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पावर कॉरपोरेशन ने पेड़ को बना दिया एचटी लाइन का पोल
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इस्लामनगर। पॉवर कॉरपोरेशन लोगों की जान से खिलवाड़ करने से नहीं चूक रहा। इस्लामनगर क्षेत्र में अल्हैपुर गांव के पास अर्जुन के पेड़ को ही एचटी लाइन का पोल बना दिया है। पेड़ पर इंसुलेटर लगाकर लाइन खींच दी गई है। आंधी-बारिश की स्थिति में पेड़ से गुजर रही एचटी लाइन से करंट फैल सकता है। तार के टूटकर गिरने से भी जान माल की आशंका है।
जिले में जर्जर लाइनों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। अक्सर लाइनें टूटकर गिरने से जानमाल का नुकसान होता है। पॉवर कॉरपोरेशन इसके बाद भी नहीं चेत रहा। बदायूं-बिजनौर मार्ग पर इस्लामनगर के गांव अल्हैपुर में 33 हजार की लाइन गुजर रही है। यहां हाईवे किनारे एक अर्जुन का पेड़ भी है। इसी पेड़ पर पॉवर कॉरपोरेशन ने इंसुलेटर लगाने के बाद एचटी पोल बना दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान अक्सर पेड़ में लाइन के पास चिंगारियां निकलती हैं। अधिकारियों से शिकायत भी की गई लेकिन इस पर कोई गौर नहीं किया गया। बारिश के मौसम में कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कि अर्जुन के पेड़ की छाल कई बीमारियों में काम आती है। अक्सर लोग पेड़ की छाल लेने पहुंचते हैं। बारिश के दिनों में अगर हाईटेंशन करंट पेड़ में उतरता है उससे जनहानि हो सकती है।
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- पेड़ पर लाइन के लिए इंसुलेटर लगाए गए हैं तो यह गलत है। इसको दिखवा कर पेड़ से लाइन को हटवाया जाएगा। जिसने भी पेड़ पर इंसुलेटर लगाकर लाइन डाली है उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। - राजेंद्र सिंह, एसडीएओ इस्लामनगर
कस्बे में काफी नीचे झूल रहीं हाईटेंशन लाइन
बिल्सी। नगर में फैला जर्जर बिजली लाइनों का जाल अब नगर की जनता के साथ विभागीय कर्मचारियों के लिए मुसीबत बन गई है। इसके कारण नगर के लोगों को आठ-दस घंटे ही बिजली सप्लाई मिल पा रही है। जर्जर लाइनों से अक्सर हादसे भी होते रहते हैं। बड़े हादसे का अंदेशा भी बना रहता है। नगर के भीतर ही कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइनें काफी नीचे झूल रही हैं। अक्सर लाइनें टूटने के कारण बिजली सप्लाई ठप हो जाती है। गांव-देहात में भी यही हाल है। बारिश के दिनों में जर्जर लाइनों के कारण खतरा और बढ़ जाएगा।
महीने में चार बार टूटती है जर्जर लाइन
दबतोरी। आसफपुर उपकेंद्र की करेंगी फीडर की लाइन सबसे लंबी है। यह लाइन जर्जर हो चुकी है। हालात यह हैं कि महीने में कम से कम चार बार यह लाइन टूटती है। इसके बाद कई-कई दिन तक 22-23 गांवों में बिजली सप्लाई ठप रहती है। गनीमत यह है कि यह घरेलू लाईन है, अगर यह हाईटेंशन लाइन होती तो अब तक काफी नुकसान हो चुका होता।
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जिले में जर्जर लाइनों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। अक्सर लाइनें टूटकर गिरने से जानमाल का नुकसान होता है। पॉवर कॉरपोरेशन इसके बाद भी नहीं चेत रहा। बदायूं-बिजनौर मार्ग पर इस्लामनगर के गांव अल्हैपुर में 33 हजार की लाइन गुजर रही है। यहां हाईवे किनारे एक अर्जुन का पेड़ भी है। इसी पेड़ पर पॉवर कॉरपोरेशन ने इंसुलेटर लगाने के बाद एचटी पोल बना दिया है। गांव के लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान अक्सर पेड़ में लाइन के पास चिंगारियां निकलती हैं। अधिकारियों से शिकायत भी की गई लेकिन इस पर कोई गौर नहीं किया गया। बारिश के मौसम में कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि कि अर्जुन के पेड़ की छाल कई बीमारियों में काम आती है। अक्सर लोग पेड़ की छाल लेने पहुंचते हैं। बारिश के दिनों में अगर हाईटेंशन करंट पेड़ में उतरता है उससे जनहानि हो सकती है।
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- पेड़ पर लाइन के लिए इंसुलेटर लगाए गए हैं तो यह गलत है। इसको दिखवा कर पेड़ से लाइन को हटवाया जाएगा। जिसने भी पेड़ पर इंसुलेटर लगाकर लाइन डाली है उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। - राजेंद्र सिंह, एसडीएओ इस्लामनगर
कस्बे में काफी नीचे झूल रहीं हाईटेंशन लाइन
बिल्सी। नगर में फैला जर्जर बिजली लाइनों का जाल अब नगर की जनता के साथ विभागीय कर्मचारियों के लिए मुसीबत बन गई है। इसके कारण नगर के लोगों को आठ-दस घंटे ही बिजली सप्लाई मिल पा रही है। जर्जर लाइनों से अक्सर हादसे भी होते रहते हैं। बड़े हादसे का अंदेशा भी बना रहता है। नगर के भीतर ही कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइनें काफी नीचे झूल रही हैं। अक्सर लाइनें टूटने के कारण बिजली सप्लाई ठप हो जाती है। गांव-देहात में भी यही हाल है। बारिश के दिनों में जर्जर लाइनों के कारण खतरा और बढ़ जाएगा।
महीने में चार बार टूटती है जर्जर लाइन
दबतोरी। आसफपुर उपकेंद्र की करेंगी फीडर की लाइन सबसे लंबी है। यह लाइन जर्जर हो चुकी है। हालात यह हैं कि महीने में कम से कम चार बार यह लाइन टूटती है। इसके बाद कई-कई दिन तक 22-23 गांवों में बिजली सप्लाई ठप रहती है। गनीमत यह है कि यह घरेलू लाईन है, अगर यह हाईटेंशन लाइन होती तो अब तक काफी नुकसान हो चुका होता।