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Budaun News: राजाराम कॉलेज के लिपिक पर 36 लाख के घोटाले का आरोप, रिपोर्ट

Tue, 08 Apr 2025 01:33 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Tue, 08 Apr 2025 01:33 AM IST
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Rajaram College clerk accused of Rs 36 lakh scam, report
बदायूं। शहर के राजाराम महिला इंटर कॉलेज के सहायक लिपिक आशीष सक्सेना पर 36.29 लाख रुपये के गबन का आरोप लगा है। कॉलेज की कार्यवाहक प्रधानाचार्य ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई है।
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राजाराम महिला इंटर कॉलेज की कार्यवाहक प्रधानाचार्य अनीता कुमारी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉलेज के विभिन्न कामों से संबंधित धनराशि जमा करने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा और एसबीआई में अलग-अलग बैंक खाते खोल रखे हैं। इन सभी खातों की पासबुक और चेकबुक कॉलेज के प्रधान लिपिक मनोज भारद्वाज के पास रहती है। जबकि मिड-डे-मील के खातों की पासबुक व चेकबुक का रखरखाव सहायक लिपिक आशीष सक्सेना द्वारा किया जाता है। वित्तीय जरूरत पड़ने पर प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर के बाद ही चेक से धनराशि निकाली जाती है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि सहायक लिपिक आशीष सक्सेना अपने पिता अजय कुमार सक्सेना की मृत्यु के बाद मृतक आश्रित बतौर लगे हैं, उन्हें कोई वित्तीय अधिकार नहीं दिए गए हैं। कार्यवाहक प्रधानाचार्य के अनुसार, 29 जुलाई 2024 को कॉलेज के कर्मी राजाराम ने उन्हें बताया कि सहायक लिपिक ने ढाई लाख का बैंक ऑफ बड़ौदा का चेक भुगतान लाने के लिए उन्हें दिया।
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इसके बाद राजाराम ने बैंक से ढाई लाख रुपये निकालकर आशीष सक्सेना को दे दिए, साथ ही मनोज बाबू को न बताने को कहा। प्रधानाचार्य के अनुसार, जब राजाराम ने उन्हें आकर यह बात बताई तो उन्होंने प्रधान लिपिक मनोज तथा सहायक लिपिक आशीष को तुरंत बुलाया। इस पर आशीष ने उन्हें बताया कि ढाई लाख उसकी अलमारी में रखे हैं। जब उन्होंने मनोज को आशीष के साथ भेजा तो आशीष ने केवल डेढ़ लाख रुपये दिए तथा शेष एक लाख रुपये एक-दो दिन में देने का वायदा किया।

वहीं, प्रधानाचार्य के अनुसार, जब उन्होंने कॉलेज के खाते चेक कराए तो पता चला कि आशीष सक्सेना ने उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर करीब 10.23 लाख रुपये निकाल लिए हैं और उनका उपयोग व्यक्तिगत रूप से कर लिया है। अन्य कागजों की जांच में पता चला कि आशीष द्वारा करीब 36 लाख रुपये का गबन फर्जी हस्ताक्षर करके किया है। प्रधानाचार्य के अनुसार, कुछ धनराशि आशीष सक्सेना द्वारा जमा करा दी गई है जबकि कुछ राशि अभी बकाया है। इसके बाद प्रधानाचार्य ने विगत रविवार को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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