पितृपक्ष विसर्जन: पहले आस्था की डुबकी लगाई, फिर पूजन के बाद विदा किए पितर
सार
पितृपक्ष अमावस्या पर रविवार दोपहर बाद तक गंगाघाट आस्था से सराबोर रहा।मंत्रोच्चार के बाद हवन-पूजन के दौरान पितरों से आशीर्वाद पाने को हवन-पूजन भी कराए गए।गंगा किनारे के आश्रमों में पुरोहितों और संतों को दक्षिणा भेंट की गई।
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कछला गंगाघाट पर डुबकी लगाने के विदा पितरों की स्तुति करते लोग। संवाद
- फोटो : BADAUN