागंज