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उझानी ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को गोलबंदी शुरू
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बदायूं। उझानी ब्लॉक प्रमुख रत्नेश यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सुगबुगाहट ने अचानक ही जोर पकड़ लिया है। चार-पांच दिनों में कई सदस्यों ने एक-दूसरे के पक्ष में पाला भी बदल लिया तो कुछ पर शिकंजा भी कसा जाने लग गया। राजनीतिक जानकारों की मानें तो दो-चार दिनों में हरवंश यादव (पहलवान) की ओर से अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस भी दे दिया जाएगा।
हरवंश पहलवान भाजपा से जुड़े हैं। लंबे समय से सपा से जुड़ी ब्लॉक प्रमुख रत्नेश यादव और हरवंश के बीच मुकाबला करीब साढ़े तीन साल पहले ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के दौरान हुआ था लेकिन तब हरवंश को हार का सामना करना पड़ा था। अब, रत्नेश को अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाने की कवायद में जुटे विरोधी गुट ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इसकी अगुवाई हरवंश कर रहे हैं। 104 सदस्यों वाली क्षेत्र पंचायत में हरवंश और रत्नेश में से किसके पास सदस्य संख्या पर्याप्त है या नहीं, यह तो अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस के दौरान ही सामने आएगा लेकिन मौजूदा ब्लॉक प्रमुख ने भी कुर्सी बचाए रखने को पूरा जोर लगा दिया है। जानकारों की मानें तो तीन-चार दिनों से सदस्यों की धरपकड़ भी शुरू हो चुकी है। सदस्यों पर प्रभावशाली राजनेताओं और उनके नाते-रिश्तेदारों के जरिए भी प्रेशर बनाने में कमी नहीं छोड़ी जा रही है।
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हरवंश पहलवान भाजपा से जुड़े हैं। लंबे समय से सपा से जुड़ी ब्लॉक प्रमुख रत्नेश यादव और हरवंश के बीच मुकाबला करीब साढ़े तीन साल पहले ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के दौरान हुआ था लेकिन तब हरवंश को हार का सामना करना पड़ा था। अब, रत्नेश को अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटाने की कवायद में जुटे विरोधी गुट ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पाले में करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इसकी अगुवाई हरवंश कर रहे हैं। 104 सदस्यों वाली क्षेत्र पंचायत में हरवंश और रत्नेश में से किसके पास सदस्य संख्या पर्याप्त है या नहीं, यह तो अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस के दौरान ही सामने आएगा लेकिन मौजूदा ब्लॉक प्रमुख ने भी कुर्सी बचाए रखने को पूरा जोर लगा दिया है। जानकारों की मानें तो तीन-चार दिनों से सदस्यों की धरपकड़ भी शुरू हो चुकी है। सदस्यों पर प्रभावशाली राजनेताओं और उनके नाते-रिश्तेदारों के जरिए भी प्रेशर बनाने में कमी नहीं छोड़ी जा रही है।
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