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सीबीआई कर सकती है डाकघर घोटाला की जांच
ब्यूरो/बदायूं
Updated Thu, 13 Oct 2016 11:39 PM IST
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सीबीआई कर सकती है डाकघर घोटाला की जांच
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डाक विभाग में एटीएम कार्ड चोरी करके ग्राहकों के खातों से 71.26 लाख रुपये के गबन मामले की जांच सीबीआई कर सकती है। पोस्टमास्टर जनरल ने इस संबंध में सीबीआई की विशेष आर्थिक अपराध शाखा को लिखा है। जांच एजेंसी के जवाब का इंतजार है। इस मामले में अब तक 13 लोगों को सस्पेंड किया जा चुका है।
डाक विभाग में जुलाई के पहले सप्ताह में यह घोटाला सामने आया था। सहायक डाक अधीक्षक पूर्वी एस. गुडवा ने डिप्टी पोस्टमास्टर अखिलेश पुत्र ओम प्रकाश और बैंक सहायक अखिलेश पुत्र रामविलास के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर दोनो अखिलेश सहित डाक कर्मी श्रीकांत, एके गुप्ता, अरविंद वर्मा और जेके गर्ग को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद पोस्टमास्टर जनरल ने पांच सदस्यों की विभागीय जांच टीम गठित कर दी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर पोस्ट मास्टर जनरल बरेली ने सहायक डाक अधीक्षक कृष्ण चंद्र, प्रभारी पोस्ट मास्टर सुनृता गुप्ता, लिपिक जाबिर, सहसवान के पोस्टमास्टर अजय यादव, निरीक्षक आरबी सिंह और पंकज को सस्पेंड कर दिया। इन सभी को पहले 90 दिन के लिए निलंबित किया गया था। बाद में निलंबन की मियाद 180 दिन कर दी गई। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस घोटाला की जांच सीबीआई से कराने की तैयारी चल रही है।
जानकारी में आया है कि मामले में सीबीआई से जांच कराई जा सकती है। इस बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। विभागीय कार्रवाई चल रही है। सब कुछ उच्च अधिकारियों की जानकारी में है।
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-अरविंद कुमार शर्मा, मुख्य डाक अधीक्षक
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डाक विभाग में जुलाई के पहले सप्ताह में यह घोटाला सामने आया था। सहायक डाक अधीक्षक पूर्वी एस. गुडवा ने डिप्टी पोस्टमास्टर अखिलेश पुत्र ओम प्रकाश और बैंक सहायक अखिलेश पुत्र रामविलास के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर दोनो अखिलेश सहित डाक कर्मी श्रीकांत, एके गुप्ता, अरविंद वर्मा और जेके गर्ग को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद पोस्टमास्टर जनरल ने पांच सदस्यों की विभागीय जांच टीम गठित कर दी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर पोस्ट मास्टर जनरल बरेली ने सहायक डाक अधीक्षक कृष्ण चंद्र, प्रभारी पोस्ट मास्टर सुनृता गुप्ता, लिपिक जाबिर, सहसवान के पोस्टमास्टर अजय यादव, निरीक्षक आरबी सिंह और पंकज को सस्पेंड कर दिया। इन सभी को पहले 90 दिन के लिए निलंबित किया गया था। बाद में निलंबन की मियाद 180 दिन कर दी गई। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस घोटाला की जांच सीबीआई से कराने की तैयारी चल रही है।
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जानकारी में आया है कि मामले में सीबीआई से जांच कराई जा सकती है। इस बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। विभागीय कार्रवाई चल रही है। सब कुछ उच्च अधिकारियों की जानकारी में है।
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-अरविंद कुमार शर्मा, मुख्य डाक अधीक्षक