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Budaun News: बुखार के मरीजों में प्लेटलेट्स हो रहे कम, डेंगू संदिग्ध मानकर चल रहा इलाज
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जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की लगी लाइन।संवाद
बदायूं। गर्मी के कारण लोग उल्टी-दस्त के साथ पेट दर्द और बुखार से भी पीड़ित हो रहे हैं। बुखार के कुछ पीड़ितों की जांच में प्लेटलेट्स भी कम निकल रहे हैं। ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में डेंगू संदिग्ध मानकर उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों की मानें तो मरीजों की जांच में डेंगू नहीं है, लेकिन प्लेटलेट्स 60000 से 70000 तक आ रहे हैं। ऐसे पांच मरीजों को 24 घंटे में भर्ती किया गया।
मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1240 मरीजों के नए पर्चे बने। डॉ. अलंकार सोलंकी सहित अन्य चिकित्सक मरीजों को देख रहे थे। इस दौरान विभाग में 340 मरीजों को देखा गया। इसमें 50 से 60 मरीज बुखार के आ रहे हैं। जिनकी जांच भी कराई जा रही है।
चिकित्सकों का कहना है कि रिपोर्ट में उनके प्लेटलेट्स कम आ रहे हैं। ऐसे मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया जा रहा है। भले ही डेंगू न हो, लेकिन जब तक प्लेटलेटस की दिक्कत ठीक नहीं हो जाती तब तक मरीजों का इलाज जरूरी है। यही कारण है कि उनको भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मंगलवार को आसफपुर क्षेत्र के गांव गुलड़िया से प्रेमपाल को बुखार आ रहा था। अस्पताल पहुंचकर उन्होंने जांच कराई। इसमें प्लेटलेट्स 60 हजार आई। इसके बाद उसको भर्ती कर लिया गया।
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वजीरगंज क्षेत्र रामसेवक ने बताया कि बुखार के साथ साथ बहुत कमजोरी आ रही थी। दवा खाने से भी बुखार नहीं उतर रहा था। रविवार को जिला अस्पताल आए थे। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने ब्लड जांच कराई। डॉक्टर ने कहा कि भर्ती करना पड़ेगा। प्लेटलेट्स मात्र 70 हजार ही हैं। जब तक प्लेटलेट्स बढ़ नहीं जाती, तब तक भर्ती रहना होगा। मंगलवार को प्लेटलेट्स की जांच दोबारा कराई तो 1.5 लाख तक पहुंचने पर ही अस्पताल से छुट्टी हुई। इसके अलावा अख्तरा निवासी रेशमा भर्ती थीं। उनके भी प्लेटलेट्स कम आए थे। वहीं, एक अन्य मरीज भी वार्ड में भर्ती था। उसको भी ड्रिप चढ़ाई जा रही थी।
जिला अस्पताल में 20 बेड का कोल्ड वार्ड
लू लगने से अगर कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है तो उसे जिला अस्पताल के कोल्ड वार्ड में भर्ती किया जाएगा। यहां कोल्ड रूम बनाया गया है। इसमें 20 बेड की व्यवस्था है। 19 भरे हैं।
जिला अस्पताल सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने कहा कि लू का प्रकोप तो है ही, कुछ मरीज तेज बुखार के भी सामने आ रहे हैं। जब उनकी जांच कराई जा रही है तो पता लग रहा है कि प्लेटलेट्स कम हो रहीं हैं। ऐसे मरीजों को डॉक्टर की देखरेख में कम से कम तीन दिनों तक भर्ती रखने की सलाह दी जा रही है। संवाद
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मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1240 मरीजों के नए पर्चे बने। डॉ. अलंकार सोलंकी सहित अन्य चिकित्सक मरीजों को देख रहे थे। इस दौरान विभाग में 340 मरीजों को देखा गया। इसमें 50 से 60 मरीज बुखार के आ रहे हैं। जिनकी जांच भी कराई जा रही है।
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चिकित्सकों का कहना है कि रिपोर्ट में उनके प्लेटलेट्स कम आ रहे हैं। ऐसे मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया जा रहा है। भले ही डेंगू न हो, लेकिन जब तक प्लेटलेटस की दिक्कत ठीक नहीं हो जाती तब तक मरीजों का इलाज जरूरी है। यही कारण है कि उनको भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मंगलवार को आसफपुर क्षेत्र के गांव गुलड़िया से प्रेमपाल को बुखार आ रहा था। अस्पताल पहुंचकर उन्होंने जांच कराई। इसमें प्लेटलेट्स 60 हजार आई। इसके बाद उसको भर्ती कर लिया गया।
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वजीरगंज क्षेत्र रामसेवक ने बताया कि बुखार के साथ साथ बहुत कमजोरी आ रही थी। दवा खाने से भी बुखार नहीं उतर रहा था। रविवार को जिला अस्पताल आए थे। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने ब्लड जांच कराई। डॉक्टर ने कहा कि भर्ती करना पड़ेगा। प्लेटलेट्स मात्र 70 हजार ही हैं। जब तक प्लेटलेट्स बढ़ नहीं जाती, तब तक भर्ती रहना होगा। मंगलवार को प्लेटलेट्स की जांच दोबारा कराई तो 1.5 लाख तक पहुंचने पर ही अस्पताल से छुट्टी हुई। इसके अलावा अख्तरा निवासी रेशमा भर्ती थीं। उनके भी प्लेटलेट्स कम आए थे। वहीं, एक अन्य मरीज भी वार्ड में भर्ती था। उसको भी ड्रिप चढ़ाई जा रही थी।
जिला अस्पताल में 20 बेड का कोल्ड वार्ड
लू लगने से अगर कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है तो उसे जिला अस्पताल के कोल्ड वार्ड में भर्ती किया जाएगा। यहां कोल्ड रूम बनाया गया है। इसमें 20 बेड की व्यवस्था है। 19 भरे हैं।
जिला अस्पताल सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने कहा कि लू का प्रकोप तो है ही, कुछ मरीज तेज बुखार के भी सामने आ रहे हैं। जब उनकी जांच कराई जा रही है तो पता लग रहा है कि प्लेटलेट्स कम हो रहीं हैं। ऐसे मरीजों को डॉक्टर की देखरेख में कम से कम तीन दिनों तक भर्ती रखने की सलाह दी जा रही है। संवाद

जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की लगी लाइन।संवाद