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प्रमुख सचिव को जिला अस्पताल के निरीक्षण में खामियां मिलीं
बदायूं
Updated Sat, 27 Jun 2015 11:48 PM IST
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प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवाएं एवं परिवार कल्याण अरविंद कुमार ने शनिवार को जिला, जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में उनको तमाम खामियां मिलीं। दोनों अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं का बारीकी से निरीक्षण करने के दौरान कई बार उन्होंने डॉक्टरों की फटकार भी लगाई। इस संबंध में वह अपनी रिपोर्ट शासन को देंगे। इसके आधार पर शासन कार्रवाई करेगा।
प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवाएं एवं परिवार कल्याण अरविंद कुमार शनिवार अपरान्ह 11.30 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने ओपीडी का निरीक्षण किया। ओपीडी में अंदर वाहन खड़े होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। बाद में वह एक-एक कर सभी डॉक्टर्स के चैंबर में गए। दवा स्टोर चेक करने पर पता लगा कि कई दवाओं की किल्लत है। आयरन टेबलेट है ही नहीं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। ओपीडी का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने पैथोलॉली, एक्स-रे विभाग और ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। यहां भी उनको खामियां मिलीं। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। वार्ड में जाकर मरीजों से उनका हाल पूछा। यह भी पूछा कि दवाएं अस्पताल से मिल रही हैं या नहीं।
जिला अस्पताल के बाद प्रमुख सचिव ने जिला महिला अस्पताल का रुख किया। महिला अस्पताल में गंदगी पर उन्होंने गुस्सा जाहिर किया। कहा शासन मोटी ग्रांट देता है। कहा शासन मोटी ग्रांट देता है। इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर न होना गंभीर बात है। निरीक्षण के दौरान उनके साथ सिटी मजिस्ट्रेट विजय बहादुर, सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना, एसीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार, प्रभारी सीएमएस डॉ. एके गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरपाल सिंह भी रहे।
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ब्लड बैंक को नेट कनेक्शन दिलाने के निर्देश
बदायूं। ब्लड बैंक में रिकार्ड ऑनलाइन मेंटेन न होने पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई। इसका कारण उन्होंने पूछा तो बताया गया कि ब्लड बैंक में इंटरनेट कनेक्शन नहीं है। इस पर प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि ब्लड बैंक के लिए तत्काल इंटरनेट कनेक्शन दिलाया जाए ताकि रिकार्ड ऑनलाइन मेंटन हो सके।
डॉक्टर्स से पूछा कितने साल से हो बदायूं में
बदायूं। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने हर डॉक्टर से पूछा कि वह कितने साल से बदायूं में हैं। कई डॉक्टर 12-14 साल से बदायूं में हैं। इस पर उन्होंने आश्चर्य जताया। ऐसे डॉक्टरों केनाम उन्होंने अपनी डायरी में नोट कर लिए।
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प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवाएं एवं परिवार कल्याण अरविंद कुमार शनिवार अपरान्ह 11.30 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने ओपीडी का निरीक्षण किया। ओपीडी में अंदर वाहन खड़े होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। बाद में वह एक-एक कर सभी डॉक्टर्स के चैंबर में गए। दवा स्टोर चेक करने पर पता लगा कि कई दवाओं की किल्लत है। आयरन टेबलेट है ही नहीं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। ओपीडी का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने पैथोलॉली, एक्स-रे विभाग और ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। यहां भी उनको खामियां मिलीं। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। वार्ड में जाकर मरीजों से उनका हाल पूछा। यह भी पूछा कि दवाएं अस्पताल से मिल रही हैं या नहीं।
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जिला अस्पताल के बाद प्रमुख सचिव ने जिला महिला अस्पताल का रुख किया। महिला अस्पताल में गंदगी पर उन्होंने गुस्सा जाहिर किया। कहा शासन मोटी ग्रांट देता है। कहा शासन मोटी ग्रांट देता है। इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर न होना गंभीर बात है। निरीक्षण के दौरान उनके साथ सिटी मजिस्ट्रेट विजय बहादुर, सीएमओ डॉ. दीपक सक्सेना, एसीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार, प्रभारी सीएमएस डॉ. एके गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरपाल सिंह भी रहे।
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ब्लड बैंक को नेट कनेक्शन दिलाने के निर्देश
बदायूं। ब्लड बैंक में रिकार्ड ऑनलाइन मेंटेन न होने पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई। इसका कारण उन्होंने पूछा तो बताया गया कि ब्लड बैंक में इंटरनेट कनेक्शन नहीं है। इस पर प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि ब्लड बैंक के लिए तत्काल इंटरनेट कनेक्शन दिलाया जाए ताकि रिकार्ड ऑनलाइन मेंटन हो सके।
डॉक्टर्स से पूछा कितने साल से हो बदायूं में
बदायूं। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने हर डॉक्टर से पूछा कि वह कितने साल से बदायूं में हैं। कई डॉक्टर 12-14 साल से बदायूं में हैं। इस पर उन्होंने आश्चर्य जताया। ऐसे डॉक्टरों केनाम उन्होंने अपनी डायरी में नोट कर लिए।