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Budaun News: यहां ठीक होने के लिए आते, लेकिन बीमार होने का रहता खतरा
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जिला अस्पताल के इमजरेंसी वार्ड के पास नाली में जमा गंदगी व बैठे मच्छर। संवाद
बदायूं। बीमार होने पर लोग जिला अस्पताल में ठीक होने आते हैं लेकिन यहां पर हालात कुछ उलट हैं। जिला अस्पताल की गंदगी से लोगों के ठीक होने के बजाय बीमारी लगने की आशंका है। अस्पताल परिसर में चारों तरफ गंदगी फैली है। नालियों खुली हैं और उसमें गंदा पानी जमा है। जनरल वार्ड, इमरजेंसी वार्ड और सर्जरी वार्ड के पीछे गंदगी के चलते मच्छरों का बसेरा है। सीएमओ कार्यालय का हाल भी ऐसा ही है।
जिला अस्पताल में सर्जरी वार्ड के पीछे कूलर रखे हैं। उधर से गुजरी नाली खुली है और उसमें पानी जमा है। यहां पर मच्छरों का बसेरा है। नाली के आसपास झाड़ियां उगी है। इसी तरह इमरजेंसी वार्ड के बाहर खून से सना स्ट्रेचर नाली के ऊपर पड़ा था। इस नाली में काई जमा है। यही हाल जनरल वार्ड के बाहर भी है। इससे जगह- जगह मच्छर भिनभिना रहे हैं। वार्ड के अंदर उल्टी, दस्त और बुखार के 11 मरीज भर्ती थे। मरीज अहमद ने बताया कि बुखार, पेट दर्द होने की वजह से दो दिन से वार्ड में भर्ती हैं। दिन के समय तो मच्छर कम लगते हैं, लेकिन शाम होते ही मच्छर काटना शुरू कर देते हैं। इसी तरह वार्ड में भर्ती नईक ने बताया कि वार्ड में लगा पंखा तेज नहीं चलता है। इस वजह से मच्छर भिनभिनाते रहते हैं।
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सीएमओ कार्यालय में झाड़ियां
सीएमओ कार्यालय परिसर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का कोई असर नहीं है। कार्यालय परिसर की नालियों में पानी ठहरा हुआ है। शौचालय के पास बड़ी-बड़ी घास हैं। टॉयलेट की सीट टूटी है। जिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय को जोड़ने वाली दीवार के पास भी झाड़ियों का ढेर है।
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अपर निदेशक को भी मिली थी गंदगी
सात अप्रैल को अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. साधना अग्रवाल ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्हें जलभराव व गंदगी मिली थी। इसके बाद भी अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बृहस्पतिवार को भी यहां गंदगी मिली।
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नाला सफाई व कटाई की जिम्मेदारी नगर पालिका है। मलेरिया इंस्पेक्टर के माध्यम से झाड़ियां व गंदगी का निरीक्षण करवा कर रिपोर्ट नगर पालिका को भेजी जाएगी। हमारा प्रयास है कि मच्छर न पनपे।
-योगेश सारास्वत, जिला मलेरिया अधिकारी
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जिला अस्पताल में सर्जरी वार्ड के पीछे कूलर रखे हैं। उधर से गुजरी नाली खुली है और उसमें पानी जमा है। यहां पर मच्छरों का बसेरा है। नाली के आसपास झाड़ियां उगी है। इसी तरह इमरजेंसी वार्ड के बाहर खून से सना स्ट्रेचर नाली के ऊपर पड़ा था। इस नाली में काई जमा है। यही हाल जनरल वार्ड के बाहर भी है। इससे जगह- जगह मच्छर भिनभिना रहे हैं। वार्ड के अंदर उल्टी, दस्त और बुखार के 11 मरीज भर्ती थे। मरीज अहमद ने बताया कि बुखार, पेट दर्द होने की वजह से दो दिन से वार्ड में भर्ती हैं। दिन के समय तो मच्छर कम लगते हैं, लेकिन शाम होते ही मच्छर काटना शुरू कर देते हैं। इसी तरह वार्ड में भर्ती नईक ने बताया कि वार्ड में लगा पंखा तेज नहीं चलता है। इस वजह से मच्छर भिनभिनाते रहते हैं।
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सीएमओ कार्यालय में झाड़ियां
सीएमओ कार्यालय परिसर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का कोई असर नहीं है। कार्यालय परिसर की नालियों में पानी ठहरा हुआ है। शौचालय के पास बड़ी-बड़ी घास हैं। टॉयलेट की सीट टूटी है। जिला अस्पताल और सीएमओ कार्यालय को जोड़ने वाली दीवार के पास भी झाड़ियों का ढेर है।
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अपर निदेशक को भी मिली थी गंदगी
सात अप्रैल को अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. साधना अग्रवाल ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्हें जलभराव व गंदगी मिली थी। इसके बाद भी अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बृहस्पतिवार को भी यहां गंदगी मिली।
नाला सफाई व कटाई की जिम्मेदारी नगर पालिका है। मलेरिया इंस्पेक्टर के माध्यम से झाड़ियां व गंदगी का निरीक्षण करवा कर रिपोर्ट नगर पालिका को भेजी जाएगी। हमारा प्रयास है कि मच्छर न पनपे।
-योगेश सारास्वत, जिला मलेरिया अधिकारी

जिला अस्पताल के इमजरेंसी वार्ड के पास नाली में जमा गंदगी व बैठे मच्छर। संवाद

जिला अस्पताल के इमजरेंसी वार्ड के पास नाली में जमा गंदगी व बैठे मच्छर। संवाद

जिला अस्पताल के इमजरेंसी वार्ड के पास नाली में जमा गंदगी व बैठे मच्छर। संवाद