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Budaun News: रामगंगा ने लील ली 55 किसानों की जमीन
Fri, 27 Sep 2024 08:34 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Fri, 27 Sep 2024 08:34 PM IST
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दातागंज क्षेत्र के गांव बिहारीपुर में कटान करता राम गंगा का पानी। संवाद
बदायूं। दातागंज क्षेत्र में जीवनदायिनी रामगंगा ने 55 किसानों की जमीन लील ली। दो गांवों में खेतिहर जमीन लगभग खत्म हो गई। किसानों के पूरे के पूरे खेत कटाव की जद में आ गए। स्थिति यह हो गई कि जो आज से एक माह पहले जमींदार थे अब वह बेजमीन हो गए है। अधिकारियों के अनुसार भी 60 हेक्टेयर जमीन राम गंगा के तेज बहाव में कट गई है। इसमें ऐसे बहुत से किसान है जिन पर दो हेक्टेयर से अधिक जमीन थी।
कई दिनों तक 16 गांवों में तांडव मचाने वाली बाढ़ ने अब किसानों को बेजमीन करना शुरू कर दिया है। राम गंगा के पानी का रुख बदला तो किसानों की जमीन राम गंगा में समाने लगी। अब तक दो गांवों के 55 किसानों की जमीन को गंगा ने काट लिया है। हालत यह है कि प्रशासन ऐसे किसानों को चिन्हित करने में तो लगा हुआ है जिनकी जमीन राम गंगा में कट गई, लेकिन इन्हें मुआवजे के नाम पर पिछले सालों की तरह इस बार भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान मुआवजा मिलने वाला है।
18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर
बेजमीन हुए किसानों को मुआवजा तो दिया जाता है, लेकिन वह इतना मुआवजा होता है कि किसान एक दो माह भी मुआवजे की मिलने वाली धनराशि से परिवार का पालन पोषण नहीं कर पाते। जिन किसानों की जमीन राम गंगा की धार से कट गई है। उन्हें 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा मिलेगा। जबकि वहां पर 60 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर जमीन बिक रही है।
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कई दिनों तक 16 गांवों में तांडव मचाने वाली बाढ़ ने अब किसानों को बेजमीन करना शुरू कर दिया है। राम गंगा के पानी का रुख बदला तो किसानों की जमीन राम गंगा में समाने लगी। अब तक दो गांवों के 55 किसानों की जमीन को गंगा ने काट लिया है। हालत यह है कि प्रशासन ऐसे किसानों को चिन्हित करने में तो लगा हुआ है जिनकी जमीन राम गंगा में कट गई, लेकिन इन्हें मुआवजे के नाम पर पिछले सालों की तरह इस बार भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान मुआवजा मिलने वाला है।
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18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर
बेजमीन हुए किसानों को मुआवजा तो दिया जाता है, लेकिन वह इतना मुआवजा होता है कि किसान एक दो माह भी मुआवजे की मिलने वाली धनराशि से परिवार का पालन पोषण नहीं कर पाते। जिन किसानों की जमीन राम गंगा की धार से कट गई है। उन्हें 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा मिलेगा। जबकि वहां पर 60 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर जमीन बिक रही है।
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