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...तो क्या कब्र के पास मिले कपड़े कराएंगे नवजात के पिता की %पहचान%

Sun, 15 Sep 2019 07:32 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 15 Sep 2019 07:32 PM IST
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rape victim
उझानी (बदायूं)। दुष्कर्म की शिकार किशोरी के मृत नवजात बच्चे का शव कब्र से गायब हो जाने के मामले में जेल में बंद आरोपी विक्रम मौर्य की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कब्र में शव मिल जाता तो सैंपल के आधार पर डीएनए टेस्ट कराने में भी पुलिस को दिक्कत नहीं होती। पुलिस को चूंकि मौके पर महज कपड़े मिले हैं, सो उनके ऊपर लगे नवजात के दाग-धब्बों की जांच के बाद ही उसके पिता की पहचान हो पाएगी।
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कपड़ों पर लगे दाग और धब्बों से क्या असलियत सामने आ सकती है, इसे लेकर चिकित्सक भी मानते हैं कि कपड़ों पर खून की एक बूंद भी पड़ जाए या फिर पसीने की बूंद लगी हो तो जांच में डीएनए की तरह ही हकीकत सामने आ जाती है। फिर, मृत बच्चा तो नवजात था। उसका नाल भी पैदाइश वाले दिन कटा होगा। नाल कोई एक दिन में नहीं सूख जाता। उससे खून की बूंदे भी टपककर उन कपड़ों पर गिरी होंगी, जिनके ऊपर नवजात रखा होगा या फिर उसे जो कपड़े पहनाए गए होंगे। डीएनए सैंपल लेने मौके पर पहुंचे डॉ. राजेश कुमार वर्मा भी ऐसा ही मानते हैं। बताया कि बरामद जिन कपड़ों को जांच के लिए सील किया गया है, यही कपड़े दुष्कर्म की शिकार किशोरी के भाई ने बच्चे के बताए हैं। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आरोपी का भी ब्लड सैंपल लिया जाता है। प्रयोगशाला में जांच के दौरान अगर दोनों सैंपल मैच करते हैं तो नवजात के पिता की पहचान करना कोई मुश्किल काम नहीं होगा।
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किशोरी दुष्कर्म पीड़िता है, ...फिर प्रसव के वक्त क्यों नहीं लिया गया डीएनए सैंपल
उझानी। बदायूं स्थित जिला महिला अस्पताल में जिस दिन किशोरी ने बच्चे को जन्म दिया, उसी दौरान उसकी मां ने डॉक्टर को बता दिया था कि उसकी बेटी अविवाहित है और उसके साथ दुष्कर्म हुआ था। भले ही बच्चा मृत पैदा हुआ हो लेकिन शव का डीएनए सैंपल लिया जा सकता था दुष्कर्म पीड़िता की मां इस दावे को सही मान लें तो डॉक्टर की भूमिका पर सवाल उठना भी लाजिमी है। उसकी नहीं सुनी गई तो वह खुद ही पुलिस को भी बता सकती थी। इसमें साजिश से भी इंकार नहीं किया जा सकता। साजिश के पीछे दोनों पक्ष में से कोई एक तो होगा लेकिन दिमाग जरूर किसी मास्टरमाइंड का चला होगा। दोनों ही बातें ग्रामीणों की जुबां पर हैं। एक तो आरोपी को कानूनी शिकंजे में पूरी तरह फंसा देने का या फिर उसे राहत पहुंचाने के लिए दूसरे पक्ष की ओर से नवजात का शव गायब करा दिए जाने का। दोनों की हकीकत तक पहुंचने के लिए पुलिस को भी नये सिरे से जांच करनी पड़ सकती है।
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नवजात के पिता के बारे में बरामद कपड़ों के आधार पर भी पता लग जाएगा। फिलहाल ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है कि शव को गायब कर दिया गया हो। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
- विनय कुमार द्विवेदी, सीओ।
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