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जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर बनती नहीं दिख रही सहमति, प्रमुखों के लिए आने लगे आवेदन
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बदायूं। पंचायत चुनाव के लिए मतगणना में चार दिन ही बाकी हैं। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पदों पर चुनाव होना है। इससे पहले भाजपा में गहमागहमी लगातार बढ़ती जा रही है। दूसरी ओर बसपा और सपा की नजर चुनाव परिणामों पर है। भाजपा में पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव की पत्नी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव, पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव की पत्नी वर्षा यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य की पत्नी रेखा शाक्य को प्रबल दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह की पत्नी का नाम भी चर्चाओं में है। इस बीच इन पदों पर सहमति के लिए भाजपा में कवायद तेज हो गई है।
मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष और 15 ब्लॉक में प्रमुख पदों के लिए भाजपा की वर्चुअल बैठक में चर्चा की गई। हालांकि, अब तक ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए 16 आवेदन आ चुके हैं। आवेदन करने वाले वे लोग हैं जो निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अब भी खींचतान की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, भाजपा जिलाध्यक्ष इंकार कर रहे हैं, लेकिन अंदरखाने आ रहीं खबरों और राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चाओं को मानें तो जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पार्टी में खींचतान है। जिले से लेकर लखनऊ तक खेमाबंदी की जा रही है। दरअसल, पूनम यादव को लेकर अब पार्टी का रवैया काफी नरम होता दिख रहा है। पूनम यादव ने डकारा पुख्ता सीट से भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतगणना के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पार्टी में सहमति बनाई जाएगी।
विधानसभा चुनाव से पहले यादव वोट बैंक पर भाजपा की नजर
अगले साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिले में यादव बिरादरी का बड़ा वोट बैंक हैं। यादव बिरादरी को परंपरागत सपा का वोट बैंक माना जाता है। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की यादव वोट बैंक पर मजबूत पकड़ है। पूर्व सांसद, विधायक और मंत्री डीपी यादव की भी यादव वोट बैंक में अच्छी घुसपैठ है। हाल ही में डीपी यादव दो महीने के लिए शार्ट टाइम बेल पर जेल से बाहर आए हैं। डीपी यादव का भाजपा से भी पुराना नाता रहा है। पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव का संघ के साथ भाजपा से भी गहरा नाता है। सपा सरकार के दौरान भी पूनम यादव जिला पंचायत सीट बचाने में कामयाब रही थीं। इसके साथ ही हरीश शाक्य भी संघ से लेकर विद्यार्थी परिषद और भाजपा संगठन में बड़े पदों पर रहे हैं। जितेंद्र यादव बसपा से एमएलसी रहे थे, लेकिन अब लंबे समय से भाजपा के लिए मेहनत कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव में वह टिकट के बड़े दावेदार भी थे। हालांकि, दावेदार पार्टी के आदेशों पर काम करने की बात कह रहे हैं, लेकिन अंदरखाने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने की कोई कोशिश भी नहीं छोड़ रहे।
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यह बोले दावेदार
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव का कहना है कि उन्होंने पार्टी प्रत्याशी बनने के लिए आवेदन किया था। अंतिम समय तक उनका नाम सूची में नहीं आया। पार्टी नेताओं के कहने पर ही उन्होंने नामांकन भरा और चुनाव लड़ा। वह पूरी तरह से पार्टी लाइन पर काम कर रही हैं। डकारा पुख्ता सीट भाजपा को ही मिलेगी मिलेगी। वह पार्टी की कार्यकर्ता हैं। निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों और का रुख क्या होता है अभी कहा नहीं जा सकता। पार्टी का जो भी आदेश होगा उसको वह मानेंगी।
हरीश शाक्य का कहना है कि उनकी पत्नी रेखा शाक्य जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश करेंगी। भाजपा कार्यकर्ताओं की लोकतांत्रित पार्टी है। सभी कार्यकर्ताओं का हक बनता है कि वह दावेदारी करें। पार्टी और निर्वाचित सदस्यों का क्या रुख होता है यह चुनाव परिणामों के बाद ही साफ होगा।
पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव का कहना है कि विधानसभा चुनाव में उन्होंने दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी के आदेश पर वह चुनाव मैदान में नहीं उतरे। उनकी पत्नी वर्षा यादव को पार्टी ने अधिकृत प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाया है। पार्टी का जो भी आदेश होता है उसका वह मानेंगे।
जिलाध्यक्ष की बात
जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पदों को लेकर पार्टी में विचार हो रहा है। सभी पदों के लिए सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए करीब 16 आवेदन आए हैं। आवेदन करने वाले सभी निर्विरोध निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। अध्यक्ष पद के लिए पार्टी के पास कई चेहरे हैं। दो मई को चुनाव परिणाम आ जाएंगे। पार्टी आला कमान से जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे उनके अनुसार काम किया जाएगा। - अशोक भारती, भाजपा जिलाध्यक्ष
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मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष और 15 ब्लॉक में प्रमुख पदों के लिए भाजपा की वर्चुअल बैठक में चर्चा की गई। हालांकि, अब तक ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए 16 आवेदन आ चुके हैं। आवेदन करने वाले वे लोग हैं जो निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अब भी खींचतान की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, भाजपा जिलाध्यक्ष इंकार कर रहे हैं, लेकिन अंदरखाने आ रहीं खबरों और राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चाओं को मानें तो जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पार्टी में खींचतान है। जिले से लेकर लखनऊ तक खेमाबंदी की जा रही है। दरअसल, पूनम यादव को लेकर अब पार्टी का रवैया काफी नरम होता दिख रहा है। पूनम यादव ने डकारा पुख्ता सीट से भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतगणना के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पार्टी में सहमति बनाई जाएगी।
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विधानसभा चुनाव से पहले यादव वोट बैंक पर भाजपा की नजर
अगले साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। जिले में यादव बिरादरी का बड़ा वोट बैंक हैं। यादव बिरादरी को परंपरागत सपा का वोट बैंक माना जाता है। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की यादव वोट बैंक पर मजबूत पकड़ है। पूर्व सांसद, विधायक और मंत्री डीपी यादव की भी यादव वोट बैंक में अच्छी घुसपैठ है। हाल ही में डीपी यादव दो महीने के लिए शार्ट टाइम बेल पर जेल से बाहर आए हैं। डीपी यादव का भाजपा से भी पुराना नाता रहा है। पूर्व एमएलसी भारत सिंह यादव का संघ के साथ भाजपा से भी गहरा नाता है। सपा सरकार के दौरान भी पूनम यादव जिला पंचायत सीट बचाने में कामयाब रही थीं। इसके साथ ही हरीश शाक्य भी संघ से लेकर विद्यार्थी परिषद और भाजपा संगठन में बड़े पदों पर रहे हैं। जितेंद्र यादव बसपा से एमएलसी रहे थे, लेकिन अब लंबे समय से भाजपा के लिए मेहनत कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव में वह टिकट के बड़े दावेदार भी थे। हालांकि, दावेदार पार्टी के आदेशों पर काम करने की बात कह रहे हैं, लेकिन अंदरखाने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने की कोई कोशिश भी नहीं छोड़ रहे।
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यह बोले दावेदार
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव का कहना है कि उन्होंने पार्टी प्रत्याशी बनने के लिए आवेदन किया था। अंतिम समय तक उनका नाम सूची में नहीं आया। पार्टी नेताओं के कहने पर ही उन्होंने नामांकन भरा और चुनाव लड़ा। वह पूरी तरह से पार्टी लाइन पर काम कर रही हैं। डकारा पुख्ता सीट भाजपा को ही मिलेगी मिलेगी। वह पार्टी की कार्यकर्ता हैं। निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों और का रुख क्या होता है अभी कहा नहीं जा सकता। पार्टी का जो भी आदेश होगा उसको वह मानेंगी।
हरीश शाक्य का कहना है कि उनकी पत्नी रेखा शाक्य जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश करेंगी। भाजपा कार्यकर्ताओं की लोकतांत्रित पार्टी है। सभी कार्यकर्ताओं का हक बनता है कि वह दावेदारी करें। पार्टी और निर्वाचित सदस्यों का क्या रुख होता है यह चुनाव परिणामों के बाद ही साफ होगा।
पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव का कहना है कि विधानसभा चुनाव में उन्होंने दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी के आदेश पर वह चुनाव मैदान में नहीं उतरे। उनकी पत्नी वर्षा यादव को पार्टी ने अधिकृत प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाया है। पार्टी का जो भी आदेश होता है उसका वह मानेंगे।
जिलाध्यक्ष की बात
जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पदों को लेकर पार्टी में विचार हो रहा है। सभी पदों के लिए सहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ब्लॉक प्रमुख पदों के लिए करीब 16 आवेदन आए हैं। आवेदन करने वाले सभी निर्विरोध निर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। अध्यक्ष पद के लिए पार्टी के पास कई चेहरे हैं। दो मई को चुनाव परिणाम आ जाएंगे। पार्टी आला कमान से जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे उनके अनुसार काम किया जाएगा। - अशोक भारती, भाजपा जिलाध्यक्ष