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Budaun News: लेखपाल समेत सात पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट
Mon, 06 Nov 2023 12:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 06 Nov 2023 12:23 AM IST
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बदायूं। शहर के एक व्यक्ति को धोखाधड़ी से जमीन का बैनामा करा दिया गया। इससे पहले आरोपी वही जमीन किसी और को भी बेच चुके थे। इस फर्जीवाड़े के आरोप में लेखपाल समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ब्राहमपुर निवासी हंशप्रताप सिंह के मुताबिक वर्ष 2019 में शहर के नेकपुर निवासी लेखपाल राकेश मूसाझाग इलाके में गिधौल गांव पर तैनात थे। उस दौरान लेखपाल ने बताया कि गिधौल गांव में बेहद सस्ती और अच्छी जमीन है। कोई विवाद भी नहीं है। इसे खरीद लो, अच्छा मुनाफा होगा। लेखपाल ने उन्हें खेड़ा बुजुर्ग निवासी गंगाराम, सुंदरलाल, डालचंद, जगन्नाथ, हरप्रसाद और सुखदेवी से मिलवाया। उन्होंने लेखपाल के कहने पर उनकी जमीन खरीद ली। लेखपाल ने ही रजिस्ट्री कार्यालय जाकर उनका बैनामा कराया। बाद में खेत पर जाकर उनको कब्जा भी दिलाया और उनकी दाखिल खारिज भी करवाई। तहसील के अभिलेखों में उनका नाम दर्ज हो गया था। इसी दौरान लेखपाल का कानून-गो के पद पर दूसरे जिले में ट्रांसफर हो गया। कुछ समय बाद उन्होंने चकबंदी रिकॉर्ड रूम से खेत के कागजों की नकल निकवाई तो उन्हें पता चला कि उसी खेत का बैनामा मृत चेतराम ने गांव के ही रूपराम को किया था। उसके दाखिल खारिज होने के कागजात आए तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। आरोपियों ने एक साजिश के तहत उन्हें शिकार बनाया था। बाद में उन्होंने शिकायत की तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में हंश प्रताप ने न्यायालय में परिवाद दायर कराया था। सिविल लाइंस पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ब्राहमपुर निवासी हंशप्रताप सिंह के मुताबिक वर्ष 2019 में शहर के नेकपुर निवासी लेखपाल राकेश मूसाझाग इलाके में गिधौल गांव पर तैनात थे। उस दौरान लेखपाल ने बताया कि गिधौल गांव में बेहद सस्ती और अच्छी जमीन है। कोई विवाद भी नहीं है। इसे खरीद लो, अच्छा मुनाफा होगा। लेखपाल ने उन्हें खेड़ा बुजुर्ग निवासी गंगाराम, सुंदरलाल, डालचंद, जगन्नाथ, हरप्रसाद और सुखदेवी से मिलवाया। उन्होंने लेखपाल के कहने पर उनकी जमीन खरीद ली। लेखपाल ने ही रजिस्ट्री कार्यालय जाकर उनका बैनामा कराया। बाद में खेत पर जाकर उनको कब्जा भी दिलाया और उनकी दाखिल खारिज भी करवाई। तहसील के अभिलेखों में उनका नाम दर्ज हो गया था। इसी दौरान लेखपाल का कानून-गो के पद पर दूसरे जिले में ट्रांसफर हो गया। कुछ समय बाद उन्होंने चकबंदी रिकॉर्ड रूम से खेत के कागजों की नकल निकवाई तो उन्हें पता चला कि उसी खेत का बैनामा मृत चेतराम ने गांव के ही रूपराम को किया था। उसके दाखिल खारिज होने के कागजात आए तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। आरोपियों ने एक साजिश के तहत उन्हें शिकार बनाया था। बाद में उन्होंने शिकायत की तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में हंश प्रताप ने न्यायालय में परिवाद दायर कराया था। सिविल लाइंस पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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