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Budaun News: माफ करियो गंगा मइया, अगली बार फिर बुलइयो
Mon, 18 Nov 2024 02:58 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Mon, 18 Nov 2024 02:58 AM IST
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ककोड़ा मेला से तंबू समेटते लोग। संवाद
ककोड़ा मेला। गंगा तट पर लगे ककोड़ा मेला से अब कल्पवासियों और साधु-सन्यासी ने अपने तंबू समेटने शुरू कर दिए हैं। रविवार को बैलगाड़ियों व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर ग्रामीण भजन गाते हुए जा रहे थे कि माफ करियो गंगा मइया, अगली बार फिर बुलइयो...। सभी आस्था से परिपूर्ण थे। इससे पहले उन सभी ने डुबकी लगाई और सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही पूजा अर्चना की।
रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध ककोड़ा मेला आठ नवंबर से शुरू हुआ था। तभी से कल्पवासी गंगा तट पर पहुंचना शुरू हो गए थे। मुख्य स्नान के बाद प्रतिपदा होने की वजह से गंगा किनारे तंबुओं में कल्पवास कर रहे परिवार रुक गए। मान्यता है कि प्रतिपदा को गंगा स्नान कल्पवासियों के लिए करना जरूरी होता है।
कुछ कल्पवासी शनिवार को अपने घर चले गए थे। रविवार को घर लौटने वाले कल्पवासियों की संख्या ज्यादा रही। वहीं ककोड़ा मेला में झूले, सर्कस, मौत का कुआं का बच्चों और बड़ों ने खूब आनंद लिया।
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भीड़ देख दुकानदारों के चेहरे पर दिखी रौनक
-ककोड़ा मेला से कल्पवासियों के जाने के साथ ही दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी सी दिखाई देने लगी। लेकिन दोपहर बाद में आसपास के गांव से लोग मेले में पहुंचे। जिसे देखकर दुकानदारों के फिर से चेहरे पर रौनक आ गई। मीना बाजार से महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। साथ ही लकड़ी का भी जमकर सामान खरीदा।
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वीआईपी क्षेत्र में छाया सन्नाटा
-ककोड़ा मेला में कार्तिका पूर्णिमा वाले दिन ही वीआईपी क्षेत्र रोशन दिखाई दिया था, लेकिन पड़वा वाले दिन से यह क्षेत्र खाली होने लगा। रविवार को वीआईपी क्षेत्र में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था। वहां पर कुछेक कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं था।
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जीडी पर दर्ज नहीं हुआ एक भी केस
-इस बार लगभग पांच लाख लाेगों का ककोड़ा मेला में आना हुआ। इस बार कोई भी हंगामा, मारपीट या अन्य प्रकार की शिकायत कोतवाली में नहीं पहुंची। इसकी वजह से इस बार मेला में पुलिस की जीडी खाली रही।
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जिला पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी मेले से हुए गायब
-जिला पंचायत की ओर से ककोड़ा मेला लगवाया गया। शनिवार रात में ही जिला पंचायत के अधिकांश अधिकारी, कर्मचारी मेले से नदारद दिखाई दिए। वहीं रविवार को महज दो कर्मचारी ही मेला में दिखाई दिए। यही हाल सरकारी विभाग की ओर से लगाई प्रदर्शनी का था। वह भी शनिवार को उखड़ गई।
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पिंजड़े में किया पुलिस ने बंद
मेला में स्नान करने के लिए पहुंचे दो युवकों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। सूचना पर जैसे ही पहुंची पुलिस तभी एक व्यक्ति भाग गया। पुलिस दूसरे को पकड़ कर ले आयी और अस्थायी हवालात (पिंजड़ा) में बंद कर दिया। बाद में पुलिस दूसरे व्यक्ति को तलाश कर लाई। वहीं दोनों लोगों में समझौता होने की वजह से उनको कुछ ही देर में छोड़ दिया गया है।
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रुहेलखंड के मिनी कुंभ के नाम से प्रसिद्ध ककोड़ा मेला आठ नवंबर से शुरू हुआ था। तभी से कल्पवासी गंगा तट पर पहुंचना शुरू हो गए थे। मुख्य स्नान के बाद प्रतिपदा होने की वजह से गंगा किनारे तंबुओं में कल्पवास कर रहे परिवार रुक गए। मान्यता है कि प्रतिपदा को गंगा स्नान कल्पवासियों के लिए करना जरूरी होता है।
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कुछ कल्पवासी शनिवार को अपने घर चले गए थे। रविवार को घर लौटने वाले कल्पवासियों की संख्या ज्यादा रही। वहीं ककोड़ा मेला में झूले, सर्कस, मौत का कुआं का बच्चों और बड़ों ने खूब आनंद लिया।
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भीड़ देख दुकानदारों के चेहरे पर दिखी रौनक
-ककोड़ा मेला से कल्पवासियों के जाने के साथ ही दुकानदारों के चेहरे पर मायूसी सी दिखाई देने लगी। लेकिन दोपहर बाद में आसपास के गांव से लोग मेले में पहुंचे। जिसे देखकर दुकानदारों के फिर से चेहरे पर रौनक आ गई। मीना बाजार से महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। साथ ही लकड़ी का भी जमकर सामान खरीदा।
वीआईपी क्षेत्र में छाया सन्नाटा
-ककोड़ा मेला में कार्तिका पूर्णिमा वाले दिन ही वीआईपी क्षेत्र रोशन दिखाई दिया था, लेकिन पड़वा वाले दिन से यह क्षेत्र खाली होने लगा। रविवार को वीआईपी क्षेत्र में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था। वहां पर कुछेक कर्मचारियों के अलावा कोई नहीं था।
जीडी पर दर्ज नहीं हुआ एक भी केस
-इस बार लगभग पांच लाख लाेगों का ककोड़ा मेला में आना हुआ। इस बार कोई भी हंगामा, मारपीट या अन्य प्रकार की शिकायत कोतवाली में नहीं पहुंची। इसकी वजह से इस बार मेला में पुलिस की जीडी खाली रही।
जिला पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी मेले से हुए गायब
-जिला पंचायत की ओर से ककोड़ा मेला लगवाया गया। शनिवार रात में ही जिला पंचायत के अधिकांश अधिकारी, कर्मचारी मेले से नदारद दिखाई दिए। वहीं रविवार को महज दो कर्मचारी ही मेला में दिखाई दिए। यही हाल सरकारी विभाग की ओर से लगाई प्रदर्शनी का था। वह भी शनिवार को उखड़ गई।
पिंजड़े में किया पुलिस ने बंद
मेला में स्नान करने के लिए पहुंचे दो युवकों में किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। सूचना पर जैसे ही पहुंची पुलिस तभी एक व्यक्ति भाग गया। पुलिस दूसरे को पकड़ कर ले आयी और अस्थायी हवालात (पिंजड़ा) में बंद कर दिया। बाद में पुलिस दूसरे व्यक्ति को तलाश कर लाई। वहीं दोनों लोगों में समझौता होने की वजह से उनको कुछ ही देर में छोड़ दिया गया है।

ककोड़ा मेला से तंबू समेटते लोग। संवाद