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पराली जलाने वालों पर सेटेलाइट के जरिये निगहबानी
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बदायूं। लॉकडाउन के बीच गेहूं की कटाई चल रही है। प्रतिबंध के बावजूद कुछ किसान खेतों में पराली जलाने बाज नहीं आते हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पराली जलाने वालों पर सेटेलाइट के माध्यम से नजर रखी जा रही है।
खेतों में गेहूं पका खड़ा है। बीच-बीच में मौसम का मिजाज बिगड़ जाता है। इसको देखते किसान तेजी से फसल की कटाई में जुटे हैं। किसान इसको लेकर भी आशंकित हैं कि शासन की ओर से किसानों को लॉकडाउन में दी गई छूट कब बंद हो जाए। दूसरे तेजी से बारिश होने पर गेहूं बर्बाद हो जाएगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक जिले में करीब 40 प्रतिशत गेहूं की कटाई हो चुकी है। कृषि विभाग के अधिकारियों को आशंका है कि खेत खाली करने के चक्कर में किसान पराली जलाएंगे। इसको लेकर किसानों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कहना है कि पराली जलाने से खेत की उर्वरक शक्ति कम होने का खतरा रहता है। साथ ही वायु प्रदूषण भी फैलता है।
किसानों को जागरूक किया जा रहा है ताकि वह खेतों में पराली न जलाए। पराली जलाने से खेतों की उर्वरक शक्ति कम हो जाती है। वहीं सेेटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। - डॉ. रामवीर कटारा, उप कृषि निदेशक
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खेतों में गेहूं पका खड़ा है। बीच-बीच में मौसम का मिजाज बिगड़ जाता है। इसको देखते किसान तेजी से फसल की कटाई में जुटे हैं। किसान इसको लेकर भी आशंकित हैं कि शासन की ओर से किसानों को लॉकडाउन में दी गई छूट कब बंद हो जाए। दूसरे तेजी से बारिश होने पर गेहूं बर्बाद हो जाएगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक जिले में करीब 40 प्रतिशत गेहूं की कटाई हो चुकी है। कृषि विभाग के अधिकारियों को आशंका है कि खेत खाली करने के चक्कर में किसान पराली जलाएंगे। इसको लेकर किसानों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने कहना है कि पराली जलाने से खेत की उर्वरक शक्ति कम होने का खतरा रहता है। साथ ही वायु प्रदूषण भी फैलता है।
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किसानों को जागरूक किया जा रहा है ताकि वह खेतों में पराली न जलाए। पराली जलाने से खेतों की उर्वरक शक्ति कम हो जाती है। वहीं सेेटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। - डॉ. रामवीर कटारा, उप कृषि निदेशक
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