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Budaun News: पैरावेट ने टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान कार्य का किया बहिष्कार

Fri, 24 Jul 2026 12:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 12:16 AM IST
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Paravets boycotted vaccination and artificial insemination work.
विकास भवन परिसर में टीकाकरण का बहिष्कार करते पैरावेट और पशुमित्र। संवाद
बदायूं। नियमित मानदेय की मांग को लेकर आल पैरावेट पशुमित्र मैत्री कार्यकर्ता सेवा समिति संघ के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को एफएमडी टीकाकरण एवं कृत्रिम गर्भाधान कार्य का बहिष्कार शुरू कर दिया। संघ के पदाधिकारियों ने पशु जनगणना, पुराने टीकाकरण समेत कई मांगों को लेकर प्रभारी सीवीओ को ज्ञापन दिया।
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संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद उपाध्याय ने सीवीओ को दिए पत्र में कहा है कि पशुपालन विभाग में कार्यरत पैरावेट, लेमन-इन्सीमिनेटर मैत्री कई वर्षों से नियमित मानदेय को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। 14 जुलाई 2025 को विभाग के मंत्री के आश्वासन और निर्देश के बाद भी 13 जनवरी को शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। साथ ही पूर्व में पशु गणना, टीकाकरण आदि के रुपये न मिलने से परेशान हैं।
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इसी के चलते बृहस्पतिवार से टीकाकरण और गर्भाधान कार्य बंद कर दिया गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 4 अगस्त तक शासन ने मानदेय को लेकर कोई उचित निर्णय नहीं लिया तो 5 अगस्त को प्रदेश के सभी सदस्य पशुपालन निदेशालय लखनऊ से विधानसभा तक पदयात्रा करेंगे। जीपीओ पार्क में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इस मौके पर संतोष यादव, स्वाति सिंह, गौरव, उमेश कुमार, अरविंद, अतुल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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कार्य बहिष्कार से टीकाकरण का लक्ष्य प्रभावित होने की आशंका
- 9.73 लाख पशुओं के टीकाकरण का मिला है लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। पशुपालन विभाग की रीढ़ माने जाने वाले पैरावेट (सहायक पशु चिकित्सक या पशुमित्र या मैत्री कार्यकर्ता) के टीकाकरण कार्य का बहिष्कार करने से अभियान रुक गया है। इससे एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण अभियान में लक्ष्य पाना विभाग के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होगा। ऐसे में लक्ष्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, जनपद में इस बार 9,73,350 पशुओं को एफएमडी का टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे 22 जुलाई से आठ सितंबर तक पूरा किया जाना है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग ने 26 टीमें गठित की हैं, लेकिन विभाग के पास मौजूदा उपलब्ध कर्मचारियों से इस लक्ष्य को पाना काफी चुनौतीपूर्ण होगा।
अधिकारियों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था से काम कराने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि बिना पैरावेट के सहयोग के तय समय में 9.73 लाख पशुओं का टीकाकरण हो पाना काफी मुश्किल लगता है।
पैरावेट ही गांव-गांव जाकर पशुपालकों को जागरूक करने और टीकाकरण में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो न सिर्फ टीकाकरण अभियान प्रभावित होगा, बल्कि खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारी के फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।




पैरावेट ने पुराना भुगतान न मिलने को लेकर इस बार टीकाकरण करने से मना किया है। हालांकि विभागीय कर्मचारियों की 26 टीमें गांव-गांव जाकर टीकाकरण करेंगी। पैरावेट के बारे में विभाग की ओर से आए निर्देशों के अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा। - डॉ. पूरन चंद्र, सीवीओ
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