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Budaun News: बारिश ने एकादशी पर मंदिरों की रोशनी की कम
Mon, 11 Sep 2023 12:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 11 Sep 2023 12:53 AM IST
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बदायूं। जिले में हर साल की तरह इस बार भी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के तीन दिन बाद सूतक समाप्ति पर एकादशी को मंदिरों काे सजाया जा रहा था, लेकिन इस बार एकादशी पर सजने वाले मंदिरों पर बारिश की मार पड़ गई है। हालात ये है दोपहर बाद से शुरू हुई बारिश देर रात तक जारी रही। इसकी वजह से लोग भी अपेक्षाकृत मंदिर में सजावट देखने कम पहुंचे।
जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में शहर को छोड़कर जिलेभर में सभी मंदिरों को सजाया गया था, लेकिन एकादशी के अवसर पर शहर के सभी छोटे-बड़े मंदिरों से सजा गया है। इस बार बारिश की वजह से सजावट में पिछले सालों की अपेक्षा कुछ कमी नजर आई। बारिश की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकले पाए। ऐसे में एकादशी पर जिन सड़कों पर पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती थी। वहां पर आज सन्नाटा का पसरा हुआ था, हालांकि लोग मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचे, लेकिन वह ज्यादा देर तक वहां पर नहीं रुके।
ठेले-खोमचे वालों को हुआ नुकसान
एकादशी पर बिरुआबाड़ी मंदिर के आसपास मेले जैसे माहौल होता है। दर्जनों फास्ट फूड के ठेले-खोमचे, छोटे झूले, बच्चों के खिलौनी की अस्थाई दुकान लगाई जाती है, लेकिन बारिश की वजह से उन लोगाें को काफी नुकसान हो गया। उनका बनाया गया सामान तक नहीं बिक सका। इससे दुकानदारों में मायूसी हाथ लगी।
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जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में शहर को छोड़कर जिलेभर में सभी मंदिरों को सजाया गया था, लेकिन एकादशी के अवसर पर शहर के सभी छोटे-बड़े मंदिरों से सजा गया है। इस बार बारिश की वजह से सजावट में पिछले सालों की अपेक्षा कुछ कमी नजर आई। बारिश की वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकले पाए। ऐसे में एकादशी पर जिन सड़कों पर पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती थी। वहां पर आज सन्नाटा का पसरा हुआ था, हालांकि लोग मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचे, लेकिन वह ज्यादा देर तक वहां पर नहीं रुके।
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ठेले-खोमचे वालों को हुआ नुकसान
एकादशी पर बिरुआबाड़ी मंदिर के आसपास मेले जैसे माहौल होता है। दर्जनों फास्ट फूड के ठेले-खोमचे, छोटे झूले, बच्चों के खिलौनी की अस्थाई दुकान लगाई जाती है, लेकिन बारिश की वजह से उन लोगाें को काफी नुकसान हो गया। उनका बनाया गया सामान तक नहीं बिक सका। इससे दुकानदारों में मायूसी हाथ लगी।
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