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उझानी ‘प्रमुख’ की ‘कुर्सी’ पर खतरा, अविश्वास प्रस्ताव पेश
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बदायूं। बदायूं जिला पंचायत अध्यक्ष के बाद अब ब्लॉक प्रमुख उझानी की कुर्सी के लिए भी सियासत तेज हो गई है। ब्लॉक प्रमुख पद पर प्रत्याशी रहे हरवंश पहलवान की अगुवाई में 65 बीडीसी सदस्यों ने मौजूदा ब्लॉक प्रमुख रत्नेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को बीडीसी सदस्यों ने जिला मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार सिंह को अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र और नोटिस सौंपे।
यूपी में सपा सरकार के शासनकाल में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव हुए थे। उस वक्त अधिकतर सीटों पर सपा का ही कब्जा रहा। जैसे ही प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई, उसके बाद ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने का सिलसिला शुरू हुआ। पहले जिले के सालारपुर ब्लॉक पर ‘सपा’ की गेंदा देवी का कब्जा था। इस पर भाजपा के अशोक वर्मा द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, जो बाद में पारित हो गया। इसके बाद में अशोक वर्मा सालारपुर के ब्लॉक प्रमुख बन गए। वहीं 17 जनवरी को कादरचौक के ब्लॉक प्रमुख कौशल कुमार के खिलाफ शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य के नेतृत्व में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। हालांकि जांच के दौरान अधिकतर बीडीसी सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मना कर दिया। इसके बाद में ये मामला ठंडा पड़ा गया। इधर सोमवार को सपा से जुड़ी जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चंद्रा के खिलाफ बिसौली विधायक कुशाग्र सागर की मां प्रीति सागर के नेतृत्व में जिला पंचायत सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस दिया। वहीं अब उझानी ब्लॉक प्रमुख रत्नेश यादव के खिलाफ मंगलवार को 104 बीडीसी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) में से 65 बीडीसी सदस्यों ने जिला मजिस्ट्रेट को अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में शपथ पत्र और नोटिस सौंपे। उन्होंने ब्लॉक प्रमुख रत्नेश यादव पर मनमानी व उपेक्षा का आरोप लगाते हुए शासन की विकास योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं करने की बात भी कही।
उझानी ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ 65 बीडीसी सदस्यों ने नोटिस और शपथ पत्र सौंपे हैं। सभी से वार्ता की है। सभी ने बताया कि उन्होंने स्वैच्छिक रूप से हस्ताक्षर किए है। अब आगे की विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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-दिनेश कुमार सिंह, जिला मजिस्ट्रेट
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यूपी में सपा सरकार के शासनकाल में ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव हुए थे। उस वक्त अधिकतर सीटों पर सपा का ही कब्जा रहा। जैसे ही प्रदेश में भाजपा सरकार सत्ता में आई, उसके बाद ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने का सिलसिला शुरू हुआ। पहले जिले के सालारपुर ब्लॉक पर ‘सपा’ की गेंदा देवी का कब्जा था। इस पर भाजपा के अशोक वर्मा द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, जो बाद में पारित हो गया। इसके बाद में अशोक वर्मा सालारपुर के ब्लॉक प्रमुख बन गए। वहीं 17 जनवरी को कादरचौक के ब्लॉक प्रमुख कौशल कुमार के खिलाफ शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य के नेतृत्व में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। हालांकि जांच के दौरान अधिकतर बीडीसी सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मना कर दिया। इसके बाद में ये मामला ठंडा पड़ा गया। इधर सोमवार को सपा से जुड़ी जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चंद्रा के खिलाफ बिसौली विधायक कुशाग्र सागर की मां प्रीति सागर के नेतृत्व में जिला पंचायत सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस दिया। वहीं अब उझानी ब्लॉक प्रमुख रत्नेश यादव के खिलाफ मंगलवार को 104 बीडीसी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) में से 65 बीडीसी सदस्यों ने जिला मजिस्ट्रेट को अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में शपथ पत्र और नोटिस सौंपे। उन्होंने ब्लॉक प्रमुख रत्नेश यादव पर मनमानी व उपेक्षा का आरोप लगाते हुए शासन की विकास योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं करने की बात भी कही।
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उझानी ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ 65 बीडीसी सदस्यों ने नोटिस और शपथ पत्र सौंपे हैं। सभी से वार्ता की है। सभी ने बताया कि उन्होंने स्वैच्छिक रूप से हस्ताक्षर किए है। अब आगे की विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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-दिनेश कुमार सिंह, जिला मजिस्ट्रेट